2 अगस्त 2026
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लखनऊ में ब्रिक्स NSO प्रमुखों की बैठक: भारत करेगा 3-4 अगस्त को अध्यक्षता, 11 देश होंगे शामिल

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लखनऊ में ब्रिक्स NSO प्रमुखों की बैठक: भारत करेगा 3-4 अगस्त को अध्यक्षता, 11 देश होंगे शामिल

सारांश

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का एक अहम पड़ाव — 3-4 अगस्त को लखनऊ में 11 देशों के सांख्यिकी प्रमुख एक मेज पर। एजेंडे में डेटा गुणवत्ता, AI तत्परता और संयुक्त सांख्यिकी प्रकाशन का भविष्य — जो ब्रिक्स नीति निर्माण की रीढ़ बनते जा रहे हैं।

मुख्य बातें

ब्रिक्स NSO प्रमुखों की बैठक 3-4 अगस्त 2026 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में भारत की अध्यक्षता में आयोजित होगी।
बैठक में 11 ब्रिक्स सदस्य देशों — ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE — के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
भारत का चुना विषय है 'परिवर्तन के चालक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी' , जो डेटा नवाचार और जन-केंद्रित प्रणालियों पर केंद्रित है।
16-17 अप्रैल 2026 को हुई तकनीकी बैठक में JSP 2026 और स्नैपशॉट 2026 का ढाँचा तय किया गया था।
सहायक सत्रों में AI और प्रशासनिक डेटा की क्षमता पर विशेष चर्चा होगी।

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों (NSO) के प्रमुखों की बैठक 3 से 4 अगस्त 2026 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित कुल 11 ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।

बैठक का विषय और उद्देश्य

2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का व्यापक विषय है — 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण'। ब्रिक्स सांख्यिकी कार्यक्रम के अंतर्गत भारत ने 'परिवर्तन के चालक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी' विषय अपनाया है। यह विषय डेटा की गुणवत्ता, नवाचार, प्रभावी प्रसार और जन-केंद्रित सांख्यिकीय प्रणालियों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

गौरतलब है कि यह विषय-चयन तीव्र तकनीकी प्रगति, उच्च आवृत्ति डेटा की बढ़ती माँग और साक्ष्य-आधारित, टिकाऊ व समावेशी विकास के लिए आधिकारिक सांख्यिकी पर बढ़ती निर्भरता के संदर्भ में किया गया है।

ब्रिक्स सांख्यिकी सहयोग की पृष्ठभूमि

2010 से ब्रिक्स सदस्य देश सुलभ और सामंजस्यपूर्ण डेटा उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त सांख्यिकी प्रकाशन (JSP) और स्नैपशॉट ब्रिक्स JSP (जो 2020 में शुरू हुआ) प्रकाशित करते आए हैं। समय के साथ यह सहयोग बुनियादी डेटा संग्रह से आगे बढ़कर डेटा मानकों, सामंजस्य और नवाचार पर गहन समन्वय की दिशा में विकसित हुआ है।

इससे पहले 16-17 अप्रैल 2026 को एक तकनीकी बैठक आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य JSP 2026 और स्नैपशॉट 2026 के लिए एक पारस्परिक रूप से सहमत ढाँचा विकसित करना, जिम्मेदारियों का आवंटन तय करना और प्रत्येक NSO के योगदान की समय-सीमा निर्धारित करना था।

प्राथमिकता क्षेत्र

ब्रिक्स सांख्यिकी ट्रैक के अंतर्गत इस बैठक में चार प्रमुख प्राथमिकता क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:

पहला, ब्रिक्स के प्रमुख सांख्यिकी उत्पादों को सुदृढ़ करना। दूसरा, राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणालियों में नवाचार और सुधार। तीसरा, आँकड़ों का प्रसार और सुलभता। चौथा, व्यापक आर्थिक और क्षेत्रीय सांख्यिकी को मजबूत करना।

सहायक कार्यक्रम: AI और प्रशासनिक डेटा पर विशेष सत्र

NSO प्रमुखों की बैठक के साथ-साथ दो आधे दिन के सहायक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें ब्रिक्स देशों के NSO, नीति निर्माता, शिक्षाविद, थिंक टैंक, नागरिक समाज संगठन और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे। इन सत्रों का विषय है — 'विकसित हो रहे डेटा पारिस्थितिकी तंत्र में प्रशासनिक और AI तत्परता की क्षमता को उजागर करना'

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा का सरकारी सांख्यिकी में उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। लखनऊ में होने वाली यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच डेटा-संचालित नीति निर्माण को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उनके बीच भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है? भारत का 'AI तत्परता' पर ज़ोर महत्वाकांक्षी है, लेकिन ब्रिक्स सदस्यों में डिजिटल बुनियादी ढाँचे की विषमता एक बड़ी चुनौती है। गौरतलब है कि 2010 से JSP प्रकाशित होते आ रहे हैं, फिर भी नीति निर्माण में उनका व्यावहारिक उपयोग सीमित रहा है। असली सफलता तब होगी जब डेटा मानकीकरण के ये प्रयास सदस्य देशों की घरेलू नीतियों में मापनीय बदलाव लाएँ।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में ब्रिक्स NSO प्रमुखों की बैठक कब और क्यों हो रही है?
यह बैठक 3 से 4 अगस्त 2026 को लखनऊ में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित हो रही है। इसका उद्देश्य सांख्यिकी प्रसार, नवाचार और ज्ञान-साझाकरण के क्षेत्रों में 11 ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
इस बैठक में कौन-कौन से देश शामिल होंगे?
बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। भारत मेज़बान और अध्यक्ष देश की भूमिका में है।
2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय क्या है?
भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता का व्यापक विषय है — 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण।' सांख्यिकी कार्यक्रम के लिए भारत ने विशेष रूप से 'परिवर्तन के चालक के रूप में गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकी' विषय अपनाया है।
ब्रिक्स संयुक्त सांख्यिकी प्रकाशन (JSP) क्या है?
JSP यानी संयुक्त सांख्यिकी प्रकाशन ब्रिक्स देशों द्वारा 2010 से प्रकाशित एक साझा डेटा दस्तावेज़ है, जो सुलभ और सामंजस्यपूर्ण आँकड़े उपलब्ध कराता है। इसके साथ 2020 से 'स्नैपशॉट ब्रिक्स JSP' भी प्रकाशित होता है, जो संक्षिप्त और त्वरित डेटा प्रस्तुत करता है।
बैठक के सहायक सत्रों में किस विषय पर चर्चा होगी?
सहायक सत्रों का विषय है — 'विकसित हो रहे डेटा पारिस्थितिकी तंत्र में प्रशासनिक और AI तत्परता की क्षमता को उजागर करना।' इनमें NSO, नीति निर्माता, शिक्षाविद, थिंक टैंक और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे।
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