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त्रिपुरा का 'लक्ष्य 2047' नीति आयोग में पेश, सीएम माणिक साहा ने अगरतला एम्स और वंदे भारत की रखी माँग

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त्रिपुरा का 'लक्ष्य 2047' नीति आयोग में पेश, सीएम माणिक साहा ने अगरतला एम्स और वंदे भारत की रखी माँग

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने नीति आयोग में 'लक्ष्य 2047' पेश कर राज्य को एआई सिटी, फार्मा हब और बेहतर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जोड़ने की महत्वाकांक्षा ज़ाहिर की। साथ ही अगरतला में एम्स और वंदे भारत एक्सप्रेस की माँग से स्पष्ट है कि राज्य केंद्र के समर्थन के बिना यह सफर पूरा नहीं कर सकता।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 12 जून 2026 को नीति आयोग की बैठक में त्रिपुरा का विजन डॉक्यूमेंट 'लक्ष्य 2047' प्रस्तुत किया।
व्यवसाय सुगमता में त्रिपुरा ने चरण-1 और चरण-2 दोनों में सभी राज्यों व जम्मू-कश्मीर के बीच पहला स्थान हासिल किया।
सीएम ने अगरतला-अखौरा रेल लिंक , सबरूम-रामगढ़ चेक पोस्ट और अगरतला-गुवाहाटी वंदे भारत शुरू करने की माँग रखी।
अगरतला को एआई सिटी और त्रिपुरा को फार्मास्यूटिकल व मेडटेक हब बनाने का लक्ष्य घोषित।
अगरतला में एम्स स्थापित करने की माँग दोहराई; आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता माँगी।
बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी सहित आयोग के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 12 जून 2026 को नई दिल्ली में नीति आयोग द्वारा आयोजित पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों की बैठक में राज्य का दीर्घकालिक विकास रोडमैप 'लक्ष्य 2047' प्रस्तुत किया। इस रोडमैप में बेहतर कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य अवसंरचना, निवेश आकर्षण और सुशासन को केंद्र में रखा गया है।

लक्ष्य 2047: विजन डॉक्यूमेंट की मुख्य रूपरेखा

मुख्यमंत्री साहा ने बताया कि 'लक्ष्य 2047' एक 'उन्नत और श्रेष्ठ' त्रिपुरा के निर्माण का खाका है। इसका उद्देश्य बेहतर प्रशासन, मज़बूत संस्थागत ढाँचा और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए भविष्य के लिए तैयार राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में त्रिपुरा ने प्रशासनिक सुधार, डिजिटल परिवर्तन, निवेश प्रोत्साहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

विशेष रूप से, व्यवसाय सुगमता और नियमों को सरल बनाने के मामले में त्रिपुरा ने चरण-1 और चरण-2 दोनों में सभी राज्यों और जम्मू-कश्मीर के बीच पहला स्थान हासिल किया है — यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो राज्य की निवेश-मित्र छवि को रेखांकित करती है।

कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर केंद्र से सहयोग की माँग

भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में बेहतर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के लिए केंद्र का सहयोग माँगा। उन्होंने सबरूम-रामगढ़ इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और अगरतला-अखौरा रेल लिंक को जल्द शुरू करने की माँग रखी। इसके अलावा अगरतला-चटगाँव सीधी हवाई सेवा, कैलाशहर हवाई अड्डे के पुनर्जीवन, रेलवे ढाँचे के विस्तार और अगरतला-गुवाहाटी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर को 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने की कोशिश कर रही है। अगरतला-अखौरा रेल लिंक और सबरूम चेक पोस्ट इस रणनीति के अहम कड़ी हैं।

अगरतला को AI सिटी और फार्मा हब बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री साहा ने अगरतला को 'एआई सिटी' के रूप में विकसित करने और त्रिपुरा को फार्मास्यूटिकल तथा मेडटेक हब बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्रस्तुत किया। उन्होंने त्रिपुरा इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन, त्रिपुरा अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी, इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी ऑफ त्रिपुरा और गुड गवर्नेंस डिपार्टमेंट जैसी संस्थाओं की भूमिका का भी उल्लेख किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र: एम्स की माँग और आयुष्मान भारत पर ज़ोर

स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के कारण राज्य से बाहर मरीजों के रेफरल में कमी आई है। उन्होंने अगरतला में एम्स (AIIMS) स्थापित करने की माँग दोहराई और आयुष्मान भारत योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता का अनुरोध किया।

गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के कई राज्यों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की कमी के चलते मरीजों को कोलकाता और गुवाहाटी जाना पड़ता है। अगरतला में एम्स की स्थापना इस क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

नीति आयोग की बैठक और आगे की राह

बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी और आयोग के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उसके मार्गदर्शन और सहयोग से त्रिपुरा विकास के नए आयाम छू रहा है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इन प्रस्तावों पर कितनी तेज़ी से कार्रवाई करती है और 'लक्ष्य 2047' की महत्वाकांक्षाएँ ज़मीन पर कितनी उतरती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी अधिकांश माँगें — एम्स, वंदे भारत, अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा — वर्षों से पूर्वोत्तर राज्यों की बैठकों में दोहराई जाती रही हैं। असली सवाल यह है कि इन प्रस्तावों को नीति आयोग की सिफारिश से केंद्रीय बजट आवंटन तक पहुँचने में कितना समय लगता है। व्यवसाय सुगमता में पहला स्थान प्रभावशाली है, पर निवेश तब आता है जब कनेक्टिविटी और बाज़ार तक पहुँच सुनिश्चित हो — और वही अभी सबसे बड़ी कमी है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा का 'लक्ष्य 2047' विजन डॉक्यूमेंट क्या है?
'लक्ष्य 2047' त्रिपुरा सरकार का दीर्घकालिक विकास रोडमैप है, जिसे मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 12 जून 2026 को नीति आयोग की बैठक में प्रस्तुत किया। इसका उद्देश्य बेहतर प्रशासन, डिजिटल परिवर्तन, निवेश प्रोत्साहन, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के ज़रिये 2047 तक एक 'उन्नत और श्रेष्ठ' त्रिपुरा बनाना है।
सीएम माणिक साहा ने नीति आयोग से कौन-सी प्रमुख माँगें रखीं?
मुख्यमंत्री ने अगरतला में एम्स स्थापित करने, अगरतला-गुवाहाटी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने, अगरतला-अखौरा रेल लिंक को जल्द चालू करने और अगरतला-चटगाँव सीधी हवाई सेवा की माँग रखी। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता का अनुरोध भी किया।
त्रिपुरा को व्यवसाय सुगमता में पहला स्थान कैसे मिला?
त्रिपुरा ने व्यवसाय सुगमता और नियमों को सरल बनाने के मामले में चरण-1 और चरण-2 दोनों मूल्यांकनों में सभी राज्यों और जम्मू-कश्मीर के बीच पहला स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रशासनिक सुधार और गुड गवर्नेंस विभाग की सक्रिय भूमिका इसके पीछे प्रमुख कारण रहे।
अगरतला को 'एआई सिटी' बनाने की योजना क्या है?
मुख्यमंत्री साहा ने अगरतला को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित 'एआई सिटी' के रूप में विकसित करने का लक्ष्य 'लक्ष्य 2047' के तहत रखा है। साथ ही त्रिपुरा को फार्मास्यूटिकल और मेडटेक हब बनाने की भी योजना है, हालाँकि इसके विस्तृत क्रियान्वयन का ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
अगरतला-अखौरा रेल लिंक का क्या महत्व है?
अगरतला-अखौरा रेल लिंक भारत और बांग्लादेश के बीच एक महत्वपूर्ण रेल संपर्क है जो त्रिपुरा को सीधे बांग्लादेश के रेल नेटवर्क से जोड़ेगा। यह 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने की रणनीति का अहम हिस्सा है और व्यापार व पर्यटन दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
राष्ट्र प्रेस
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