विदादला रजनी से दुर्व्यवहार: आंध्र निर्वाचन आयोग ने एसआई प्रियंका को चुनावी ड्यूटी से हटाने के आदेश दिए
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (एपीएसईसी) ने 24 अक्टूबर 2026 को पूर्व मंत्री विदादला रजनी के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में चिलकलूरिपेट ग्रामीण थाने की सब-इंस्पेक्टर प्रियंका के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। मीडिया रिपोर्टों में आरोप लगाया गया था कि पुलिस कार्रवाई के दौरान एसआई प्रियंका ने पूर्व मंत्री को उनके आवास पर धक्का देकर गिरा दिया, जिसके बाद आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने पलनाडु जिले के पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर एसआई प्रियंका को तत्काल प्रभाव से चुनाव संबंधी और नियमित सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का आदेश दिया। यह घटना प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में व्यापक रूप से सामने आने के बाद आयोग ने बिना किसी शिकायत की प्रतीक्षा किए स्वयं हस्तक्षेप किया — जो चुनावी आचार संहिता के प्रवर्तन में आयोग की सक्रियता को दर्शाता है।
आयोग की जांच के निर्देश
आयोग ने पलनाडु एसपी को निर्देश दिया है कि जांच के दौरान मीडिया रिपोर्टों का सत्यापन किया जाए, उपलब्ध वीडियो फुटेज की समीक्षा की जाए और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएं। अनुपालन रिपोर्ट 24 अक्टूबर 2026 की शाम 7 बजे तक आयोग को सौंपने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, एसआई के विरुद्ध की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 5 नवंबर 2026 तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
चुनावी निष्पक्षता पर सवाल
आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मौजूदा एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनावों के दौरान पुलिस के आचरण और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। आयोग ने चुनाव अवधि में सरकारी कर्मचारियों के आचरण संबंधी नियमों और 19 अक्टूबर 2026 को जारी शासनादेश का भी हवाला दिया। गौरतलब है कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान पुलिस प्रशासन पर जवाबदेही की यह माँग पहले भी विभिन्न राज्यों में उठती रही है।
आम जनता और विपक्ष पर असर
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया जारी है और विपक्षी दलों की निगाहें प्रशासनिक निष्पक्षता पर टिकी हैं। कथित तौर पर एक पूर्व मंत्री — जो एक सार्वजनिक व्यक्तित्व हैं — के साथ इस प्रकार का व्यवहार राज्य में आम मतदाताओं के मन में पुलिस की भूमिका को लेकर संदेह उत्पन्न कर सकता है।
आगे क्या होगा
आयोग के निर्देशों के अनुसार, एसआई प्रियंका फिलहाल किसी भी चुनावी या नियमित ड्यूटी से बाहर हैं। जांच पूरी होने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई का स्वरूप तय होगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या आयोग की यह सक्रियता चुनाव अवधि में पुलिस आचरण के प्रति एक मिसाल कायम करती है।