4 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी बाढ़: 26 जिलों में 3.53 लाख प्रभावित, 17,544 लोगों को सुरक्षित निकाला — अब तक कोई जनहानि नहीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी बाढ़: 26 जिलों में 3.53 लाख प्रभावित, 17,544 लोगों को सुरक्षित निकाला — अब तक कोई जनहानि नहीं

सारांश

उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में 3.53 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं, फिर भी युद्धस्तरीय राहत अभियान ने अब तक जनहानि शून्य रखी है। 17,544 लोगों को निकाला जा चुका है, 1,068 मेडिकल टीमें और 1,697 नावें मैदान में हैं — यह राहत तंत्र की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती में से एक है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ से करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित, 4 सितंबर 2025 तक कोई जनहानि नहीं।
अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया; 4,847 लोग बाढ़ शरणालयों में।
प्रदेश में 1,312 बाढ़ शरणालय , 1,634 बाढ़ चौकियाँ , 1,697 नाव-मोटरबोट और 1,068 मेडिकल टीमें सक्रिय।
72,897 राहत खाद्यान्न पैकेट और 3,67,551 लंच पैकेट वितरित; 5.52 लाख क्लोरीन टैबलेट और 1.87 लाख ORS पैकेट भी बाँटे गए।
45,000 से अधिक पशु प्रभावित, लेकिन पशु हानि की भी कोई सूचना नहीं।

उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच 4 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री के निर्देश पर राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। उत्तर प्रदेश बाढ़ राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, करीब 3.53 लाख की आबादी बाढ़ की चपेट में है, फिर भी अब तक कोई जन या पशु हानि दर्ज नहीं की गई है। अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।

राहत अभियान का दायरा

प्रदेश में कुल 1,312 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें अभी 4,847 लोग शरण लिए हुए हैं। राहत कार्यों को गति देने के लिए 1,634 बाढ़ चौकियाँ, 1,697 नाव एवं मोटरबोट और 1,068 मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। इन संसाधनों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों तक तत्काल सहायता पहुँचाई जा रही है।

राहत सामग्री वितरण

विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक 72,897 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और 3,67,551 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। पशुओं के लिए 5,000 क्विंटल से अधिक भूसा भी बाँटा गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.87 लाख से अधिक ORS पैकेट वितरित किए जा चुके हैं, ताकि जलजनित बीमारियों को रोका जा सके।

पशुधन की स्थिति

बाढ़ से 45,000 से अधिक पशु प्रभावित हैं, लेकिन अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी पशु की मृत्यु की सूचना नहीं मिली है। यह राहत तंत्र की सक्रियता का संकेत है, जो मानव जीवन के साथ-साथ पशुधन की सुरक्षा पर भी ध्यान दे रहा है।

प्रभावित जिले

बाढ़ की चपेट में आए 26 जिलों में अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूँ, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहाँपुर, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत में मानसून की तीव्रता असामान्य रूप से अधिक रही है, जिससे नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

आगे की स्थिति

गौरतलब है कि बाढ़ राहत आयुक्त कार्यालय की निगरानी में सभी प्रभावित जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राहत कार्यों की निरंतरता और जनहानि शून्य रहने की स्थिति बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब बाढ़ का पानी उतरेगा और पुनर्वास की ज़िम्मेदारी शुरू होगी। गौरतलब है कि 3.53 लाख प्रभावितों में से केवल 4,847 शरणालयों में हैं — शेष की स्थिति और उन तक राहत की पहुँच पर पारदर्शी डेटा अभी भी अनुपस्थित है। हर वर्ष यही 26 जिले बाढ़ की चपेट में आते हैं, जो दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन नीति की सीमाओं को उजागर करता है। राहत वितरण के आँकड़े प्रभावशाली हैं, पर स्थायी समाधान के बिना यह चक्र अगले मानसून में फिर दोहराया जाएगा।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में बाढ़ से कितने जिले और लोग प्रभावित हैं?
बाढ़ राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 4 सितंबर 2025 को प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ का असर है और करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हैं। अब तक कोई जनहानि दर्ज नहीं की गई है।
यूपी बाढ़ में अब तक कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया है?
अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। इनमें से 4,847 लोग अभी भी प्रदेश में स्थापित 1,312 बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों को क्या-क्या राहत सामग्री दी जा रही है?
प्रभावित परिवारों को 72,897 राहत खाद्यान्न पैकेट और 3,67,551 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट, 1.87 लाख से अधिक ORS पैकेट और पशुओं के लिए 5,000 क्विंटल से अधिक भूसा भी बाँटा गया है।
यूपी बाढ़ राहत अभियान में कितने संसाधन तैनात हैं?
राहत अभियान में 1,634 बाढ़ चौकियाँ, 1,697 नाव एवं मोटरबोट और 1,068 मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। यह तैनाती प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी और तत्काल सहायता सुनिश्चित कर रही है।
उत्तर प्रदेश के कौन-से जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं?
बाढ़ से प्रभावित 26 जिलों में अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी और गाजीपुर सहित अन्य जिले शामिल हैं। ये जिले प्रतिवर्ष मानसून के दौरान बाढ़ की चपेट में आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले