दक्षिणी राज्यों को एकजुट करने की पहल: सीएम विजय ने ड्रग्स, ब्लू इकोनॉमी और संघीय अधिकारों पर साझा रणनीति का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 20 अगस्त 2026 को महाबलीपुरम में आयोजित 31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में दक्षिणी राज्यों से मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने, आर्थिक गलियारों के विकास, ब्लू इकोनॉमी को प्रोत्साहन और क्षेत्रीय हितों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दक्षिणी राज्य देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान करते हैं और इस आर्थिक शक्ति को संगठित दिशा देने की ज़रूरत है।
एकीकृत आर्थिक ब्लॉक की परिकल्पना
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि दक्षिणी राज्यों को विनिर्माण क्षेत्र, लॉजिस्टिक्स पार्क और माल ढुलाई गलियारों के ज़रिये एक एकीकृत आर्थिक ब्लॉक के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने बेंगलुरु मेट्रो के बोम्मासंद्रा से होसुर तक के प्रस्तावित विस्तार का स्वागत किया और इसे अंतरराज्यीय सहयोग का एक अनुकरणीय मॉडल बताते हुए परियोजना में गति लाने का आग्रह किया। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत के राज्य निर्यात और सेवा क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
'ड्रग-फ्री साउथ इंडिया' का आह्वान
विजय ने मादक और मन:प्रभावी पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के विरुद्ध खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए 'ड्रग-फ्री साउथ इंडिया' का नारा बुलंद किया। उन्होंने ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पर सख्त नियमन और अनधिकृत वितरण नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई की अपील भी की। गौरतलब है कि दक्षिणी राज्यों में ड्रग तस्करी के मामलों में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
ब्लू इकोनॉमी और तटीय सहयोग
मुख्यमंत्री ने दक्षिण के विकास एजेंडे में ब्लू इकोनॉमी को केंद्रीय स्थान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु 1,076 किलोमीटर लंबी तटरेखा वाला राज्य है और बंदरगाहों, तटीय नौवहन, मत्स्य पालन, समुद्री उद्योगों तथा पर्यटन के क्षेत्र में अन्य दक्षिणी राज्यों के साथ साझा रणनीति बनाने के लिए तैयार है।
राजकोषीय संघवाद और परिसीमन का मुद्दा
राजकोषीय संघवाद पर मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि अगले वित्त आयोग के कर-वितरण फार्मूले में ज़रूरत और प्रदर्शन, दोनों को समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि विकास, राजकोषीय अनुशासन और जनसंख्या स्थिरीकरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सार्वजनिक नीति के ज़रिये दंडित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने माँग की कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को कर दरें तय करने में अधिक लचीलापन मिले। परिसीमन के संदर्भ में उन्होंने यह भी माँग की कि सफल जनसंख्या नियंत्रण के कारण किसी भी राज्य के संसद में प्रतिनिधित्व के प्रतिशत हिस्से में कमी न आए।
नदी विवाद, नीट और संघीय अधिकार
अंतरराज्यीय नदी विवादों पर विजय ने कहा कि निचले तटवर्ती राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए अदालती फैसलों और न्यायाधिकरणों के पुरस्कारों को समय पर लागू किया जाए। उन्होंने कावेरी जल से जुड़े निर्देशों के क्रियान्वयन और मुल्लापेरियार बांध का जल भंडारण स्तर 152 फीट तक बढ़ाने की माँग न्यायिक फैसलों के अनुरूप दोहराई। नीट के विरोध में उन्होंने केंद्र से राज्य कोटे की मेडिकल, डेंटल और आयुष सीटों पर कक्षा 12 के अंकों के आधार पर दाखिले की अनुमति देने की माँग की, यह कहते हुए कि नीट ग्रामीण और वंचित वर्गों के छात्रों के लिए नुकसानदेह है। विजय ने अपने संबोधन का समापन इस संदेश से किया कि मज़बूत राज्य ही मज़बूत भारत का निर्माण करते हैं और मतभेदों को बातचीत, आपसी सम्मान तथा कानून के शासन से सुलझाने में तमिलनाडु सदा तत्पर है।