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अदाणी एयरपोर्ट्स और आईएचसीएल का बड़ा करार: 4 शहरों में 8 होटल, 2,000 कमरों की क्षमता

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अदाणी एयरपोर्ट्स और आईएचसीएल का बड़ा करार: 4 शहरों में 8 होटल, 2,000 कमरों की क्षमता

सारांश

देश के सबसे बड़े प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर और सबसे बड़ी हॉस्पिटैलिटी कंपनी एक साथ आए हैं। अदाणी एयरपोर्ट्स और आईएचसीएल का यह करार महज होटल बनाने का समझौता नहीं — यह भारत के एयरपोर्ट्स को 'एयरपोर्ट सिटी' में बदलने की ₹20,000 करोड़ की महत्त्वाकांक्षी योजना का पहला ठोस कदम है।

मुख्य बातें

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स (एएएचएल) और आईएचसीएल ने 29 अक्टूबर 2026 को मल्टी-होटल करार किया।
मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ और गुवाहाटी में 8 होटल विकसित होंगे — कुल 2,000 कमरे ।
होटल ताज, विवान्ता, गेटवे और जिंजर ब्रांड के तहत संचालित होंगे।
अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड पहले चरण में ₹20,000 करोड़ से अधिक का निवेश करेगी।
कुल 655 एकड़ से अधिक भूमि — जिसमें मुंबई-नवी मुंबई की 440 एकड़ शामिल — का व्यावसायिक विकास होगा।
पहले चरण में 6 शहरों में लगभग 2.2 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र विकसित किया जाएगा।

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) और द इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने 29 अक्टूबर 2026 को एक बहु-होटल साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ और गुवाहाटी में कुल 2,000 कमरों की क्षमता वाले 8 होटल विकसित किए जाएंगे। यह करार भारत के प्रमुख एयरपोर्ट परिसरों को विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी केंद्रों में बदलने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

करार में क्या-क्या शामिल है

समझौते के तहत 3 ताज होटल, 2 विवान्ता होटल, 1 गेटवे होटल और 2 जिंजर होटल बनाए जाएंगे। ये सभी ब्रांड आईएचसीएल के मल्टी-ब्रांड हॉस्पिटैलिटी पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं और विभिन्न श्रेणियों के यात्रियों — बिजनेस, मनोरंजन एवं ट्रांज़िट — को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए गए हैं।

होटल निर्माण का कार्य अदाणी एयरपोर्ट्स करेगा, जबकि इनका संचालन आईएचसीएल अपने ब्रांड्स के माध्यम से करेगी। यह एक 'डेवलप एंड ऑपरेट' मॉडल है जो एयरपोर्ट रियल एस्टेट के मुद्रीकरण और हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञता को एक साथ जोड़ता है।

शहर-दर-शहर विवरण

मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 पर एक ताज होटल स्थापित किया जाएगा, जो देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे पर प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। लखनऊ एयरपोर्ट के निकट एक विवान्ता और एक जिंजर होटल बनेंगे।

अहमदाबाद में एक ताज और एक विवान्ता होटल विकसित होंगे, और बताया जा रहा है कि वहाँ निर्माण कार्य काफी आगे बढ़ चुका है। गुवाहाटी में सबसे अधिक तीन होटल — एक ताज, एक गेटवे और एक जिंजर — बनाए जाएंगे, जो पूर्वोत्तर भारत में हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की बड़ी कमी को पूरा करेंगे।

अदाणी एयरपोर्ट सिटी की व्यापक योजना

इस परियोजना के लिए अदाणी एयरपोर्ट्स ने 'अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड' नामक एक नई इकाई गठित की है। इसका उद्देश्य सात राज्यों में स्थित 8 एयरपोर्ट्स पर 655 एकड़ से अधिक भूमि का व्यावसायिक विकास करना है, जिसमें मुंबई और नवी मुंबई की लगभग 440 एकड़ भूमि सम्मिलित है।

पहले चरण में मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर और गुवाहाटी में करीब 2.2 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र के विकास के लिए ₹20,000 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। यह भारत की एयरपोर्ट-आधारित रियल एस्टेट में अब तक की सबसे बड़ी एकीकृत निवेश योजनाओं में से एक है।

नेतृत्व की राय

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के निदेशक जीत अदाणी ने कहा, 'दुनिया भर में, प्रमुख एयरपोर्ट्स अब ऐसे एकीकृत केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं, जो व्यापार, पर्यटन और शहरी विकास को बढ़ावा देते हैं। आईएचसीएल के साथ हमारी साझेदारी इस सफर में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।' उन्होंने यह भी कहा कि लक्ष्य उन क्षेत्रों के दीर्घकालिक आर्थिक विकास में योगदान देना है जहाँ समूह की सेवाएं हैं।

आगे क्या होगा

यह करार ऐसे समय में आया है जब भारत में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई यात्री संख्या लगातार बढ़ रही है और एयरपोर्ट के निकट उच्च-गुणवत्ता वाले आवास की माँग तेज़ी से उभर रही है। गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर दुबई, सिंगापुर और हाँगकाँग जैसे प्रमुख हवाई अड्डे पहले से ही एकीकृत एयरपोर्ट सिटी के रूप में काम कर रहे हैं। इन होटलों के पूर्ण संचालन में आने से न केवल पर्यटन बल्कि संबंधित शहरों में MICE (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन, प्रदर्शनियाँ) उद्योग को भी बड़ा बल मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर भारतीय पैमाने पर। ₹20,000 करोड़ का निवेश प्रभावशाली है, लेकिन असली जाँच क्रियान्वयन की गति और नियामकीय मंजूरियों में होगी, क्योंकि एयरपोर्ट परिसर में रियल एस्टेट विकास ऐतिहासिक रूप से देरी का शिकार रहा है। गौर करने वाली बात यह भी है कि इस करार में जयपुर एयरपोर्ट का उल्लेख निवेश योजना में है, पर होटलों की सूची में नहीं — यह स्पष्टता की माँग करता है। यदि यह मॉडल सफल रहा, तो यह भारत के एयरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर और हॉस्पिटैलिटी दोनों क्षेत्रों के लिए एक नया बेंचमार्क बन सकता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी एयरपोर्ट्स और आईएचसीएल के बीच करार क्या है?
यह 29 अक्टूबर 2026 को हस्ताक्षरित एक मल्टी-होटल साझेदारी समझौता है, जिसके तहत मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ और गुवाहाटी में 2,000 कमरों की क्षमता वाले 8 होटल विकसित किए जाएंगे। होटल निर्माण अदाणी एयरपोर्ट्स करेगा और संचालन आईएचसीएल के ब्रांड्स के तहत होगा।
इन 8 होटलों में कौन-कौन से ब्रांड होंगे?
समझौते में 3 ताज होटल, 2 विवान्ता होटल, 1 गेटवे होटल और 2 जिंजर होटल शामिल हैं। ये सभी ब्रांड आईएचसीएल के मल्टी-ब्रांड पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं और विभिन्न श्रेणियों के यात्रियों को सेवाएं देंगे।
अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड क्या है और इसका निवेश कितना है?
अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड एएएचएल द्वारा गठित नई इकाई है जो सात राज्यों के 8 एयरपोर्ट्स पर 655 एकड़ से अधिक भूमि का विकास करेगी। पहले चरण में 6 शहरों में लगभग 2.2 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र के लिए ₹20,000 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है।
किस शहर में कौन-से होटल बनेंगे?
मुंबई एयरपोर्ट टर्मिनल 2 पर एक ताज होटल; लखनऊ में एक विवान्ता और एक जिंजर; अहमदाबाद में एक ताज और एक विवान्ता; तथा गुवाहाटी में एक ताज, एक गेटवे और एक जिंजर होटल बनेंगे। अहमदाबाद में निर्माण कार्य काफी आगे बढ़ चुका बताया जा रहा है।
इस साझेदारी का आम यात्रियों पर क्या असर होगा?
प्रमुख एयरपोर्ट्स पर ठहरने, खाने-पीने, मीटिंग, वेलनेस और मनोरंजन की एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अलग-अलग बजट और ज़रूरतों के यात्रियों के लिए ताज से लेकर जिंजर तक के विकल्प एक ही परिसर में मिल सकेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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