ओमान का अमेरिका-ईरान एमओयू को समर्थन, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कोई शुल्क नहीं
सारांश
मुख्य बातें
ओमान के विदेश मंत्री सैयद बदर बिन हमद अल बुसैदी ने 25 जून 2026 को बहरीन में आयोजित खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और अमेरिका की संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक में घोषणा की कि ओमान ने अमेरिका और ईरान के बीच संपन्न समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का पारगमन शुल्क (ट्रांजिट फीस) नहीं लगाया जाएगा।
ओमान का आधिकारिक रुख
ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी ने गुरुवार, 25 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घोषणा की पुष्टि की। पोस्ट में कहा गया कि अमेरिका-ईरान के बीच हुआ समझौता क्षेत्र में शांति बहाल करने और होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण है।
बयान के अनुसार, ओमान सल्तनत ने कहा कि इस एमओयू के उद्देश्यों की प्राप्ति होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने और वहाँ सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है।
विदेश मंत्री का बयान
विदेश मंत्री बुसैदी ने बैठक के दौरान कहा कि होर्मुज से सटे देश होने के नाते ओमान पर समुद्री नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करने की विशेष जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ओमान यह दायित्व अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के तहत अपने दायित्वों के अनुरूप निभा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि होर्मुज से संबंधित भविष्य की किसी भी व्यवस्था में जहाजों के आवागमन पर किसी प्रकार का ट्रांजिट शुल्क लगाने का प्रावधान नहीं होगा — जो वैश्विक व्यापार जगत के लिए एक महत्वपूर्ण आश्वासन है।
रूबियो का खाड़ी दौरा और क्षेत्रीय संदर्भ
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो बर्गेनस्टॉक वार्ता के बाद खाड़ी देशों के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। गुरुवार को वे बहरीन पहुँचे, जहाँ GCC-अमेरिका संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक में उन्होंने भाग लिया।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे व्यस्त तेल और गैस पारगमन मार्गों में से एक है, और इस क्षेत्र में किसी भी अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है। ओमान ऐतिहासिक रूप से अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है।
क्षेत्रीय शांति पर प्रभाव
विश्लेषकों के अनुसार, ओमान का यह समर्थन अमेरिका-ईरान एमओयू को खाड़ी क्षेत्र में व्यापक स्वीकृति दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी देश क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को लेकर अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के संकेत दे रहे हैं।
ट्रांजिट शुल्क न लगाने की घोषणा वैश्विक शिपिंग उद्योग के लिए राहत की खबर है, क्योंकि होर्मुज से प्रतिदिन लाखों बैरल तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है। आने वाले हफ्तों में GCC देशों की अन्य प्रतिक्रियाएँ भी इस समझौते की दिशा तय करेंगी।