विक्रमशिला सेतु पर BRO ने 170 फीट का बेली ब्रिज किया तैयार, भागलपुर में जल्द बहाल होगी आवाजाही
सारांश
मुख्य बातें
सीमा सड़क संगठन (BRO) ने बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर 170 फीट लंबा बेली ब्रिज सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इस अस्थायी पुल के तैयार होने से हल्के वाहनों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही जल्द बहाल होने की उम्मीद है। 21 मई 2026 को पूरी हुई यह उपलब्धि BRO की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का उदाहरण है।
विक्रमशिला सेतु क्यों है अहम
विक्रमशिला सेतु गंगा नदी पर बना 4.88 किलोमीटर लंबा पुल है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-33 और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को आपस में जोड़ता है। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क की जीवन रेखा माना जाता है। हाल ही में पुल का 34 मीटर लंबा नेविगेशनल हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया था, जिससे भागलपुर और आसपास के लाखों लोगों की आवाजाही और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई।
मुख्य घटनाक्रम
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने रक्षा मंत्रालय से तत्काल सहायता का अनुरोध किया। रक्षा मंत्रालय ने पुल की मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था की जिम्मेदारी BRO को सौंपी। BRO की 'प्रोजेक्ट स्वस्तिक' निर्माण टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए रिकॉर्ड समय में 170 फीट लंबा बेली ब्रिज खड़ा कर दिया।
अधिकारियों का निरीक्षण और आगे की योजना
BRO के अतिरिक्त महानिदेशक (पूर्वी क्षेत्र) जितेंद्र प्रसाद ने 20 मई को पुल स्थल का दौरा किया और निर्माण कार्य की गति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने राज्य प्रशासन को आश्वस्त किया कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों पर दो और बेली ब्रिज भी शीघ्र स्थापित किए जाएंगे। इससे पहले उन्होंने पटना में सड़क निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के साथ बैठक की, जिसमें बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और BRO के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
आम जनता पर असर
अधिकारियों के अनुसार, कनेक्टिविटी बहाल होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क फिर से सामान्य होगा और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में आ रही बाधाएं दूर होंगी। यह ऐसे समय में आया है जब भागलपुर क्षेत्र के लोग पुल बंद होने के कारण लंबे वैकल्पिक मार्गों से गुजरने को मजबूर थे। राज्य प्रशासन ने BRO की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार जताया है।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के मुताबिक, शेष दो बेली ब्रिज के पूरा होते ही विक्रमशिला सेतु पर यातायात पूरी तरह सामान्य हो जाएगा। गौरतलब है कि BRO ने इससे पहले भी देश के कई हिस्सों में आपातकालीन परिस्थितियों में तेज़ी से पुल निर्माण कर अपनी दक्षता साबित की है। क्षतिग्रस्त नेविगेशनल हिस्से की स्थायी मरम्मत के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है।