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गुजरात में ईवी पंजीकरण में तेज़ उछाल: चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और 1% टैक्स दर बनी बड़ी वजह

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गुजरात में ईवी पंजीकरण में तेज़ उछाल: चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और 1% टैक्स दर बनी बड़ी वजह

सारांश

गुजरात में ईवी अपनाने की रफ़्तार तेज़ हो रही है — पेट्रोल-डीजल पर 6% के मुकाबले ईवी पर महज़ 1% कर, सरकारी सब्सिडी और बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क ने मिलकर बाज़ार का रुख बदल दिया है। सूरत की एक डीलरशिप ने तीन महीने में 90 कारें बेचीं।

मुख्य बातें

गुजरात आरटीओ के अनुसार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मोटर वाहन विभाग ने ईवी पर कर दर 6% से घटाकर 1% कर दी है; गुजरात सरकार अतिरिक्त सब्सिडी भी देती है।
सूरत की कार्गो ग्रुप बीवाईडी डीलरशिप ने पिछले तीन महीनों में लगभग 90 कारें बेचीं, जिनमें से 65 डिलीवर हो चुकी हैं।
वैश्विक तनाव और ईंधन मूल्य वृद्धि की आशंकाओं ने उपभोक्ताओं को ईवी की ओर मोड़ा।
स्थानीय उत्पादन शुरू होने पर कीमतें और घटने और मांग और बढ़ने की उम्मीद।

सूरत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। गुजरात आरटीओ के अधिकारियों के अनुसार, मज़बूत चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, सरकारी सब्सिडी और 1 प्रतिशत की रियायती कर दर ने राज्य में ईवी अपनाने की रफ़्तार को तेज़ किया है। बढ़ती ईंधन कीमतें और केंद्र सरकार का प्रोत्साहन भी इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

सरकारी नीति और कर राहत

असिस्टेंट आरटीओ अंकित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता घटाने की अपील को जनता का व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने कहा, 'लोगों ने उनकी अपील का भरपूर समर्थन किया है। इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में काफी वृद्धि हुई है।'

शाह के अनुसार, गुजरात सरकार विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी प्रदान करती है। मोटर वाहन विभाग ने ईवी पर कर दर को सामान्य पेट्रोल-डीजल वाहनों की 6 प्रतिशत दर से घटाकर मात्र 1 प्रतिशत कर दिया है — यह कटौती उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा आर्थिक प्रोत्साहन साबित हो रही है।

डीलरशिप स्तर पर बढ़ती मांग

सूरत स्थित कार्गो ग्रुप बीवाईडी कार डीलरशिप के सेल्स मैनेजर शगुन सोनी ने बताया कि वैश्विक तनाव और ईंधन मूल्य वृद्धि की आशंकाओं के चलते अधिक उपभोक्ता ईवी की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कई जगहों पर युद्ध जैसी स्थिति है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं।'

सोनी के अनुसार, डीलरशिप ने पिछले तीन महीनों में लगभग 90 कारें बेचीं, जिनमें से 65 वाहन ग्राहकों को डिलीवर किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ग्राहकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक है।

स्थानीय उत्पादन और भविष्य की संभावनाएँ

सोनी ने विश्वास जताया कि भारत में स्थानीय उत्पादन शुरू होने के बाद कंपनी की वृद्धि और तेज़ होगी। उन्होंने कहा, 'कंपनी विस्तार के दौर में है।' उपभोक्ता अब वैश्विक ईवी ब्रांडों और उन्नत बैटरी तकनीक को भी खरीदारी के निर्णय में प्राथमिकता दे रहे हैं।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में ईंधन की कीमतें उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ डाल रही हैं। गुजरात का यह मॉडल — जिसमें कर रियायत, सब्सिडी और चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार एक साथ किया गया है — अन्य राज्यों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है। गौरतलब है कि ईवी की परिचालन लागत पारंपरिक वाहनों की तुलना में काफी कम होती है, जो मध्यम वर्गीय खरीदारों के लिए दीर्घकालिक बचत का ज़रिया है।

क्या होगा आगे

चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के निरंतर विस्तार और केंद्र व राज्य सरकार की नीतिगत निरंतरता के साथ, विशेषज्ञों का मानना है कि गुजरात में ईवी पंजीकरण की यह रफ़्तार आने वाले महीनों में और तेज़ हो सकती है। स्थानीय असेंबली शुरू होने पर वाहनों की कीमतें और सुलभ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा चार्जिंग नेटवर्क की समान भौगोलिक पहुँच में है — अभी यह सुविधा मुख्यतः शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक सीमित है। डीलरशिप के बिक्री आँकड़े उत्साहजनक हैं, पर वे प्रीमियम सेगमेंट की माँग को दर्शाते हैं; ग्रामीण और निम्न-मध्यम वर्ग तक ईवी की पहुँच अभी भी एक अनुत्तरित चुनौती है। सब्सिडी-निर्भर वृद्धि तब तक टिकाऊ नहीं होगी जब तक बैटरी लागत में गिरावट और स्थानीय विनिर्माण एक साथ आगे न बढ़ें।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहनों पर कितनी टैक्स छूट मिलती है?
गुजरात में मोटर वाहन विभाग ने ईवी पर कर दर को सामान्य पेट्रोल-डीजल वाहनों की 6% दर से घटाकर मात्र 1% कर दिया है। इसके अलावा गुजरात सरकार विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों पर अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान करती है।
गुजरात में ईवी पंजीकरण क्यों बढ़ रहा है?
आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, सरकारी कर रियायतें और सब्सिडी, तथा ईंधन की बढ़ती कीमतें मिलकर उपभोक्ताओं को ईवी की ओर आकर्षित कर रही हैं। वैश्विक तनाव के कारण पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि की आशंका ने भी इस रुझान को तेज़ किया है।
सूरत में बीवाईडी कारों की बिक्री कैसी रही?
सूरत स्थित कार्गो ग्रुप बीवाईडी डीलरशिप ने पिछले तीन महीनों में लगभग 90 कारें बेचीं, जिनमें से 65 वाहन ग्राहकों को डिलीवर किए जा चुके हैं। डीलरशिप के सेल्स मैनेजर शगुन सोनी के अनुसार ग्राहकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक है।
क्या भारत में ईवी की कीमतें आगे और कम होंगी?
डीलरशिप प्रतिनिधियों का मानना है कि स्थानीय उत्पादन शुरू होने के बाद भारत में ईवी की कीमतें और सुलभ होंगी। फिलहाल कंपनियाँ विस्तार के दौर में हैं और घरेलू असेंबली से लागत में कमी आने की उम्मीद है।
गुजरात का ईवी मॉडल अन्य राज्यों के लिए कितना उपयोगी है?
गुजरात का मॉडल — कर रियायत, सब्सिडी और चार्जिंग नेटवर्क का एकसाथ विस्तार — अन्य राज्यों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है। हालाँकि इसकी सफलता शहरी क्षेत्रों में अधिक दिखी है; ग्रामीण क्षेत्रों तक इसकी पहुँच अभी सीमित है।
राष्ट्र प्रेस
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