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चतरा में टीएसपीसी उग्रवादी नरेश गंझू गिरफ्तार, छह आपराधिक मामलों में था वांछित

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चतरा में टीएसपीसी उग्रवादी नरेश गंझू गिरफ्तार, छह आपराधिक मामलों में था वांछित

सारांश

चतरा में नक्सल विरोधी ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू के करीबी नरेश गंझू को उसके पैतृक गाँव के पास जंगलों में घेरकर दबोचा। छह आपराधिक मामलों में वांछित इस उग्रवादी पर हत्या, अपहरण और यूएपीए के तहत आरोप हैं।

मुख्य बातें

चतरा जिला पुलिस और एसएसबी की 35वीं वाहिनी ने 20 जुलाई को संयुक्त ऑपरेशन में टीएसपीसी उग्रवादी नरेश गंझू उर्फ रविकांत को गिरफ्तार किया।
नरेश गंझू, टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू का करीबी सहयोगी बताया जाता है।
आरोपी के खिलाफ चतरा और लातेहार जिलों के विभिन्न थानों में कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपों में हत्या, अपहरण, रंगदारी वसूली, पुलिस पर हमला, अवैध हथियार और यूएपीए शामिल हैं।
गिरफ्तारी लावालौंग थाना क्षेत्र के गाँव मंधनिया के पास जंगल में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में हुई।
उग्रवादी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

झारखंड के चतरा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को 20 जुलाई को बड़ी कामयाबी मिली, जब प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के वांछित सदस्य नरेश गंझू उर्फ रविकांत को पुलिस ने दबोच लिया। नरेश गंझू, टीएसपीसी के शीर्ष नेता ब्रजेश गंझू का करीबी सहयोगी बताया जाता है और लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार था।

ऑपरेशन का घटनाक्रम

सिमरिया के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) नागरगोजे शुभम भाऊ साहब के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नरेश गंझू लावालौंग थाना क्षेत्र के अपने पैतृक गाँव मंधनिया में मौजूद है। इस सूचना के आधार पर चतरा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।

पुलिस और सुरक्षा बलों ने मंधनिया गाँव के निकट के जंगलों को चारों ओर से घेर लिया। खुद को घिरा देख भागने की कोशिश कर रहे नरेश गंझू को जवानों ने मुस्तैदी से पकड़ लिया। इस ऑपरेशन में लावालौंग थाना पुलिस, सशस्त्र बल के जवान और एसएसबी की 35वीं वाहिनी की टीम शामिल थी।

आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नरेश गंझू के खिलाफ चतरा और लातेहार जिले के विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं के तहत कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें लातेहार के बालूमाथ थाने में दो, चतरा के लावालौंग थाने में दो, तथा कुंदा और सिमरिया थाने में एक-एक मामला शामिल है।

उस पर हत्या, अपहरण, लेवी (रंगदारी) वसूली, पुलिस दलों पर जानलेवा हमले, अवैध हथियार व गोला-बारूद रखने तथा गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत कई संगीन आरोप हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहब ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। यह गिरफ्तारी झारखंड में चल रहे व्यापक नक्सल विरोधी अभियान की एक अहम कड़ी मानी जा रही है।

क्या होगा आगे

नरेश गंझू की गिरफ्तारी से टीएसपीसी के नेटवर्क पर शिकंजा कसने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान संगठन की गतिविधियों और अन्य सक्रिय सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। गौरतलब है कि चतरा और लातेहार जिले लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे हैं, और सुरक्षा बलों का यह ऑपरेशन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाली की दिशा में एक ठोस कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि टीएसपीसी जैसे संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक कब पहुँचा जाएगा। ब्रजेश गंझू जैसे सुप्रीमो अभी भी सक्रिय हैं, और सहयोगियों की गिरफ्तारी से नेटवर्क कमज़ोर ज़रूर होता है, पर समाप्त नहीं। चतरा और लातेहार जैसे जिलों में वामपंथी उग्रवाद की जड़ें सामाजिक-आर्थिक असमानता में भी हैं, जिन पर केवल पुलिस कार्रवाई से काबू पाना सीमित परिणाम देता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरेश गंझू कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
नरेश गंझू उर्फ रविकांत प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी का सक्रिय सदस्य है और टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू का करीबी सहयोगी बताया जाता है। उसके खिलाफ चतरा और लातेहार जिलों में हत्या, अपहरण, रंगदारी और यूएपीए सहित छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
नरेश गंझू की गिरफ्तारी कैसे हुई?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि नरेश गंझू लावालौंग थाना क्षेत्र के अपने पैतृक गाँव मंधनिया में है। इसके बाद चतरा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहब के नेतृत्व में विशेष दल ने जंगल को घेरकर उसे पकड़ लिया।
इस ऑपरेशन में कौन-कौन से बल शामिल थे?
इस संयुक्त ऑपरेशन में लावालौंग थाना पुलिस, सशस्त्र बल के जवान और एसएसबी की 35वीं वाहिनी की टीम शामिल थी। ऑपरेशन का नेतृत्व सिमरिया के एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहब ने किया।
नरेश गंझू पर कितने और किन थानों में मामले दर्ज हैं?
नरेश गंझू पर कुल छह मामले दर्ज हैं — लातेहार के बालूमाथ थाने में दो, चतरा के लावालौंग थाने में दो, और कुंदा व सिमरिया थाने में एक-एक। आरोपों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, पुलिस पर हमला, अवैध हथियार और यूएपीए शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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