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यूसीसी पर यशवंत सिन्हा का BJP पर हमला: '2029 चुनाव के लिए हिंदू-मुस्लिम नफरत भड़काने की कोशिश'

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यूसीसी पर यशवंत सिन्हा का BJP पर हमला: '2029 चुनाव के लिए हिंदू-मुस्लिम नफरत भड़काने की कोशिश'

सारांश

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा का BJP पर दोतरफा हमला — एक तरफ UCC को 2029 के चुनाव के लिए साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण का हथियार बताया, दूसरी तरफ BRICS के साझा बयान पर भारतीय अधिकारियों की मेहनत को सराहा। BJP के अपने सहयोगी भी UCC पर नाखुश — गठबंधन में दरार के संकेत।

मुख्य बातें

यशवंत सिन्हा ने 15 सितंबर 2026 को हजारीबाग में UCC पर BJP को घेरा।
उनका आरोप — UCC का मुद्दा 2029 चुनाव को ध्यान में रखकर हिंदू-मुसलमानों के बीच नफरत फैलाने के लिए उठाया गया।
BJP के सहयोगी दलों ने भी UCC पर नाखुशी जताई है — गठबंधन के भीतर मतभेद उजागर।
BRICS सम्मेलन दिल्ली में सभी आमंत्रित राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए, जिनमें चीन और रूस के राष्ट्रपति प्रमुख।
सिन्हा ने साझा BRICS बयान तैयार करने के लिए भारतीय अधिकारियों की विशेष सराहना की।
अगला BRICS सम्मेलन चीन में होगा; पिछला ब्राज़ील में हुआ था।

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने 15 सितंबर 2026 को हजारीबाग में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2029 के आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए BJP ने जानबूझकर एक ऐसा मुद्दा उठाया है जिसका मकसद देश में हिंदू-मुसलमानों के बीच नफरत की भावना को हवा देना है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब UCC पर राष्ट्रीय बहस तेज़ है और BJP के सहयोगी दल भी इस मुद्दे पर असहमति जता चुके हैं।

यूसीसी पर सिन्हा का सीधा आरोप

सिन्हा ने कहा, 'BJP और उनके सहयोगी बराबर से इस कोशिश में लगे रहे हैं — और उसी को बढ़ावा देने के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात की जा रही है।' उन्होंने सीधे गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मुद्दे को उन्होंने चुनावी गणित के हिसाब से छेड़ा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि BJP के अपने सहयोगी दलों ने भी यूसीसी को लेकर नाखुशी जताई है — जो सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर आंतरिक दरार को उजागर करता है।

ब्रिक्स सम्मेलन पर सिन्हा का मूल्यांकन

सिन्हा ने नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की स्थापना का श्रेय वित्तीय कंपनी गोल्डमैन सैक्स के एक अधिकारी को जाता है, जिन्होंने कहा था कि 2050 तक ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में होंगे। इन्हीं देशों के नाम के पहले अक्षरों से 'ब्रिक्स' नाम बना।

सिन्हा ने कहा कि अब इस समूह में कई और देश शामिल हो चुके हैं। पिछला सम्मेलन ब्राज़ील में हुआ था, और अगला सम्मेलन चीन में आयोजित होगा। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि जिन भी राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण दिया गया, वे सभी दिल्ली पहुँचे — जिनमें चीन के राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति प्रमुख रूप से शामिल थे।

साझा बयान पर भारतीय अधिकारियों की तारीफ

सिन्हा ने विशेष रूप से भारतीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि मई में दिल्ली में हुई विदेश मंत्रियों की बैठक में कई मतभेदों के चलते साझा बयान नहीं बन पाया था। लेकिन इस बार भारतीय अधिकारियों ने रात-रात भर मेहनत कर एक ऐसा साझा बयान तैयार किया जिस पर सभी देशों ने सहमति जताई। उन्होंने कहा, 'इसका श्रेय मैं अपने अधिकारियों को दूंगा, जिन्होंने कड़ी मशक्कत की।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि और असर

गौरतलब है कि यशवंत सिन्हा BJP के पूर्व वरिष्ठ नेता रहे हैं और बाद में पार्टी से अलग होकर विपक्षी खेमे के करीब आ गए। उनका UCC पर यह हमला ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में UCC के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। आलोचकों का कहना है कि इस मुद्दे का समय 2029 के चुनावी कार्यक्रम से जोड़कर देखा जाना चाहिए। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि क्या BJP के सहयोगी दलों की नाराज़गी गठबंधन की एकजुटता को प्रभावित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि BJP के अपने सहयोगी दलों की नाराज़गी गठबंधन की असली कमज़ोरी को उजागर करती है — 2029 तक इसे संभाले रखना मोदी सरकार के लिए UCC से भी बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकती है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यशवंत सिन्हा ने UCC पर क्या कहा?
यशवंत सिन्हा ने कहा कि BJP ने 2029 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए UCC का मुद्दा उठाया है, जिसका मकसद हिंदू-मुसलमानों के बीच नफरत की भावना को बढ़ाना है। उन्होंने गृह मंत्री पर सीधे निशाना साधा और कहा कि BJP के सहयोगी दलों ने भी इस पर नाखुशी जताई है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) क्या है और यह विवादास्पद क्यों है?
UCC एक समान नागरिक संहिता है जो सभी धर्मों के नागरिकों पर विवाह, तलाक, विरासत जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक ही कानून लागू करेगी। यह इसलिए विवादास्पद है क्योंकि विभिन्न धार्मिक समुदायों के अपने व्यक्तिगत कानून हैं और कई अल्पसंख्यक समूह इसे अपनी पहचान पर हमला मानते हैं।
BJP के सहयोगी दल UCC पर क्यों नाखुश हैं?
यशवंत सिन्हा के अनुसार, BJP के सहयोगी दलों ने UCC के मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से नाखुशी जताई है। कथित तौर पर कई क्षेत्रीय दल अपने वोट आधार के बीच इस मुद्दे के राजनीतिक नतीजों को लेकर चिंतित हैं।
BRICS सम्मेलन दिल्ली पर यशवंत सिन्हा की क्या राय है?
सिन्हा ने दिल्ली BRICS सम्मेलन को सकारात्मक रूप से देखा। उन्होंने कहा कि सभी आमंत्रित राष्ट्राध्यक्ष — जिनमें चीन और रूस के राष्ट्रपति शामिल हैं — शामिल हुए और भारतीय अधिकारियों ने रात-रात भर मेहनत कर एक सर्वसम्मत साझा बयान तैयार किया, जो मई की विदेश मंत्रियों की बैठक में संभव नहीं हो पाया था।
BRICS क्या है और इसमें कौन से देश शामिल हैं?
BRICS एक बहुपक्षीय समूह है जिसकी स्थापना ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नाम के पहले अक्षरों से हुई। गोल्डमैन सैक्स के एक अधिकारी ने 2050 तक इन देशों के शीर्ष अर्थव्यवस्था बनने की भविष्यवाणी की थी, जिससे इस समूह की पहचान बनी। अब इसमें कई अन्य देश भी शामिल हो गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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