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वक्फ संपत्तियों की हिफाजत पर एकजुट मुस्लिम नेता; इमरान मसूद बोले — मोदी के वादे ज़मीन पर नहीं उतरे

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वक्फ संपत्तियों की हिफाजत पर एकजुट मुस्लिम नेता; इमरान मसूद बोले — मोदी के वादे ज़मीन पर नहीं उतरे

सारांश

नई दिल्ली में ऑल इंडिया मुतवल्ली कॉन्फ्रेंस में वक्फ संपत्तियों की हिफाजत पर मुस्लिम नेता एकजुट हुए। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मोदी सरकार के रोज़गार, आवास और किसान आय के वादों को ज़मीन पर अधूरा बताया और नीट पेपर लीक में चार्जशीट की देरी पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

नई दिल्ली में 24 जुलाई को आयोजित ऑल इंडिया मुतवल्ली कॉन्फ्रेंस में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा पर विभिन्न मुस्लिम नेता एकजुट हुए।
मौलाना असद महमूद मदनी ने कहा कि वक्फ जागरूकता अभियान देशव्यापी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने छात्र हितों पर सपा की प्रतिबद्धता दोहराई और सरकार से संवेदनशील कदमों की माँग की।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि मोदी सरकार के रोज़गार, आवास और किसान आय दोगुनी करने के वादे पूरे नहीं हुए।
मसूद ने एजुकेशन लोन माफी और शिक्षा को सस्ता बनाने की माँग की।
2024 नीट पेपर लीक में समय पर चार्जशीट न दाखिल होने पर मसूद ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।

नई दिल्ली में 24 जुलाई को आयोजित ऑल इंडिया मुतवल्ली कॉन्फ्रेंस में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, जागरूकता अभियान और छात्र हितों पर विभिन्न मुस्लिम नेताओं ने एकस्वर में अपनी बात रखी। मौलाना असद महमूद मदनी, मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सम्मेलन में कई अहम मुद्दों पर खुलकर टिप्पणी की।

वक्फ जागरूकता अभियान का लक्ष्य

मौलाना असद महमूद मदनी ने कॉन्फ्रेंस के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस पहल का मकसद समाज में औकाफ के संरक्षण को लेकर गहरी जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझाया जा रहा है कि वक्फ संपत्तियों का सही ढंग से प्रबंधन हो और उनकी हिफाजत के लिए ज़रूरत पड़ने पर हर तरह का त्याग करने को तैयार रहें। मदनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है — देश के विभिन्न हिस्सों में भी इसी तरह की गतिविधियाँ जारी हैं और यह एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।

समाज में जिम्मेदारी और भागीदारी की भावना

मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने कॉन्फ्रेंस से सकारात्मक उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस सम्मेलन के माध्यम से वक्फ से जुड़े मुद्दों पर लोगों में अधिक जागरूकता आएगी और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर समाज पहले से कहीं अधिक गंभीर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में जिम्मेदारी और भागीदारी की भावना को मज़बूत करते हैं।

छात्र हितों पर सपा और सरकार की भूमिका

छात्रों के प्रदर्शन और प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के संदर्भ में मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) छात्रों के साथ खड़ी है और उनके हितों का समर्थन करती है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ कदम उठाने चाहिए।

इमरान मसूद का सरकार पर तीखा हमला

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक जो बड़े वादे किए, वे ज़मीन पर पूरे नहीं हुए। उन्होंने रोज़गार देने, सभी को आवास उपलब्ध कराने और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें से कोई भी दावा पूरी तरह साकार नहीं हुआ। मसूद के अनुसार, प्रधानमंत्री का हालिया वीडियो संदेश युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास मात्र है और युवाओं को केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस फैसले लेने की ज़रूरत है।

उन्होंने माँग की कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा क्षेत्र में सुधार चाहती है, तो एजुकेशन लोन माफ करने और शिक्षा को सस्ता बनाने जैसे कदम उठाए जाएँ, ताकि गरीब और वंचित वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा तक आसान पहुँच सुनिश्चित हो सके।

नीट पेपर लीक और फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर सवाल

मसूद ने सरकार द्वारा फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की बात पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि समय पर जाँच पूरी नहीं होगी और चार्जशीट दाखिल नहीं की जाएगी, तो फास्ट-ट्रैक अदालतें भी प्रभावी नहीं हो पाएंगी। उन्होंने 2024 के नीट पेपर लीक मामले का हवाला देते हुए कहा कि निर्धारित समय के भीतर चार्जशीट दाखिल न होने से जाँच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई। देश की शिक्षा व्यवस्था को व्यापक सुधारों की आवश्यकता है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रक्रियागत विफलताओं को भी रेखांकित कर रहा है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन सम्मेलनों को केवल धार्मिक आयोजन के रूप में देखती है, जबकि इनका असली महत्व वक्फ प्रशासन सुधार की राष्ट्रीय बहस में सामुदायिक आवाज़ को संगठित करने में है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑल इंडिया मुतवल्ली कॉन्फ्रेंस क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
ऑल इंडिया मुतवल्ली कॉन्फ्रेंस वक्फ संपत्तियों के प्रबंधकों (मुतवल्लियों) का एक राष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और उचित प्रबंधन को लेकर जागरूकता फैलाना है। 24 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में मौलाना असद महमूद मदनी ने इसे एक दीर्घकालिक राष्ट्रव्यापी रणनीति का हिस्सा बताया।
इमरान मसूद ने मोदी सरकार के किन वादों पर सवाल उठाए?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि रोज़गार देने, सभी को आवास उपलब्ध कराने और किसानों की आय दोगुनी करने के वादे ज़मीन पर पूरे नहीं हुए। उन्होंने माँग की कि सरकार एजुकेशन लोन माफ करे और शिक्षा को सस्ता बनाए।
नीट पेपर लीक मामले में चार्जशीट को लेकर क्या कहा गया?
इमरान मसूद ने कहा कि 2024 के नीट पेपर लीक मामले में निर्धारित समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की गई, जिससे जाँच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई। उन्होंने तर्क दिया कि बिना समयबद्ध जाँच के फास्ट-ट्रैक अदालतें भी प्रभावी नहीं हो सकतीं।
वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाने की बात कही गई?
मौलाना असद महमूद मदनी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के सही प्रबंधन के लिए समाज में जागरूकता ज़रूरी है और ज़रूरत पड़ने पर हर तरह का त्याग करने की तैयारी रखनी होगी। मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में जिम्मेदारी और भागीदारी की भावना को मज़बूत करते हैं।
छात्र हितों पर सम्मेलन में क्या रुख सामने आया?
मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि सपा छात्रों के साथ खड़ी है और सरकार को शिक्षा व युवा मुद्दों पर संवेदनशीलता से कदम उठाने चाहिए। इमरान मसूद ने माँग की कि गरीब और वंचित वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए एजुकेशन लोन माफी और शिक्षा को सस्ता बनाने जैसे ठोस कदम उठाए जाएँ।
राष्ट्र प्रेस
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