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दल-बदल से सत्ता हासिल करना भाजपा का मॉडल: तारिक अनवर का तीखा हमला

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दल-बदल से सत्ता हासिल करना भाजपा का मॉडल: तारिक अनवर का तीखा हमला

सारांश

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने भाजपा पर सीधा हमला बोला — दल-बदल, वाई-प्लस सुरक्षा और धनबल के जरिए विपक्ष को तोड़ना उनका मॉडल है। शिवसेना (यूबीटी) संकट से झारखंड राज्यसभा हार तक, हर मोर्चे पर इंडिया गठबंधन दबाव में है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 18 जून 2026 को भाजपा पर दल-बदल के जरिए विपक्ष को कमजोर करने का आरोप लगाया।
अनवर के अनुसार, 2014 से भाजपा का एजेंडा जनादेश की बजाय राजनीतिक जोड़-तोड़ से सत्ता बनाए रखना रहा है।
बागी सांसदों को वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा और धनबल की पेशकश के आरोप लगाए गए।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की SP पर मजबूत पकड़ है, भाजपा वहाँ सफल नहीं होगी।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार की हार पर परिमल नथवानी के संपर्कों को जिम्मेदार ठहराया।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 18 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि 2014 से भाजपा का मुख्य एजेंडा जनादेश के बजाय राजनीतिक जोड़-तोड़ और दल-बदल के जरिए सत्ता बनाए रखना रहा है। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) में कथित अंदरूनी हलचल, बागी सांसदों को वाई-प्लस सुरक्षा दिए जाने और झारखंड राज्यसभा चुनाव परिणामों को लेकर भाजपा की रणनीति पर एक के बाद एक सवाल खड़े किए।

भाजपा का 'विपक्ष-मुक्त भारत' का एजेंडा

तारिक अनवर ने कहा कि भाजपा को जनता का विश्वास जीतने में नहीं, बल्कि किसी भी तरह सत्ता में बने रहने में भरोसा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता में आने के बाद से यह प्रवृत्ति लगातार गहरी हुई है। उन्होंने कहा, 'कई राज्यों में जहाँ कांग्रेस या अन्य विपक्षी दलों को जनादेश मिला था, वहाँ भी सरकारें बदली गईं। विपक्ष को कमजोर करने और विपक्ष-मुक्त भारत बनाने की कोशिशें की जा रही हैं।'

शिवसेना (यूबीटी) और न्यायालय का रास्ता

शिवसेना (यूबीटी) में कथित अंदरूनी हलचल और सांसदों के संभावित दल-बदल पर पूछे गए सवाल के जवाब में अनवर ने कहा कि प्रभावित दलों के पास न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। उन्होंने कहा, 'चाहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) हो, उद्धव ठाकरे की पार्टी हो या कोई अन्य दल — ऐसे मामलों में कोर्ट जाना ही एकमात्र रास्ता रह जाता है।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी एकता की परीक्षा कई मोर्चों पर एक साथ हो रही है।

वाई-प्लस सुरक्षा और धनबल के आरोप

बागी सांसदों को वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने के मुद्दे पर तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि दल बदलने वाले नेताओं को विशेष सुविधाएं और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने कहा, 'जब लोग दल बदलते हैं तो उन्हें वाई-प्लस सुरक्षा दी जाती है, हर तरह से नवाजा जाता है। सभी जानते हैं कि इसमें धनबल का भी इस्तेमाल होता है — कई बार इतनी बड़ी रकम की पेशकश की जाती है कि लोगों का ईमान डगमगा जाता है।' गौरतलब है कि ये आरोप भाजपा ने अभी तक सार्वजनिक रूप से नकारे नहीं हैं।

समाजवादी पार्टी और केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणी

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा समाजवादी पार्टी (SP) के सांसदों को लेकर की गई टिप्पणियों पर अनवर ने कहा कि भाजपा वहाँ भी कोशिश जरूर करेगी, लेकिन सफलता की संभावना कम है। उन्होंने कहा, 'हमें लगता है कि अखिलेश यादव की अपनी पार्टी और अपने सांसदों पर मजबूत पकड़ है — वहाँ भाजपा अपनी साजिश में शायद कामयाब नहीं हो पाएगी।'

झारखंड राज्यसभा चुनाव पर सवाल

झारखंड राज्यसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार की हार पर अनवर ने कहा कि राज्यसभा चुनावों में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। उन्होंने कहा, 'परिमल नथवानी पहले भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं, इसलिए उन्होंने अपने संपर्कों का लाभ उठाया होगा — यह कैसे और किन कारणों से हुआ, इसका पता बाद में चलेगा।' आलोचकों का कहना है कि इस हार ने इंडिया गठबंधन की आंतरिक एकजुटता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में विपक्षी दलों की रणनीति और भाजपा के जवाबी कदम राजनीतिक परिदृश्य को और स्पष्ट करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्हें विपक्ष खुद स्वीकार करने से बचता है। वाई-प्लस सुरक्षा और धनबल के आरोप गंभीर हैं, लेकिन इनका सत्यापन अभी बाकी है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष केवल भाजपा को दोष देकर अपनी संगठनात्मक कमजोरियों से ध्यान हटा रहा है, या ये आरोप किसी ठोस जवाबदेही तंत्र की माँग के साथ आते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारिक अनवर ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने आरोप लगाया है कि 2014 से भाजपा दल-बदल, धनबल और राजनीतिक जोड़-तोड़ के जरिए विपक्षी दलों को कमजोर कर सत्ता बनाए रखती आई है। उन्होंने इसे 'विपक्ष-मुक्त भारत' बनाने की कोशिश करार दिया।
शिवसेना (यूबीटी) में अंदरूनी हलचल पर अनवर ने क्या कहा?
अनवर ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) जैसे प्रभावित दलों के पास न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में कोर्ट से न्याय मिलना ही एकमात्र रास्ता है।
बागी सांसदों को वाई-प्लस सुरक्षा देने पर क्या आरोप हैं?
तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि दल बदलने वाले नेताओं को वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा और विशेष सुविधाएं दी जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धनबल का इस्तेमाल होता है और कभी-कभी इतनी बड़ी रकम की पेशकश की जाती है कि लोगों का ईमान डगमगा जाता है।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार कैसे हुई?
अनवर ने कहा कि परिमल नथवानी पहले भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं और उन्होंने अपने राजनीतिक संपर्कों का लाभ उठाया। उन्होंने माना कि राज्यसभा चुनावों में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं और पूरी जानकारी बाद में सामने आएगी।
समाजवादी पार्टी के सांसदों को लेकर भाजपा की रणनीति पर अनवर का क्या कहना है?
अनवर ने कहा कि भाजपा SP सांसदों को तोड़ने की कोशिश जरूर करेगी, लेकिन सफलता की संभावना कम है क्योंकि अखिलेश यादव की अपनी पार्टी और सांसदों पर मजबूत पकड़ है।
राष्ट्र प्रेस
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