NSA डोभाल से मिले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार, 11 अगस्त को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की और भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के परिप्रेक्ष्य में दोनों देशों के बीच साझेदारी को प्राथमिकता देने पर ज़ोर दिया गया।
बैठक में क्या हुई चर्चा
बैठक के बाद राजदूत गोर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग को गहरा करने पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ एक अच्छी बैठक हुई। वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के साथ हमारी करीबी साझेदारी बहुत ज़रूरी है। अमेरिका और भारत के कई लक्ष्य एक जैसे हैं और हमारा जुड़ाव बढ़ता जा रहा है।' यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को रेखांकित करता है।
विदेश सचिव और सांसद से भी मिले गोर
इससे एक दिन पहले सोमवार को राजदूत गोर ने नई दिल्ली में विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी मुलाकात की, जो दोनों देशों के बीच जारी क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों के संदर्भ में हुई। गोर ने एक्स पर लिखा, 'विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मिलना हमेशा अच्छा लगता है।'
उसी दिन गोर ने राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा से भी भेंट की और भारत-अमेरिका व्यापार एवं निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। एक्स पर उन्होंने लिखा, 'अभी अमेरिका-भारत साझेदारी पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए सांसद मिलिंद देवड़ा से मुलाकात की। हमारे देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने के मौकों के बारे में हमारी अच्छी बातचीत की सराहना की।'
नेटफ्लिक्स सीईओ से भी मुलाकात
गुरुवार को राजदूत गोर ने नेटफ्लिक्स के सह-सीईओ टेड सारंडोस से नई दिल्ली में मुलाकात की और भारत में नेटफ्लिक्स के दस वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। एक्स पर उन्होंने लिखा, 'नई दिल्ली में नेटफ्लिक्स के सीईओ टेड सारंडोस से मिलकर बहुत खुशी हुई। भारत में नेटफ्लिक्स के दस साल पूरे होने के मौके पर यह देखना अच्छा लगता है कि अमेरिकी तकनीक और मनोरंजन उद्योग रचनात्मक उत्कृष्टता के लिए दुनिया भर में एक ऊँचा मानक स्थापित कर रहे हैं।' यह मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों के व्यापार और सांस्कृतिक आयाम को भी उजागर करती है।
व्यापक कूटनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। गौरतलब है कि राजदूत गोर की नियुक्ति के बाद से उनकी भारतीय नेतृत्व के साथ यह बैठकों की श्रृंखला दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संवाद की निरंतरता को दर्शाती है। आलोचकों का कहना है कि इन बैठकों के ठोस नीतिगत परिणामों पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
आगे क्या
राजदूत गोर की इन बहुस्तरीय बैठकों से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में भारत-अमेरिका संबंधों के कई आयामों — सुरक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी — पर ठोस पहल की उम्मीद की जा सकती है।