विपक्ष का तुष्टिकरण समाप्त, रामजी की रसोई हमेशा खुली: विनोद बंसल
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नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने विपक्ष के उस आरोप को झूठा बताया है, जिसमें कहा गया कि एलपीजी संकट के कारण अयोध्या में राम और सीता की रसोई बंद हो गई। बंसल ने स्पष्ट किया कि राम जी की रसोई कभी भी बंद नहीं हुई और न ही कभी होगी। अगर कुछ बंद हुआ है तो वह विपक्ष का तुष्टिकरण है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बंसल ने कहा कि भगवान राम का रसोईघर हमेशा खुला रहता है। विपक्ष जो जहर की राजनीति कर रहा है, वह अवश्य समाप्त हो गया है। इसलिए समाजवादी पार्टी को इसके नाम से अधिक नमाजवादी पार्टी के रूप में जाना जाता है। मुझे आश्चर्य है कि इसी सिस्टम के टूल किट गैंग का सदस्य कीर्ति आजाद, जो कि पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान में टीएमसी से सांसद हैं, संसद में ऐसी बातें कर रहे हैं। संसद में कोई कैसे कह सकता है कि राम जी के यहां प्रसाद नहीं बन रहा है? कल ही ३०,००० लोगों ने अयोध्या में राम रसोई से प्रसाद ग्रहण किया है। अब तो इसके साक्ष्य भी उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि मैं लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति से मांग करता हूं कि जिन लोगों ने हमारी परंपरा को कलंकित करने का प्रयास किया है, उनकी संसद की सदस्यता समाप्त की जाए। विपक्षी सांसदों ने सदन की मर्यादा को तार-तार किया है और हमारी परंपरा से खेलना चाहा है। इन्हें भगवान राम से माफी मांगनी चाहिए।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के अयोध्या में प्रदर्शन करने के एलान पर बंसल ने कहा कि अगर प्रदर्शन किया तो मुंह की खानी पड़ेगी। मैं चुनौती देता हूं कि प्रदर्शन करो, जनता आईना दिखा देगी। अयोध्या के अंदर न जाने कितने भंडारे हो रहे हैं। मुझे आश्चर्य है कि इन्हें लोगों ने कैसे अपना सांसद चुना।
bंसल ने एक्स प्लेटफॉर्म पर कुछ वीडियो साझा करते हुए लिखा कि हमारे देश की संसद अपनी सत्य की गौरवशाली परंपरा के लिए जानी जाती है। वहां बैठकर कोई यह नहीं कह सकता कि राम मंदिर में प्रसाद नहीं बन रहा है। अभी कल ही, ३०,००० लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। सपा सांसद अवधेश प्रसाद और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद के ये वीडियो आज ही अयोध्या के हैं, जहां हजारों रामभक्त भोजन प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। जिन राम जी की रसोइयों से कोविड काल में भी लाखों भोजन प्रसाद के पैकेट बांटे गए, वे भला अब कैसे बंद हो जाएंगी। आपकी भ्रष्टाचार और विभाजनकारी रसोई अवश्य बंद हो गई है। इन सांसदों और समाजवादी पार्टी तथा टीएमसी के केंद्रीय नेतृत्व को अयोध्या राम मंदिर और रामभक्तों को बदनाम करने पर देश से क्षमा याचना करनी चाहिए।