भारत में Q3 2026 हायरिंग आउटलुक: 60% नियोक्ता करेंगे नई भर्ती, NEO 48% के साथ वैश्विक शीर्ष पर
सारांश
मुख्य बातें
मैनपावरग्रुप की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 60 प्रतिशत नियोक्ता 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में नई भर्तियाँ करने की योजना बना रहे हैं, जबकि 29 प्रतिशत अपने मौजूदा कर्मचारी स्तर को बनाए रखना चाहते हैं। रिपोर्ट में भारत का नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक (NEO) 48 प्रतिशत दर्ज किया गया — जो वैश्विक स्तर पर सर्वोच्च है।
मुख्य आँकड़े और भर्ती परिदृश्य
रिपोर्ट के मुताबिक, 11 प्रतिशत नियोक्ता इसी अवधि में नौकरियों में कटौती की योजना बना रहे हैं, जबकि 1 प्रतिशत भर्ती के संदर्भ में अभी अनिश्चित हैं। यह सर्वेक्षण 9 जून 2026 को जारी किया गया। गौरतलब है कि पिछली तिमाही की तुलना में NEO में मामूली गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन भारत का वैश्विक शीर्ष स्थान बरकरार है।
विशेषज्ञ की राय
मैनपावरग्रुप इंडिया और मिडिल ईस्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप गुलाटी ने कहा, 'भारत का 2026 की तीसरी तिमाही में हायरिंग आउटलुक दुनिया भर में सबसे मजबूत बना हुआ है। यह दिखाता है कि बिजनेस का माहौल मुश्किल होने के बावजूद, देश की विकास की गति पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछली तिमाही की तुलना में जो कमी आई है, वह कारोबारी आत्मविश्वास में गिरावट नहीं, बल्कि अधिक सुविचारित और सतर्क भर्ती नीति का संकेत है।
मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में तेज़ गतिविधि और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) के निरंतर विस्तार को रोज़गार माँग को बनाए रखने वाले प्रमुख कारकों के रूप में रेखांकित किया गया है।
क्षेत्रवार स्थिति
सर्वेक्षण में शामिल नौ में से आठ क्षेत्रों में तिमाही आधार पर भर्ती की उम्मीदें कमज़ोर हुई हैं। ट्रेड और लॉजिस्टिक्स में सबसे तीव्र गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सेवाएँ और सूचना क्षेत्र का नंबर आता है। हॉस्पिटैलिटी एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा जिसने पिछली तिमाही की तुलना में भर्ती उम्मीदों में सुधार दर्ज किया।
नियोक्ताओं के सामने चुनौतियाँ
रिपोर्ट के अनुसार, नियोक्ता कई मोर्चों पर दबाव झेल रहे हैं — एआई-आधारित कार्यबल अनुकूलन, प्रवेश स्तर की भर्ती में कम माँग, वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और भू-राजनीतिक घटनाक्रम जो आपूर्ति श्रृंखलाओं और व्यावसायिक लागतों को प्रभावित कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंकाएँ बनी हुई हैं।
सबसे ज़्यादा माँग में कौन-सी स्किल्स
रिपोर्ट ने कम्युनिकेशन और कोलेबोरेशन स्किल्स को सर्वाधिक आवश्यक क्षमताओं के रूप में चिह्नित किया है। इसके बाद प्रॉब्लम-सॉल्विंग, टाइम मैनेजमेंट और वर्क एथिक्स का स्थान है। उल्लेखनीय रूप से, 84 प्रतिशत से अधिक नियोक्ता एआई से जुड़ी स्किल्स — जिनमें एआई मॉडल और एप्लिकेशन डेवलपमेंट तथा एआई लिटरेसी शामिल हैं — के लिए अधिक वेतन देने को तैयार हैं। आने वाली तिमाहियों में एआई-दक्ष पेशेवरों की माँग और तेज़ होने की संभावना है।