10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एयर इंडिया फ्लाइट AI479 दिल्ली-अमृतसर रूट पर 'गो-अराउंड' के दौरान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में पहुँची, जाँच शुरू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एयर इंडिया फ्लाइट AI479 दिल्ली-अमृतसर रूट पर 'गो-अराउंड' के दौरान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में पहुँची, जाँच शुरू

सारांश

दिल्ली-अमृतसर रूट पर एयर इंडिया की फ्लाइट AI479 लैंडिंग के दौरान 'गो-अराउंड' लेते वक्त पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में कुछ पल के लिए पहुँच गई — यह उस समय हुआ जब पाकिस्तान ने भारतीय विमानों पर अपना आसमान पूरी तरह बंद कर रखा है। एयरलाइन ने जाँच शुरू की है।

मुख्य बातें

एयर इंडिया फ्लाइट AI479 ने 22 जून 2025 को अमृतसर हवाई अड्डे पर 'गो-अराउंड' के दौरान सीमित रूप से पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया।
एयर इंडिया ने घटना की सूचना नियामक एजेंसियों को दी और आंतरिक जाँच शुरू की।
पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र अप्रैल 2025 से भारतीय विमानों के लिए बंद है; ताज़ा प्रतिबंध 24 जुलाई 2025 तक बढ़ाया गया है।
यह प्रतिबंध पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद बढ़े सीमा तनाव के बाद लगाया गया था।
वैकल्पिक मार्गों के कारण एयर इंडिया और इंडिगो पर करोड़ों रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है।

एयर इंडिया की दिल्ली-अमृतसर फ्लाइट AI479 22 जून 2025 को अमृतसर हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान 'गो-अराउंड' प्रक्रिया अपनाते हुए कुछ समय के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान ने भारतीय विमानों पर अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर रखा है। एयरलाइन ने स्वयं इस घटना की सूचना नियामक एजेंसियों को दी है और आंतरिक जाँच के आदेश दे दिए हैं।

क्या हुआ उस उड़ान में

टाटा समूह की एयरलाइन एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में स्वीकार किया कि फ्लाइट AI479 के चालक दल ने अमृतसर हवाई अड्डे पर 'गो-अराउंड' के दौरान सीमित रूप से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया। 'गो-अराउंड' एक मानक विमानन प्रक्रिया है जिसमें पायलट लैंडिंग रद्द कर पुनः चक्कर लगाता है — आमतौर पर रनवे पर अन्य विमान, खराब मौसम या तकनीकी कारणों से।

एयरलाइन ने कहा, "इस घटना की सूचना नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और आंतरिक जाँच जारी है। एयर इंडिया में यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र प्रतिबंध की पृष्ठभूमि

वर्तमान में पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय पंजीकरण वाले, भारतीय स्वामित्व वाले या भारतीय कंपनियों द्वारा लीज पर लिए गए सभी नागरिक और सैन्य विमानों के लिए बंद है। यह प्रतिबंध अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले और उसके बाद बढ़े सीमा तनाव के बाद लागू किया गया था।

पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने इस महीने की शुरुआत में यह प्रतिबंध 24 जुलाई 2025, सुबह 4:59 बजे तक बढ़ा दिया। जारी नोटिस के अनुसार, "भारतीय नागरिक और सैन्य विमानों पर प्रतिबंध 16 जून शाम 5:50 बजे से 24 जुलाई सुबह 4:59 बजे तक प्रभावी रहेगा।" भारत ने भी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर रखा है।

भारतीय एयरलाइनों पर आर्थिक असर

पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख भारतीय एयरलाइनों को यूरोप, मध्य एशिया और उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों के लिए लंबे वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं। पश्चिम और उत्तर दिशा की उड़ानें अब अरब सागर के ऊपर से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान या अन्य वैकल्पिक रास्तों से गुजरती हैं।

लंबे मार्गों की वजह से विमानों को अधिक ईंधन ले जाना पड़ता है, जिससे यात्री या कार्गो क्षमता प्रभावित होती है। इन अतिरिक्त मार्गों के कारण एयरलाइनों पर करोड़ों रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है, जिसका असर भविष्य में हवाई किराए पर भी दिख सकता है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर व्यापक प्रभाव

पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारतीय एयरलाइनों को अल्माटी और ताशकंद जैसे मध्य एशियाई शहरों के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित भी करनी पड़ी हैं। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे संवेदनशील समय में हुई है जब भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई संपर्क पूरी तरह ठप है और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बना हुआ है।

नियामक एजेंसियों द्वारा जाँच के नतीजे और एयर इंडिया की आंतरिक समीक्षा रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि 'गो-अराउंड' के दौरान हवाई क्षेत्र उल्लंघन किन परिस्थितियों में हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी राजनीतिक संवेदनशीलता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता — भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद होने की स्थिति में अमृतसर जैसे सीमावर्ती हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन में विशेष सावधानी अपेक्षित है। यह सवाल उठता है कि क्या सीमा के इतने करीब स्थित हवाई अड्डे पर 'गो-अराउंड' प्रक्रियाओं के लिए मौजूदा नेविगेशन प्रोटोकॉल पर्याप्त हैं या इन्हें संशोधित करने की ज़रूरत है। नियामक जाँच का दायरा केवल इस एक उड़ान तक सीमित न रहे — सीमावर्ती हवाई अड्डों पर समान परिस्थितियों में भविष्य की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक समीक्षा ज़रूरी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर इंडिया फ्लाइट AI479 पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में कैसे पहुँची?
फ्लाइट AI479 दिल्ली से अमृतसर जा रही थी और 22 जून 2025 को अमृतसर हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान 'गो-अराउंड' प्रक्रिया अपनाते समय सीमित रूप से पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई। 'गो-अराउंड' एक मानक विमानन प्रक्रिया है जिसमें पायलट लैंडिंग रद्द कर पुनः चक्कर लगाता है।
क्या यह घटना यात्रियों के लिए खतरनाक थी?
एयर इंडिया के बयान के अनुसार, यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और घटना की आंतरिक जाँच जारी है। एयरलाइन ने सुरक्षा संबंधी किसी खतरे का उल्लेख नहीं किया है।
पाकिस्तान ने भारतीय विमानों पर हवाई क्षेत्र क्यों बंद किया है?
पाकिस्तान ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले और उसके बाद बढ़े सीमा तनाव के बाद भारतीय विमानों पर अपना हवाई क्षेत्र बंद किया था। भारत ने भी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।
पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र प्रतिबंध कब तक लागू रहेगा?
पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने इस प्रतिबंध को 24 जुलाई 2025, सुबह 4:59 बजे तक बढ़ा दिया है। यह प्रतिबंध हर महीने नवीनीकृत किया जा रहा है।
पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होने से भारतीय एयरलाइनों पर क्या असर पड़ रहा है?
एयर इंडिया और इंडिगो जैसी भारतीय एयरलाइनों को यूरोप, मध्य एशिया और उत्तरी अमेरिका की उड़ानों के लिए अरब सागर के ऊपर से UAE और ओमान होकर लंबे वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं। इससे ईंधन खर्च बढ़ रहा है, यात्री और कार्गो क्षमता घट रही है और एयरलाइनों पर करोड़ों रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले