यूसीसी विरोध पर आचार्य प्रमोद कृष्णम का ओवैसी पर पलटवार: 'पहले इस्लाम की शिक्षा समझें'
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद, 16 सितंबर 2026 — यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की आपत्तियों के जवाब में धर्मगुरु एवं राजनीतिक टिप्पणीकार आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तीखा पलटवार किया है। उनका कहना है कि यूसीसी का विरोध करने से पहले ओवैसी को इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं और समानता के सिद्धांत को ध्यान से पढ़ना चाहिए। कृष्णम ने यूसीसी को सनातन और इस्लाम, दोनों की मूल भावना के अनुरूप बताया।
यूसीसी पर कृष्णम का तर्क
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि यूसीसी देश के सभी नागरिकों को धर्म, जाति, भाषा, रंग या आर्थिक स्थिति से इतर समान अधिकार देने की दिशा में काम करता है। उनके अनुसार, इस्लाम स्वयं समानता की बात स्पष्ट रूप से करता है, इसलिए ओवैसी का यूसीसी-विरोध उनकी अपनी धार्मिक विरासत से विरोधाभासी है। कृष्णम ने ओवैसी से अपील की कि वे पहले इस्लामी शिक्षाओं को समझें और फिर अपना रुख तय करें।
अमित शाह और मोदी पर टिप्पणी
कृष्णम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हनुमान' से की। उन्होंने कहा कि ओवैसी और उनके समर्थक अमित शाह से उसी भय से ग्रस्त हैं, जैसे — उनके कथन के अनुसार — लंका के राक्षस हनुमान से डरते थे। यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अखिलेश यादव और 'पीडीए' पर हमला
यूसीसी को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी कृष्णम ने निशाना साधा। उनका कहना है कि अखिलेश यादव को अब खुद एहसास हो गया है कि उनकी 'पीडीए' (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) राजनीति प्रभावशाली नहीं रही, इसलिए वे नए मुद्दों की तलाश में हैं। कृष्णम ने 'पीडीए' को 'प्रोपेगेंडा, पाखंड, ड्रामेबाजी और अराजकतावाद' की संज्ञा दी। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अखिलेश यादव को 2027 के बजाय 2032 के विधानसभा चुनाव की तैयारी करनी चाहिए।
लोहिया ट्रस्ट की कमान अखिलेश को मिलने पर कृष्णम ने इसे राम मनोहर लोहिया की विचारधारा से बड़ा विरोधाभास बताया। उनके अनुसार, मुलायम सिंह यादव से लेकर शिवपाल यादव तक कई वरिष्ठ नेताओं को पार्टी में धीरे-धीरे हाशिये पर किया गया, और अखिलेश ने एकछत्र नेतृत्व स्थापित करने को चुनाव जीतने से ऊपर रखा।
कांग्रेस पर तीखे आरोप
उमर खालिद को लेकर कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी पर कृष्णम ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर ऐसी बयानबाजी बढ़ रही है जो उनके शब्दों में 'राष्ट्रहित के विरुद्ध' है। कृष्णम ने अजमल कसाब, हाफिज सईद, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के नाम लेते हुए चेताया कि इस प्रवृत्ति के जारी रहने पर पार्टी के नेता आतंकवाद से जुड़े व्यक्तियों को भी देशभक्त ठहराने लगेंगे।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब यूसीसी को लेकर देश में व्यापक बहस जारी है। गौरतलब है कि उत्तराखंड पहले ही यूसीसी लागू कर चुका है और केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर पर लाने की दिशा में विचार-विमर्श में है। ऐसे में विभिन्न दलों और नेताओं के बीच यूसीसी पर तीखी नोकझोंक सियासी परिदृश्य को और गर्म बना रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखे बयान और प्रतिक्रियाएँ सामने आने की संभावना है।