वाईएसआरसीपी का आरोप: टीडीपी गठबंधन ने आंध्र प्रदेश में 'आतंक का राज' कायम किया, विपक्षी नेताओं पर झूठे मुकदमे
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 23 सितंबर 2026 को आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार असहमति की आवाज़ों को दबाने के लिए 'आतंक का राज' चला रही है और विपक्षी नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर झूठे मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
ताडेपल्ली स्थित वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय में बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी के कानूनी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मनोहर रेड्डी ने दावा किया कि राज्य में 'जंगल राज' कायम हो गया है। उनके अनुसार, टीडीपी से जुड़े तत्व आंध्र प्रदेश खेल प्राधिकरण (SAAP) के कार्यालय में बेरोज़गार युवाओं और वाईएसआरसीपी नेताओं पर हमले कर रहे हैं।
मनोहर रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि टास्क फोर्स छापेमारी के ज़रिए विपक्षी कार्यकर्ताओं के परिवारों को डरा-धमकाया जा रहा है। उनका कहना था, 'गठबंधन के पास उठाए गए तीखे सवालों का कोई जवाब नहीं है, इसलिए वह झूठे मामले दर्ज करा रहा है और असहमति की आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रहा है।'
विशिष्ट नेताओं पर पुराने मामले दोबारा खोलने का आरोप
मनोहर रेड्डी ने बताया कि एमएलसी थलसिला रघुराम और देवीनेनी अविनाश के खिलाफ पुराने मामलों को फिर से खोला जा रहा है, जो कथित तौर पर सरकार की प्रतिशोधात्मक मंशा को उजागर करता है। उनके अनुसार, यह सब वाईएसआरसीपी नेताओं को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में प्रतिस्पर्धा से बाहर रखने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
उन्होंने तर्क दिया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और शिक्षा मंत्री लोकेश के खिलाफ स्वयं कई मामले दर्ज हैं — फिर भी विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है।
कुप्पम हमले और SAAP विरोध प्रदर्शन
वाईएसआरसीपी ने कुप्पम में चंद्रबाबू नायडू की टिप्पणियों को वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं और दिव्यांग बेरोज़गार युवाओं पर हुए कथित सुनियोजित हमलों से जोड़ा है। पार्टी ने 21 सितंबर को विजयवाड़ा स्थित SAAP कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें भर्ती अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया था।
वाईएसआरसीपी की माँगें
पार्टी ने शिक्षा मंत्री लोकेश के तत्काल इस्तीफे और शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जाँच की माँग की है। मनोहर रेड्डी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को विपक्ष को निशाना बनाने के बजाय डीएससी भर्ती में अनियमितताओं और खेल कोटे में कथित हेरफेर की जाँच पर ध्यान देना चाहिए।
आगे की राह
मनोहर रेड्डी ने चेतावनी दी कि इस 'प्रतिशोधी राजनीति' में शामिल सभी लोगों को आने वाले समय में इसके परिणाम भुगतने होंगे। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है।