शशिकला और दिनाकरन को एआईएडीएमके में वापस लाओ — वेलुमणि और विश्वनाथन ने ईपीएस से की अपील
सारांश
मुख्य बातें
एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता एस.पी. वेलुमणि और नथम आर. विश्वनाथन ने 9 अगस्त 2026 को पार्टी महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी से खुले तौर पर मांग की है कि निष्कासित नेताओं वी.के. शशिकला और टी.टी.वी. दिनाकरन को पार्टी में वापस लाया जाए। दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर पलानीस्वामी के नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाए और कहा कि उनके एकतरफा फैसलों ने पार्टी को लगातार चुनावी हार की ओर धकेला है।
मुख्य आरोप और मांगें
वेलुमणि और विश्वनाथन ने आरोप लगाया कि पलानीस्वामी के एकतरफा निर्णयों के कारण एआईएडीएमके को लगातार चुनावी पराजय झेलनी पड़ी और पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में गहरी निराशा फैली। उन्होंने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) के साथ गठबंधन का अवसर गँवाया गया। इसके अलावा, चुनाव के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से उचित परामर्श किए बिना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के साथ सरकार बनाने की कोशिश की गई — जो नेताओं के अनुसार पार्टी की परंपरा के विरुद्ध था।
आंतरिक फूट और विधायकों का विरोध
बयान में दावा किया गया कि चुनाव बाद की रणनीति को लेकर पार्टी के भीतर गंभीर दरार आ गई है। पार्टी के 47 में से 25 विधायकों ने उन कदमों का विरोध किया, जिन्हें वे पार्टी के संस्थापक एम.जी. रामचंद्रन और पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की राजनीतिक विरासत के खिलाफ मानते थे। यह विरोध संगठन के भीतर बढ़ती असंतोष की भावना को दर्शाता है।
2021 और 2024 के चुनावों पर आरोप
नेताओं ने बताया कि 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चेन्नई में दिनाकरन को शामिल कर एक व्यापक गठबंधन बनाने के लिए बातचीत की थी। उनके अनुसार, पार्टी से निष्कासित नेता ओ. पन्नीरसेल्वम इस प्रस्ताव के लिए तैयार थे, परंतु पलानीस्वामी ने इसे ठुकरा दिया — जिसके चलते एआईएडीएमके को कई निर्वाचन क्षेत्रों में नुकसान उठाना पड़ा।
2024 के संसदीय चुनाव में भी, बयान के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व की गठबंधन पुनर्स्थापना की पहल को बिना उचित विचार-विमर्श के नकार दिया गया। इसके परिणामस्वरूप डीएमके-कांग्रेस गठबंधन ने तमिलनाडु और पुडुचेरी की सभी 40 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की। उन्होंने यह भी कहा कि पीएमके के साथ समझौते में देरी के कारण एआईएडीएमके एक और संभावित सहयोगी से हाथ धो बैठी।
सुलह की मांग और आगे की राह
वेलुमणि और विश्वनाथन ने पलानीस्वामी से बड़ा गठबंधन बनाने के उनके बार-बार के वादों की याद दिलाई और कहा कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले भी वैसी ही रणनीतिक भूलें दोहराई जा रही हैं। उन्होंने माँग की कि पार्टी तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए, शशिकला और दिनाकरन जैसे अलग हुए नेताओं से सुलह की बातचीत शुरू करे और संगठन को फिर से मजबूत बनाए। यह माँग ऐसे समय में आई है जब 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव निकट हैं और एआईएडीएमके के लिए हर सीट और हर सहयोगी की अहमियत बढ़ गई है।