उत्तर प्रदेश में खनिज खनन से राजस्व में वृद्धि, सोनभद्र का प्रमुख योगदान

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उत्तर प्रदेश में खनिज खनन से राजस्व में वृद्धि, सोनभद्र का प्रमुख योगदान

सारांश

उत्तर प्रदेश के खनिज एवं उपखनिज खनन में हुई वृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूती की ओर बढ़ रही है। सोनभद्र की प्रमुखता इस प्रक्रिया में स्पष्ट दिखाई दे रही है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश में खनिज संसाधनों का संतुलित उपयोग हो रहा है।
फरवरी माह में राजस्व संग्रह २५४३.४२ करोड़ रुपए रहा।
सोनभद्र ने खनिज खनन में सबसे अधिक योगदान दिया है।
अवैध खनन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन राजस्व संग्रहण में सुधार ला रहा है।

लखनऊ, २२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश का भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृष्टिकोण के अनुसार खनिज संसाधनों का संतुलित और सतत उपयोग करने के लिए प्रयासरत है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था में अधिकतम योगदान किया जा सके।

हाल ही में, विभाग द्वारा आयोजित एक मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में फरवरी माह के राजस्व संग्रह के आंकड़े जारी किए गए, जिनके अनुसार प्रदेश के खनिज संपदा से संपन्न प्रमुख दस जनपदों से लगभग २५४३.४२ करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जिसमें सबसे अधिक योगदान सोनभद्र जनपद का रहा है। महोबा, हमीरपुर, झांसी और जालौन जनपद भी खनन आधारित राजस्व में महत्वपूर्ण रहे हैं।

भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग अवैध खनन पर कड़ी निगरानी रखते हुए और पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए राजस्व संग्रह में वृद्धि सुनिश्चित कर रहा है। इस क्रम में सोनभद्र जनपद ने फरवरी माह में सर्वाधिक राजस्व पाया है।

सोनभद्र ने मुख्य खनिजों के खनन से ४०२.७९ करोड़ रुपए तथा उपखनिजों के खनन से २७५.४९ करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया। महोबा ने ३९४.९ करोड़ रुपए, हमीरपुर ने ३८९.६१ करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया, जबकि झांसी से २१५.८३ करोड़ रुपए, जालौन से २२५.६२ करोड़ रुपए और सहारनपुर से २२७.५८ करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई।

अन्य प्रमुख जनपदों में बांदा ने २०९.९८ करोड़ रुपए और प्रयागराज ने १३६.९ करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया। फतेहपुर और कौशांबी ने क्रमशः ४०.३१ करोड़ रुपए और २४.४१ करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया। समीक्षा बैठक में जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के दस प्रमुख खनिज संपन्न जिलों से फरवरी माह में लगभग २५४३.४२ करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो विभागीय प्रयासों और सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था का परिणाम है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए खनन गतिविधियों की सतत निगरानी और खनन पट्टों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है, जिससे राजस्व संग्रहण में सुधार हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से सोनभद्र का योगदान इसे और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में खनिज खनन से राजस्व में वृद्धि का कारण क्या है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार खनिज संसाधनों का सतत और संतुलित उपयोग किया जा रहा है, जिससे राजस्व में वृद्धि हो रही है।
कौन सा जनपद खनिज खनन में सबसे अधिक राजस्व अर्जित कर रहा है?
सोनभद्र जनपद खनिज खनन से सबसे अधिक राजस्व अर्जित कर रहा है।
फरवरी माह में प्रदेश में कुल कितना राजस्व प्राप्त हुआ?
फरवरी माह में प्रदेश के प्रमुख दस जनपदों से लगभग २५४३.४२ करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
खनन विभाग अवैध खनन पर कैसे नियंत्रण रख रहा है?
खनिज एवं उपखनिज विभाग अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित कर रहा है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का क्या प्रभाव पड़ा है?
मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए खनन गतिविधियों की निगरानी और पारदर्शिता में सुधार हुआ है, जिससे राजस्व संग्रहण में वृद्धि हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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