एचएएल और सैफ्रान का दीर्घकालिक करार, भारत में बनेंगे LEAP इंजन के सुपरएलॉय टरबाइन पुर्जे
सारांश
मुख्य बातें
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और फ्रांस की सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन्स ने 22 जुलाई 2026 को फार्नबोरो इंटरनेशनल एयरशो 2026 के दौरान सीएफएम LEAP इंजन प्रोग्राम के लिए सुपरएलॉय टरबाइन रिंग फोर्जिंग के उत्पादन और आपूर्ति हेतु एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह करार भारत के 'मेक इन इंडिया' अभियान को वैश्विक नागरिक विमानन सप्लाई चेन से सीधे जोड़ता है और भारतीय एयरोस्पेस उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
समझौते का विवरण और हस्ताक्षरकर्ता
इस करार पर एचएएल के फाउंड्री एंड फोर्ज डिवीजन के महाप्रबंधक प्रवीण बी. और सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (परचेजिंग) डोमिनिक डुप्यू ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एचएएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रवि के. और बेंगलुरु कॉम्प्लेक्स के सीईओ जयकृष्णन एस. भी उपस्थित रहे।
एचएएल ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस समझौते की पुष्टि करते हुए लिखा कि दोनों कंपनियों ने 'सीएफएम लीप इंजन कार्यक्रम के लिए सुपरअलॉय में टरबाइन रिंग फोर्जिंग के उत्पादन और आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।'
भारत में क्या बनेगा और कहाँ
इस समझौते के तहत एचएएल अपने बेंगलुरु स्थित फाउंड्री एंड फोर्ज डिवीजन की अत्याधुनिक रिंग रोलिंग फैसिलिटी में नियर-नेट शेप सुपरएलॉय रिंग फोर्जिंग का निर्माण करेगा। ये विशेष धातु से बने रिंग फोर्जिंग विमान इंजन के उस हिस्से में उपयोग होते हैं जहाँ अत्यधिक तापमान और तेज़ गति के बीच इंजन को बेहतर प्रदर्शन और विश्वसनीयता बनाए रखनी होती है।
गौरतलब है कि LEAP इंजन जीई एयरोस्पेस और सैफ्रान के संयुक्त उपक्रम सीएफएम इंटरनेशनल द्वारा विकसित है और यह दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय यात्री विमानों — एयरबस A320neo, बोइंग 737 मैक्स और कोमैक C919 — में उपयोग होता है। ऐसे में एचएएल का इस वैश्विक कार्यक्रम से जुड़ना भारतीय एयरोस्पेस उद्योग के लिए असाधारण उपलब्धि है।
दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया
एचएएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रवि के. ने कहा कि एचएएल और सैफ्रान के बीच कई दशकों की मज़बूत और भरोसेमंद साझेदारी रही है। उन्होंने कहा, 'यह नया दीर्घकालिक करार इस बात का प्रमाण है कि दुनिया की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनियों का एचएएल की तकनीकी क्षमता और विनिर्माण गुणवत्ता पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह साझेदारी भारत में भविष्य के एयरो इंजन कार्यक्रमों के लिए उन्नत विनिर्माण तकनीकों के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डोमिनिक डुप्यू ने कहा कि बढ़ती वैश्विक माँग को पूरा करने के लिए LEAP इंजन उत्पादन बढ़ाया जा रहा है और स्थानीय सप्लाई चेन विकसित करना कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा है।
एचएएल-सैफ्रान का व्यापक सहयोग
यह करार दोनों कंपनियों के बीच पहले से चल रहे सहयोग की अगली कड़ी है। एचएएल और सैफ्रान ने बेंगलुरु में एक संयुक्त उपक्रम भी स्थापित किया है, जो नई पीढ़ी के हेलीकॉप्टर इंजन के डिज़ाइन, विकास और उत्पादन पर केंद्रित है। यह संयुक्त उपक्रम भारतीय सेना के भविष्य के 13 टन क्षमता वाले इंडियन मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर (IMRH) के लिए 'अरावली' इंजन विकसित कर रहा है।
फार्नबोरो में भारत फोर्ज का भी बड़ा समझौता
फार्नबोरो एयरशो 2026 के दौरान भारत फोर्ज लिमिटेड ने फ्रांस-कनाडा की कंपनी फ्लाइंग व्हेल्स के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर भी हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत भारत की रक्षा और रणनीतिक ज़रूरतों के लिए अत्याधुनिक एयरशिप विकसित, निर्मित और तैनात किए जाएंगे।
यह एयरशिप 60 टन तक का माल ले जाने में सक्षम है और इसमें वर्टिकल टेक-ऑफ एवं लैंडिंग (VTOL), कम ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता तथा हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं। दोनों कंपनियाँ भारत में इन एयरशिप्स के निर्माण, एकीकरण और उत्पादन की व्यवस्था विकसित करेंगी, जिससे रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताएँ और मज़बूत होंगी।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक एयरोस्पेस सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है — और फार्नबोरो जैसे मंच पर इस तरह के करार इस रणनीतिक दिशा को और पुख्ता करते हैं।