4 अगस्त 2026
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पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम: 170 कंपनियों को मंजूरी, 225 उत्पाद अधिसूचित; एनटीटीएम को ₹256 करोड़ का बजट

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पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम: 170 कंपनियों को मंजूरी, 225 उत्पाद अधिसूचित; एनटीटीएम को ₹256 करोड़ का बजट

सारांश

पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम के तहत 170 कंपनियों को हरी झंडी और 225 उत्पाद अधिसूचित — साथ ही एनटीटीएम को ₹256 करोड़ का बजट और 31 स्टार्टअप्स को ₹15.40 करोड़ की ग्रांट। तिरुनेलवेली के 343 बुनकरों को भी राहत। भारत का वस्त्र क्षेत्र नवाचार और निर्यात की दोहरी राह पर।

मुख्य बातें

पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम के तहत अब तक 170 कंपनियों के आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है।
एमएमएफ अपैरल , एमएमएफ फैब्रिक्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेगमेंट में 225 उत्पाद अधिसूचित किए गए हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 में एनटीटीएम को ₹256 करोड़ का बजट आवंटित।
ग्रेट स्कीम के तहत 31 स्टार्टअप्स को ₹15.40 करोड़ की मंजूरी; सरकार का हिस्सा ₹13.65 करोड़ ।
तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में 343 हैंडलूम बुनकरों को ₹78.31 लाख जारी किए गए।

केंद्र सरकार ने 4 अगस्त 2026 को लोकसभा में जानकारी दी कि पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम के अंतर्गत अब तक कुल 170 कंपनियों के आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है। कपड़ा राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने एक लिखित उत्तर में यह खुलासा करते हुए बताया कि इस योजना के तहत एमएमएफ अपैरल, एमएमएफ फैब्रिक्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेगमेंट में 225 उत्पादों को अधिसूचित किया गया है।

योजना की निगरानी और क्रियान्वयन

मंत्री मार्गेरिटा ने सदन को बताया कि पीएलआई स्कीम की नियमित निगरानी और समीक्षा कपड़ा मंत्रालय तथा डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) के स्तर पर की जाती है, जो समस्त पीएलआई योजनाओं के लिए नोडल विभाग है। उन्होंने कहा, 'जमीनी स्तर पर बारीकी से जांच-पड़ताल के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी (पीएमए) को भी लगाया गया है, और स्कीम से जुड़े डेटा और परफॉर्मेंस मेट्रिक्स के लिए एक सेंट्रलाइज्ड रिपॉजिटरी के तौर पर काम करने के लिए एक खास पीएलआई पोर्टल बनाया गया है।'

एनटीटीएम और ग्रेट स्कीम

नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन (एनटीटीएम) के तहत संचालित 'ग्रांट फॉर रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप फॉर न्यू इनोवेटर्स इन टेक्निकल टेक्सटाइल्स (ग्रेट)' स्कीम का उद्देश्य टेक्निकल टेक्सटाइल्स क्षेत्र में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है। इस योजना के ज़रिये युवा इनोवेटर्स, वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और स्टार्टअप उद्यमों को उनके विचारों को व्यावसायिक तकनीक और उत्पादों में रूपांतरित करने में सहायता प्रदान की जाती है।

मंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एनटीटीएम को ₹256 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें ग्रेट स्कीम के अंतर्गत स्टार्टअप्स को अनुदान देने का प्रावधान भी सम्मिलित है।

31 स्टार्टअप्स को अनुदान की मंजूरी

लोकसभा में एक अलग प्रश्न के लिखित उत्तर में मार्गेरिटा ने बताया कि एनटीटीएम के तहत ₹15.40 करोड़ की कुल लागत वाले 31 स्टार्टअप्स को स्वीकृति दी गई है। इनमें से ₹13.65 करोड़ की राशि भारत सरकार की ओर से वहन की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार घरेलू टेक्सटाइल इनोवेशन को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप ढालने की कोशिश कर रही है।

हैंडलूम बुनकरों को भी लाभ

नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनएचडीपी) के तहत छोटे क्लस्टर विकास कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान ₹78.31 लाख की राशि जारी की गई है। इससे तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के 343 हैंडलूम बुनकरों को सीधा लाभ मिला है। गौरतलब है कि हैंडलूम क्षेत्र देश के लाखों असंगठित कारीगरों की आजीविका का आधार है, और इस तरह के लक्षित हस्तक्षेप दीर्घकालिक रोज़गार स्थिरता की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं।

आगे की राह

पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम, एनटीटीएम और एनएचडीपी की समन्वित कार्यप्रणाली यह संकेत देती है कि केंद्र सरकार वस्त्र क्षेत्र में नवाचार, निर्यात क्षमता और रोज़गार सृजन को एक साथ साधने की रणनीति पर काम कर रही है। अब सबकी नज़रें इस बात पर होंगी कि स्वीकृत कंपनियाँ और स्टार्टअप्स निर्धारित उत्पादन एवं रोज़गार लक्ष्यों को किस हद तक पूरा करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इन स्वीकृतियों का कितना हिस्सा वास्तविक उत्पादन और निर्यात में परिवर्तित हुआ। पीएलआई पोर्टल और पीएमए जैसे निगरानी तंत्र सही दिशा में कदम हैं, मगर उनके डेटा की सार्वजनिक पारदर्शिता अभी भी सीमित है। ग्रेट स्कीम के तहत 31 स्टार्टअप्स को अनुदान देना टेक्निकल टेक्सटाइल्स में नवाचार को प्रोत्साहन देने की सही सोच है, पर ₹15.40 करोड़ की राशि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के पैमाने पर बेहद छोटी है। तिरुनेलवेली के बुनकरों तक ₹78.31 लाख पहुँचाना जमीनी स्तर पर सार्थक है, लेकिन इसे व्यापक हैंडलूम संकट के संदर्भ में देखें तो यह राशि ऊँट के मुँह में जीरे जैसी लगती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम के तहत कितनी कंपनियों को मंजूरी मिली है?
अब तक कुल 170 कंपनियों के आवेदनों को पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम के तहत मंजूरी दी जा चुकी है। इस स्कीम में एमएमएफ अपैरल, एमएमएफ फैब्रिक्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेगमेंट में 225 उत्पाद अधिसूचित हैं।
नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन (एनटीटीएम) को 2026-27 में कितना बजट मिला?
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एनटीटीएम को ₹256 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसमें ग्रेट स्कीम के तहत स्टार्टअप्स को अनुदान देने का प्रावधान भी शामिल है।
ग्रेट स्कीम क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
ग्रेट (GREAT) स्कीम एनटीटीएम के अंतर्गत एक अनुदान कार्यक्रम है जो टेक्निकल टेक्सटाइल्स क्षेत्र में युवा इनोवेटर्स, वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स को उनके विचारों को व्यावसायिक उत्पादों में बदलने में मदद करता है। अब तक ₹15.40 करोड़ की लागत वाले 31 स्टार्टअप्स को मंजूरी दी गई है।
पीएलआई टेक्सटाइल स्कीम की निगरानी कैसे होती है?
इस स्कीम की निगरानी कपड़ा मंत्रालय और डीपीआईआईटी के स्तर पर की जाती है। जमीनी स्तर पर एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी (पीएमए) तैनात है और डेटा प्रबंधन के लिए एक समर्पित पीएलआई पोर्टल भी बनाया गया है।
तमिलनाडु के हैंडलूम बुनकरों को इन योजनाओं से क्या लाभ मिला?
नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत 2023-24 और 2024-25 के दौरान ₹78.31 लाख जारी किए गए, जिससे तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के 343 हैंडलूम बुनकरों को सीधा लाभ मिला।
राष्ट्र प्रेस
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