क्या भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में तूफानी उछाल आया है?
सारांश
Key Takeaways
- विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि से आर्थिक स्थिरता मिलती है।
- फॉरेन करेंसी एसेट्स का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
- यह मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखता है।
- बढ़ता हुआ भंडार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सरल बनाता है।
- आरबीआई इसकी प्रबंधन करता है।
नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक असाधारण वृद्धि देखी गई है। 16 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में, यह 14.167 बिलियन डॉलर बढ़कर 701.360 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है।
इससे पूर्व, 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 392 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई थी।
विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) में शामिल है, जिसने 16 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में 9.652 बिलियन डॉलर का इजाफा किया है, जिससे इसकी वैल्यू 560.518 बिलियन डॉलर हो गई है।
एफसीए में डॉलर के साथ अन्य प्रमुख मुद्राएँ जैसे येन, यूरो और पाउंड शामिल हैं, जिनकी वैल्यू को डॉलर में व्यक्त किया जाता है।
इसके साथ ही, गोल्ड की वैल्यू 4.623 बिलियन डॉलर बढ़कर 117.454 बिलियन डॉलर हो गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, 16 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में एसडीआर की वैल्यू 35 मिलियन डॉलर कम होकर 18.704 बिलियन डॉलर हो गई है। वहीं, आईएमएफ में रिजर्व पोजीशन की वैल्यू 73 मिलियन डॉलर घटकर 4.684 बिलियन डॉलर हो गई है।
इससे पहले, 17 अक्टूबर 2025 को देश का विदेशी मुद्रा भंडार 702.25 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंचा था। देश का विदेशी मुद्रा भंडार का सर्वकालिक उच्च स्तर 704.89 बिलियन डॉलर था, जो सितंबर 2024 में बना था।
किसी भी देश के लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह उस देश की आर्थिक स्थिति का संकेत देता है। यह मुद्रा की विनिमय दर को स्थिर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उदाहरण के लिए, यदि डॉलर के मुकाबले रुपए पर अधिक दबाव आता है, और उसकी वैल्यू कम होती है, तो केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करके डॉलर के मुकाबले रुपए को गिरने से रोक सकता है और विनिमय दर को स्थिर रख सकता है।
वृद्धि हो रहा विदेशी मुद्रा भंडार यह भी दर्शाता है कि देश में डॉलर की आवक बड़ी मात्रा में है, जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। इसके साथ ही, यह देश के लिए विदेशों में व्यापार करना भी सरल बनाता है।