विक्रमशिला सेतु पर BRO ने 170 फीट का बेली ब्रिज किया तैयार, भागलपुर में जल्द बहाल होगी आवाजाही

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विक्रमशिला सेतु पर BRO ने 170 फीट का बेली ब्रिज किया तैयार, भागलपुर में जल्द बहाल होगी आवाजाही

सारांश

BRO की 'प्रोजेक्ट स्वस्तिक' टीम ने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त 34 मीटर नेविगेशनल हिस्से के बदले रिकॉर्ड समय में 170 फीट का बेली ब्रिज खड़ा कर दिया। भागलपुर की यह जीवन रेखा जल्द बहाल होगी — दो और बेली ब्रिज भी रास्ते में हैं।

मुख्य बातें

BRO ने भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर 170 फीट लंबा बेली ब्रिज सफलतापूर्वक स्थापित किया।
पुल का 34 मीटर नेविगेशनल हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया था।
विक्रमशिला सेतु 4.88 किमी लंबा है और NH-33 व NH-31 को जोड़ता है।
BRO के अतिरिक्त महानिदेशक जितेंद्र प्रसाद ने 20 मई को स्थल निरीक्षण किया।
क्षतिग्रस्त हिस्सों पर दो और बेली ब्रिज जल्द लगाए जाएंगे, जिससे उत्तर-दक्षिण बिहार संपर्क पूरी तरह बहाल होगा।

सीमा सड़क संगठन (BRO) ने बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर 170 फीट लंबा बेली ब्रिज सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इस अस्थायी पुल के तैयार होने से हल्के वाहनों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही जल्द बहाल होने की उम्मीद है। 21 मई 2026 को पूरी हुई यह उपलब्धि BRO की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का उदाहरण है।

विक्रमशिला सेतु क्यों है अहम

विक्रमशिला सेतु गंगा नदी पर बना 4.88 किलोमीटर लंबा पुल है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-33 और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को आपस में जोड़ता है। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क की जीवन रेखा माना जाता है। हाल ही में पुल का 34 मीटर लंबा नेविगेशनल हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया था, जिससे भागलपुर और आसपास के लाखों लोगों की आवाजाही और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई।

मुख्य घटनाक्रम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने रक्षा मंत्रालय से तत्काल सहायता का अनुरोध किया। रक्षा मंत्रालय ने पुल की मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था की जिम्मेदारी BRO को सौंपी। BRO की 'प्रोजेक्ट स्वस्तिक' निर्माण टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए रिकॉर्ड समय में 170 फीट लंबा बेली ब्रिज खड़ा कर दिया।

अधिकारियों का निरीक्षण और आगे की योजना

BRO के अतिरिक्त महानिदेशक (पूर्वी क्षेत्र) जितेंद्र प्रसाद ने 20 मई को पुल स्थल का दौरा किया और निर्माण कार्य की गति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने राज्य प्रशासन को आश्वस्त किया कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों पर दो और बेली ब्रिज भी शीघ्र स्थापित किए जाएंगे। इससे पहले उन्होंने पटना में सड़क निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के साथ बैठक की, जिसमें बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और BRO के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

आम जनता पर असर

अधिकारियों के अनुसार, कनेक्टिविटी बहाल होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क फिर से सामान्य होगा और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में आ रही बाधाएं दूर होंगी। यह ऐसे समय में आया है जब भागलपुर क्षेत्र के लोग पुल बंद होने के कारण लंबे वैकल्पिक मार्गों से गुजरने को मजबूर थे। राज्य प्रशासन ने BRO की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार जताया है।

क्या होगा आगे

अधिकारियों के मुताबिक, शेष दो बेली ब्रिज के पूरा होते ही विक्रमशिला सेतु पर यातायात पूरी तरह सामान्य हो जाएगा। गौरतलब है कि BRO ने इससे पहले भी देश के कई हिस्सों में आपातकालीन परिस्थितियों में तेज़ी से पुल निर्माण कर अपनी दक्षता साबित की है। क्षतिग्रस्त नेविगेशनल हिस्से की स्थायी मरम्मत के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 4.88 किमी के इस महत्वपूर्ण पुल के नेविगेशनल हिस्से की नियमित जाँच और रखरखाव क्यों चूक गई। बेली ब्रिज एक अस्थायी समाधान है — स्थायी मरम्मत की समयसीमा और जवाबदेही अभी भी अस्पष्ट है।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज क्यों बनाया गया?
विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर लंबा नेविगेशनल हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। BRO ने अस्थायी समाधान के रूप में 170 फीट का बेली ब्रिज स्थापित किया ताकि हल्के वाहन और आवश्यक सेवाएं फिर से चल सकें।
विक्रमशिला सेतु कहाँ है और इसका महत्व क्या है?
विक्रमशिला सेतु बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बना 4.88 किलोमीटर लंबा पुल है। यह NH-33 और NH-31 को जोड़ता है और उत्तर व दक्षिण बिहार के बीच संपर्क की जीवन रेखा माना जाता है।
BRO की 'प्रोजेक्ट स्वस्तिक' क्या है?
'प्रोजेक्ट स्वस्तिक' सीमा सड़क संगठन की वह निर्माण टीम है जिसने विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का निर्माण युद्धस्तर पर पूरा किया। यह टीम पूर्वी क्षेत्र में BRO की आपातकालीन निर्माण परियोजनाओं के लिए जिम्मेदार है।
विक्रमशिला सेतु पर यातायात पूरी तरह कब बहाल होगा?
अधिकारियों के अनुसार, अभी एक बेली ब्रिज तैयार हुआ है और दो और बेली ब्रिज जल्द लगाए जाएंगे। इन तीनों के पूरा होने पर उत्तर-दक्षिण बिहार के बीच संपर्क पूरी तरह बहाल होने की उम्मीद है, हालांकि स्थायी मरम्मत की कोई आधिकारिक समयसीमा अभी घोषित नहीं हुई है।
बिहार सरकार ने इस संकट में क्या भूमिका निभाई?
बिहार सरकार ने पुल क्षतिग्रस्त होते ही रक्षा मंत्रालय से तत्काल सहायता माँगी। रक्षा मंत्रालय ने BRO को जिम्मेदारी सौंपी और सड़क निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने BRO के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की।
राष्ट्र प्रेस
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