ई20 पेट्रोल गुणवत्ता विवाद: केंद्र सरकार ने चिंताएँ खारिज कीं, 100+ नमूनों में क्लोराइड मानक के भीतर
सारांश
मुख्य बातें
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 8 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा आपूर्ति किया जा रहा ई20 पेट्रोल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पूरी तरह अनुरूप है और उपभोक्ता इसे निश्चिंत होकर उपयोग में ला सकते हैं। मंत्रालय ने हाल की मीडिया रिपोर्टों में उठाई गई नमी और क्लोराइड मिलावट की चिंताओं को वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर निराधार बताया।
विवाद की पृष्ठभूमि
हाल के हफ्तों में कुछ मीडिया रिपोर्टों में ई20 पेट्रोल में नमी और क्लोराइड की अस्वीकार्य मात्रा होने के दावे किए गए थे। इन रिपोर्टों के बाद उपभोक्ताओं में इस ईंधन की सुरक्षा और वाहन प्रदर्शन को लेकर आशंकाएँ उत्पन्न हो गई थीं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ा रही है।
परीक्षण अभियान और नतीजे
मंत्रालय के अनुसार, इन आरोपों के बाद ओएमसी ने पूरे देश में ई20 पेट्रोल की सप्लाई चेन में व्यापक और यादृच्छिक परीक्षण अभियान चलाया। देश की विभिन्न रिफाइनरियों से 100 से अधिक अतिरिक्त पेट्रोल नमूने यादृच्छिक रूप से लेकर जाँचे गए। सरकार के अनुसार, परीक्षण में सभी नमूनों में क्लोराइड का स्तर 1 पार्ट पर मिलियन (पीपीएम) या उससे कम पाया गया, जो निर्धारित मानकों के भीतर है।
मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'कुछ दावों के विपरीत, वैज्ञानिक आधार पर किए गए व्यापक परीक्षणों से यह स्पष्ट हुआ है कि ईंधन में किसी प्रकार के प्रदूषण या गुणवत्ता संबंधी समस्या को लेकर चिंता की कोई वजह नहीं है।'
मौजूदा निगरानी व्यवस्था
मंत्रालय ने बताया कि ईंधन गुणवत्ता की निगरानी के लिए देश भर के प्रत्येक पेट्रोल पंप पर रोज़ाना 8 से 12 बार पानी की मिलावट और घनत्व की जाँच की जा रही है। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर मोबाइल फ्यूल क्वालिटी टेस्टिंग लैब्स भी तैनात हैं। परीक्षण परिणामों की पुष्टि स्वतंत्र ईंधन प्रयोगशालाओं से भी कराई जाती है।
तेल कंपनियों ने भी स्पष्ट किया है कि ईंधन की गुणवत्ता उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और वाहन प्रदर्शन या उपभोक्ता विश्वास को प्रभावित करने वाले किसी भी मुद्दे की तत्काल वैज्ञानिक जाँच की जाती है।
ई20 का व्यापक महत्त्व
मंत्रालय ने दोहराया कि ई20 पेट्रोल — जिसमें 20% इथेनॉल का मिश्रण होता है — देश की ऊर्जा सुरक्षा, इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। गौरतलब है कि भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, और इथेनॉल मिश्रण इस बोझ को कम करने में अहम भूमिका निभाता है।
आगे की राह
सरकार के अनुसार, सप्लाई चेन के हर स्तर पर लागू बहुस्तरीय परीक्षण प्रणाली ने भारत के ईंधन गुणवत्ता मानकों की मजबूती को एक बार फिर प्रमाणित किया है। मंत्रालय ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता और सुरक्षा पर निरंतर कड़ी निगरानी जारी रहेगी, और किसी भी विचलन की स्थिति में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।