ई20 पेट्रोल गुणवत्ता विवाद: तेल कंपनियों की राष्ट्रव्यापी जांच में क्लोराइड या नमी का कोई प्रमाण नहीं
सारांश
मुख्य बातें
देश की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMC) ने 7 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर हाल ही में उठाई गई चिंताएँ निराधार हैं। संपूर्ण आपूर्ति शृंखला में की गई व्यापक जांच में ईंधन में नमी या क्लोराइड सम्मिश्रण का कोई प्रमाण नहीं मिला और सभी नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए।
विवाद की पृष्ठभूमि
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBMS) यानी ई20 में नमी और क्लोराइड की मात्रा मानक सीमा से अधिक हो सकती है। इन रिपोर्टों के बाद उपभोक्ताओं और वाहन निर्माताओं में चिंता का माहौल बना। तेल कंपनियों ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूरे आपूर्ति तंत्र में अतिरिक्त और गहन परीक्षण अभियान चलाया।
जांच के प्रमुख निष्कर्ष
तेल कंपनियों के अनुसार, देश भर की रिफाइनरियों से यादृच्छिक रूप से चुने गए 100 से अधिक अतिरिक्त पेट्रोल नमूनों की क्लोराइड जांच कराई गई। परीक्षण में सभी नमूनों में क्लोराइड का स्तर 1 पार्ट पर मिलियन (PPM) या उससे कम पाया गया, जो सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर है। कंपनियों ने साझा बयान में कहा कि ईंधन में दूषण का कोई प्रमाण नहीं मिला।
बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था
तेल कंपनियों ने बताया कि क्लोराइड का परीक्षण रिफाइनरी, डिस्टिलरी, डिपो, टर्मिनल और पेट्रोल पंप — इन सभी स्तरों पर नियमित रूप से किया जाता है। इसके अतिरिक्त, सभी पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन 8 से 12 बार पानी की मिलावट और घनत्व की जांच होती है। कई स्थानों पर मोबाइल फ्यूल क्वालिटी टेस्टिंग लैब भी तैनात हैं और ईंधन के नमूनों की स्वतंत्र प्रयोगशालाओं में भी जांच कराई जाती है। यह बहुस्तरीय व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि ईंधन की गुणवत्ता हर चरण पर मानकों के अनुरूप बनी रहे।
इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का महत्व
तेल कंपनियों ने यह भी रेखांकित किया कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम है। गौरतलब है कि सरकार ने पेट्रोल में मिलाए जाने वाले इथेनॉल के लिए क्लोराइड की मात्रा को लेकर कड़े मानक पहले से निर्धारित किए हुए हैं और इनके अनुपालन के लिए उच्च स्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू है। कंपनियों ने भरोसा दिलाया कि इस कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर लगातार कड़ी नजर रखी जाएगी।
उपभोक्ताओं के लिए संदेश
तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया कि ईंधन की गुणवत्ता उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भी स्तर पर वाहन प्रदर्शन या उपभोक्ता विश्वास को प्रभावित करने वाली समस्या की आशंका होती है, तो उसकी वैज्ञानिक विधि से तुरंत जांच की जाती है और सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं। कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और ई20 पेट्रोल का उपयोग निश्चिंत होकर जारी रखें। आगे भी नियमित परीक्षण और निगरानी जारी रहेगी।