31 अक्टूबर 2026
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पश्चिम बंगाल: भाजपा शासन के 6 महीनों में TMC के 5 पूर्व मंत्री गिरफ्तार, सिर्फ एक को मिली जमानत

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पश्चिम बंगाल: भाजपा शासन के 6 महीनों में TMC के 5 पूर्व मंत्री गिरफ्तार, सिर्फ एक को मिली जमानत

सारांश

BJP के सत्ता में आने के महज छह महीनों के भीतर TMC के 5 पूर्व मंत्री सलाखों के पीछे — भर्ती घोटाले से लेकर दुर्गा पूजा पास फर्जीवाड़े तक। सबसे बड़ा मोड़: ED जाँच में ममता बनर्जी का नाम और ₹30 लाख ट्रांसफर का दावा।

मुख्य बातें

BJP शासन के पहले छह महीनों में TMC की पूर्व सरकार के 5 मंत्री गिरफ्तार।
गिरफ्तार मंत्रियों में सुजीत बोस, दिलीप मंडल, उज्ज्वल बिस्वास, उदयन गुहा और इंद्रनील सेन शामिल।
पाँचों में से केवल उज्ज्वल बिस्वास इस समय जमानत पर बाहर।
इंद्रनील सेन को कथित फर्जी 'दुर्गा पूजा पास' घोटाले में गिरफ्तार किया गया; ED और कोलकाता पुलिस दोनों जाँच कर रहे हैं।
ED के अनुसार, सेन की कंपनी 'ऑक्टेव रिकॉर्ड्स' से कथित तौर पर ₹30 लाख ममता बनर्जी को ट्रांसफर हुए; सेन का दावा — यह रॉयल्टी भुगतान था।
राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जाँच आयोग ने भी सेन मामले की जाँच शुरू की।

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के पहले छह महीनों के भीतर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व सरकार के पाँच पूर्व मंत्रियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पाँचों में से फिलहाल केवल एक ही जमानत पर बाहर है। ये सभी मामले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली TMC सरकार के कार्यकाल में हुई कथित गड़बड़ियों से जुड़े बताए जाते हैं।

गिरफ्तार पूर्व मंत्री: कौन हैं और क्या हैं आरोप

गिरफ्तारियों की शुरुआत पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस से हुई, जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नगर निकायों की भर्तियों से जुड़े कथित 'नौकरी के बदले नकद' मामले में गिरफ्तार किया। इस मामले में करोड़ों रुपये की अनियमितता का आरोप है।

इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और राजनीतिक हिंसा के आरोपों में पूर्व परिवहन राज्यमंत्री दिलीप मंडल, पूर्व सुधार सेवा मंत्री उज्ज्वल बिस्वास और उत्तर बंगाल विकास विभाग के पूर्व मंत्री उदयन गुहा को गिरफ्तार किया।

इन पाँचों में सबसे ताज़ा नाम गायक से राजनेता बने इंद्रनील सेन का है, जो पूर्व पर्यटन मंत्री और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के राज्यमंत्री रह चुके हैं। कोलकाता पुलिस ने इस सप्ताह की शुरुआत में उन्हें कथित फर्जी 'दुर्गा पूजा पास' घोटाले के सिलसिले में हिरासत में लिया। यह मामला यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त दुर्गा पूजा उत्सव से जुड़े पर्यटन दौरों से संबंधित है।

हिरासत की स्थिति

पाँचों में से उज्ज्वल बिस्वास अकेले ऐसे हैं जो इस समय जमानत पर बाहर हैं। इंद्रनील सेन पुलिस हिरासत में हैं, जबकि सुजीत बोस, दिलीप मंडल और उदयन गुहा न्यायिक हिरासत में बंद हैं।

गौरतलब है कि सेन इन पाँचों में अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ ED और कोलकाता पुलिस दोनों समानांतर जाँच कर रहे हैं।

ममता बनर्जी का नाम जाँच में आया

इंद्रनील सेन से जुड़े मामले ने तब विशेष ध्यान खींचा जब ED की जाँच में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम उभरा। एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में एक बयान जारी कर दावा किया कि सेन की कंपनी 'ऑक्टेव रिकॉर्ड्स' के खातों से बैंकिंग चैनलों के ज़रिये कथित तौर पर लगभग ₹30 लाख ममता बनर्जी को ट्रांसफर किए गए।

हालाँकि, सेन का कहना था कि यह भुगतान रॉयल्टी के रूप में किया गया था। TMC ने भी इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज किया है।

न्यायिक जाँच आयोग सक्रिय

पश्चिम बंगाल की वर्तमान सरकार द्वारा पिछले TMC कार्यकाल में कथित संस्थागत भ्रष्टाचार की जाँच के लिए गठित न्यायिक जाँच आयोग ने भी सेन से जुड़े मामले की जाँच शुरू कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता-परिवर्तन के बाद विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई का दौर तेज़ होता दिख रहा है।

आगे क्या

जाँच एजेंसियाँ कई मामलों में आरोप-पत्र दाखिल करने की तैयारी में बताई जा रही हैं। इंद्रनील सेन के मामले में ED और कोलकाता पुलिस दोनों की समानांतर जाँच से यह मामला न्यायालय में अधिक जटिल हो सकता है। राज्य की राजनीतिक स्थिति और अदालती कार्यवाहियाँ आगामी हफ्तों में इन घटनाक्रमों की दिशा तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सत्ता-परिवर्तन के बाद विपक्ष को दबाने की उस परिचित राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा लग सकती है जो कई राज्यों में देखी जाती रही है। असली सवाल यह है कि क्या ये मामले अदालत में टिकते हैं — अब तक केवल एक को जमानत मिली है, जो जाँच एजेंसियों की मज़बूत पकड़ का संकेत देती है। ममता बनर्जी के नाम का ED के बयान में आना राजनीतिक रूप से विस्फोटक है, लेकिन 'ऑक्टेव रिकॉर्ड्स' के ₹30 लाख को रॉयल्टी बनाम संदिग्ध ट्रांसफर के रूप में परिभाषित करने की लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी। मुख्यधारा की कवरेज गिरफ्तारी की संख्या पर केंद्रित है — लेकिन असली कसौटी यह होगी कि इन मामलों में अभियोजन पक्ष कितना ठोस साबित होता है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में कौन से 5 पूर्व TMC मंत्री गिरफ्तार हुए हैं?
गिरफ्तार पाँच पूर्व मंत्री हैं — सुजीत बोस (पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री), दिलीप मंडल (पूर्व परिवहन राज्यमंत्री), उज्ज्वल बिस्वास (पूर्व सुधार सेवा मंत्री), उदयन गुहा (उत्तर बंगाल विकास विभाग के पूर्व मंत्री) और इंद्रनील सेन (पूर्व पर्यटन मंत्री)। इनमें से केवल उज्ज्वल बिस्वास इस समय जमानत पर बाहर हैं।
इंद्रनील सेन को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
इंद्रनील सेन को कोलकाता पुलिस ने कथित फर्जी 'दुर्गा पूजा पास' घोटाले में गिरफ्तार किया, जो यूनेस्को मान्यता प्राप्त दुर्गा पूजा उत्सव से जुड़े पर्यटन दौरों से संबंधित है। उनके खिलाफ ED और कोलकाता पुलिस दोनों समानांतर जाँच कर रहे हैं।
ED की जाँच में ममता बनर्जी का नाम कैसे आया?
ED के अनुसार, इंद्रनील सेन की कंपनी 'ऑक्टेव रिकॉर्ड्स' के खातों से बैंकिंग चैनलों के ज़रिये कथित तौर पर लगभग ₹30 लाख ममता बनर्जी को ट्रांसफर किए गए। हालाँकि सेन का कहना है कि यह रॉयल्टी भुगतान था; TMC ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
सुजीत बोस पर क्या आरोप हैं?
ED ने सुजीत बोस को पश्चिम बंगाल में नगर निकायों की भर्तियों से जुड़े कथित 'नौकरी के बदले नकद' मामले में गिरफ्तार किया था। इस मामले में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
पश्चिम बंगाल में न्यायिक जाँच आयोग क्या है?
राज्य की वर्तमान BJP सरकार ने पिछली TMC सरकार के कार्यकाल में हुए कथित संस्थागत भ्रष्टाचार की जाँच के लिए एक न्यायिक जाँच आयोग गठित किया है। इस आयोग ने इंद्रनील सेन से जुड़े मामले की जाँच शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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