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ट्विशा शर्मा केस: गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, सीबीआई ने नहीं माँगी पुलिस रिमांड

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ट्विशा शर्मा केस: गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, सीबीआई ने नहीं माँगी पुलिस रिमांड

सारांश

ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई ने पुलिस रिमांड नहीं माँगी और भोपाल अदालत ने गिरिबाला सिंह व समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सुनवाई में मीडिया ट्रायल पर आपत्ति और जबलपुर कोर्ट में मारपीट के आरोप ने मामले को नया मोड़ दिया।

मुख्य बातें

भोपाल अदालत ने 2 जून 2026 को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
सीबीआई ने रिमांड अवधि समाप्त होने पर आगे की पुलिस रिमांड माँगने से इनकार किया।
गिरिबाला सिंह ने अदालत में मीडिया ट्रायल पर गंभीर आपत्ति जताई और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।
सीन-रीक्रिएशन के दौरान मीडिया को फुटेज उपलब्ध कराने पर भी गिरिबाला ने सवाल उठाए।
गिरिबाला ने आरोप लगाया कि जबलपुर कोर्ट परिसर में समर्थ सिंह के साथ मारपीट हुई; ट्विशा पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज जाँच की माँग की।

ट्विशा शर्मा केस में भोपाल की अदालत ने मंगलवार, 2 जून 2026 को गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिमांड अवधि समाप्त होने पर दोनों के लिए आगे की पुलिस रिमांड माँगने से इनकार कर दिया, जिसके बाद अदालत ने यह आदेश पारित किया।

मुख्य घटनाक्रम

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि फिलहाल एजेंसी न्यायिक रिमांड की माँग कर रही है। जाँच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आगे की जाँच में आवश्यकता महसूस हुई, तो पुलिस रिमांड की माँग की जा सकती है। इस घोषणा के बाद अदालत ने दोनों अभियुक्तों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

गिरिबाला की मीडिया ट्रायल पर आपत्ति

गिरिबाला सिंह ने सुनवाई के दौरान अदालत में मीडिया कवरेज को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि वे जहाँ भी जाती हैं, मीडिया उनके पीछे पहुँच जाती है, जिससे उनके परिवार की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। गिरिबाला ने अदालत से अनुरोध किया कि इस प्रकार की कवरेज पर रोक लगाई जाए, यह कहते हुए कि उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा महसूस हो रहा है।

गिरिबाला ने हाल ही में हुए सीन-रीक्रिएशन को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, उस दौरान उन्हें उनके घर से करीब तीन मकान पहले वाहन से उतारा गया और मीडिया को इसकी फुटेज उपलब्ध कराई गई। उनका तर्क था कि यदि जाँच एजेंसी को उनके घर तक जाना था, तो वाहन सीधे घर के सामने भी रोका जा सकता था।

जबलपुर कोर्ट परिसर में मारपीट का आरोप

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस भी हुई। इसी दौरान गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ जबलपुर कोर्ट परिसर में मारपीट की गई थी।

इस दावे पर ट्विशा पक्ष के वकीलों ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने अदालत में कहा कि जबलपुर कोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और यदि ऐसी कोई घटना हुई है, तो फुटेज की जाँच कराई जा सकती है। वकीलों ने यह भी कहा कि समर्थ सिंह को स्पष्ट करना चाहिए कि वे उस समय कोर्ट परिसर में कहाँ मौजूद थे।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

अब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में रहेंगे, जबकि सीबीआई की जाँच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। यह मामला मध्य प्रदेश में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाली सुनवाइयों में नए तथ्य सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जाँच अभी किस दिशा में जा रही है, यह स्पष्ट नहीं है। गिरिबाला सिंह की मीडिया ट्रायल पर आपत्ति एक वैध संवैधानिक प्रश्न उठाती है — जाँच के दौरान आरोपी के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार और मीडिया की स्वतंत्रता के बीच संतुलन कहाँ होना चाहिए। जबलपुर कोर्ट में मारपीट का आरोप अभी सत्यापित नहीं है, और सीसीटीवी फुटेज माँग एक उचित प्रतिक्रिया है जिसे अदालत को गंभीरता से लेना चाहिए। यह मामला अब केवल अपराध की जाँच नहीं रहा — यह जाँच प्रक्रिया की पारदर्शिता और मीडिया आचरण पर भी एक परीक्षण बनता जा रहा है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा केस में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत में क्यों भेजा गया?
सीबीआई ने उनकी पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने पर आगे की पुलिस रिमांड माँगने से इनकार कर दिया, जिसके बाद भोपाल अदालत ने 2 जून 2026 को दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
गिरिबाला सिंह ने मीडिया ट्रायल पर क्या आपत्ति जताई?
गिरिबाला सिंह ने अदालत में कहा कि मीडिया हर जगह उनका पीछा कर रही है, जिससे उनके परिवार की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने अदालत से ऐसी कवरेज पर रोक लगाने का अनुरोध किया।
सीन-रीक्रिएशन को लेकर गिरिबाला ने क्या सवाल उठाए?
गिरिबाला ने आरोप लगाया कि सीन-रीक्रिएशन के दौरान उन्हें घर से तीन मकान पहले उतारा गया और मीडिया को फुटेज उपलब्ध कराई गई, जो उनके अनुसार अनावश्यक था।
जबलपुर कोर्ट में मारपीट के आरोप पर ट्विशा पक्ष ने क्या कहा?
ट्विशा पक्ष के वकीलों ने इस दावे का कड़ा विरोध किया और कहा कि जबलपुर कोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनकी फुटेज जाँच कराई जा सकती है। उन्होंने समर्थ सिंह से यह स्पष्ट करने की माँग की कि वे उस समय कहाँ थे।
ट्विशा शर्मा केस में आगे क्या होगा?
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह अब 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रहेंगे। सीबीआई ने संकेत दिया है कि यदि जाँच में ज़रूरत पड़ी तो भविष्य में पुलिस रिमांड माँगी जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई में नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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