यूपी में सरकारी भवनों, अस्पतालों और पुलिस लाइन्स में एलपीजी की जगह पीएनजी कनेक्शन, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी भवनों, अस्पतालों, पुलिस लाइन्स और शासकीय कॉलोनियों में एलपीजी सिलेंडर की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। 6 नवंबर 2026 को लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय समिति की बैठक में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने संबंधित विभागों और गैस वितरण कंपनियों को लंबित अनुमतियों के त्वरित निस्तारण तथा नए कनेक्शन जारी करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। प्रदेश की हाईराइज इमारतों में भी पीएनजी कनेक्शन का दायरा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में क्या हुए अहम फैसले
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार और पीएनजी कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने को शासन की प्राथमिकता घोषित किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और गैस वितरण कंपनियों को परस्पर समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा।
सीजीडी कंपनियों के लंबित आवेदनों पर सभी संबंधित विभागों को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक अनुमतियाँ और अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। पाइपलाइन नेटवर्क विस्तार में अनावश्यक विलंब रोकने के लिए औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी करने पर बल दिया गया।
गैस वितरण कंपनियों को निर्देश
मुख्य सचिव ने गैस वितरण कंपनियों को निर्देश दिया कि जिला प्रशासन और संबंधित प्राधिकारियों की ओर से जारी डिमांड नोट, प्रतिभूति धनराशि जमा कराने और अन्य औपचारिकताओं से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए। इनकी अद्यतन स्थिति नोडल एजेंसी जीजीएल को उपलब्ध कराई जाए।
कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने निर्धारित क्षेत्रों में अधिक से अधिक घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पीएनजी कनेक्शन पहुँचाने के लिए विशेष अभियान चलाएँ। पीएनजी कनेक्शन स्थापित होने के बाद संबंधित उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन समर्पित कराने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
हाईराइज भवनों और सरकारी संस्थानों पर विशेष ध्यान
नगर विकास प्राधिकरणों और नगर निकायों के अंतर्गत आने वाली हाईराइज इमारतों में पीएनजी कनेक्शन का विस्तार करने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और भवन स्वामियों के समूहों के साथ बैठकें आयोजित कर उन्हें पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारियों, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों और नगर निगम आयुक्तों के लक्ष्य निर्धारित कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने को कहा गया। छूट प्राप्त श्रेणी के अंतर्गत आने वाले पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों और शैक्षणिक संस्थानों में एलपीजी सिलेंडरों के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। राज्य संपत्ति विभाग के अधीन सभी सरकारी भवनों, गेस्ट हाउसों, जिलाधिकारी परिसरों और अन्य सरकारी अतिथि गृहों में भी पीएनजी कनेक्शन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पीएनजी ड्राइव-3.0 का क्रियान्वयन
बैठक में केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए पीएनजी ड्राइव-3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके तहत नए पीएनजी कनेक्शन जारी करने के साथ-साथ निष्क्रिय पड़े कनेक्शनों को पुनः सक्रिय करने और नए कनेक्शनों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने और एलपीजी सब्सिडी के बोझ को कम करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। जिला स्तरीय समितियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने जनपदों में पीएनजी कनेक्शन स्थापना की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप विभागों तथा गैस वितरण कंपनियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखें।
आगे की राह
मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों और विभागों को अभियान के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सभी आवश्यक कार्रवाई समयसीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि पीएनजी न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित और किफायती भी मानी जाती है। उत्तर प्रदेश में सीजीडी नेटवर्क के व्यापक विस्तार से शहरी और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में लाखों परिवारों को सस्ती और निर्बाध रसोई गैस आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है।