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भारत-दक्षिण कोरिया सीईपीए अपग्रेड: डिजिटल ट्रेड और सप्लाई चेन पर समर्पित उप-समूह गठित

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भारत-दक्षिण कोरिया सीईपीए अपग्रेड: डिजिटल ट्रेड और सप्लाई चेन पर समर्पित उप-समूह गठित

सारांश

भारत और दक्षिण कोरिया ने सीईपीए अपग्रेड वार्ता में डिजिटल ट्रेड और सप्लाई चेन के लिए समर्पित उप-समूह बनाए — यह 2010 के समझौते के बाद से बढ़ते व्यापार घाटे को सुधारने और 'भविष्यवादी साझेदारी' को ठोस रूप देने की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य बातें

भारत और दक्षिण कोरिया ने 28 मई 2026 को सीईपीए अपग्रेड के तहत डिजिटल ट्रेड , सप्लाई चेन और रणनीतिक औद्योगिक साझेदारी पर समर्पित उप-समूह बनाने का निर्णय लिया।
यह निर्णय 20 अप्रैल को मंत्री पीयूष गोयल और कोरियाई व्यापार मंत्री येओ हान-कू द्वारा हस्ताक्षरित संयुक्त घोषणा के अनुरूप है।
वार्ता में वस्तु व्यापार, सेवा व्यापार, निवेश और स्वच्छता एवं पौध स्वच्छता मानकों सहित कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
2010 में सीईपीए लागू होने के बाद से बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार घाटे को स्वीकार करते हुए इसे ढाँचे के भीतर हल करने पर सहमति बनी।
दोनों देशों ने समयबद्ध तरीके से अपग्रेड वार्ता पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत और दक्षिण कोरिया ने 28 मई 2026 को कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) के अपग्रेड के तहत डिजिटल ट्रेड, सप्लाई चेन सहयोग और रणनीतिक औद्योगिक साझेदारी पर बातचीत को गति देने के लिए समर्पित उप-समूह बनाने का निर्णय लिया। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को आधुनिक और संतुलित बनाने की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।

उप-समूह गठन की पृष्ठभूमि

यह निर्णय 20 अप्रैल को कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कोरियाई व्यापार मंत्री येओ हान-कू के बीच हस्ताक्षरित संयुक्त घोषणा के अनुरूप आयोजित वार्ता में लिया गया। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने सीईपीए अपग्रेड वार्ता में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की।

वार्ता का स्वरूप और दायरा

बातचीत के नए दौर में वार्ताकारों ने वस्तुओं के व्यापार, सेवाओं के व्यापार, उत्पत्ति के नियमों और प्रक्रियाओं, निवेश तथा स्वच्छता एवं पौध स्वच्छता मानकों सहित कई महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की। बयान में कहा गया कि वार्ता 'रचनात्मक और सहयोगात्मक भावना' से संपन्न हुई, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्यंग द्वारा परिकल्पित 'भविष्यवादी साझेदारी' को दर्शाती है।

व्यापार घाटे पर सहमति

गौरतलब है कि भारत और दक्षिण कोरिया ने 2010 में सीईपीए लागू होने के बाद से बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार घाटे को स्वीकार किया। दोनों देशों ने इस असंतुलन को व्यापक सीईपीए ढाँचे के भीतर हल करने पर सहमति जताई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत कई देशों के साथ अपने मुक्त व्यापार समझौतों की समीक्षा कर रहा है।

आगे की राह

दोनों देशों ने समयबद्ध तरीके से सीईपीए अपग्रेड वार्ता को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिसका उद्देश्य एक आधुनिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौता तैयार करना है। नए उप-समूह डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में दोनों देशों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि ये समूह कितनी जल्दी और कितने बाध्यकारी परिणाम देते हैं। डिजिटल ट्रेड और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भारत की रुचि स्पष्ट है, परंतु 'समयबद्ध' शब्द की कोई ठोस समयसीमा न होना यह संकेत देता है कि वार्ता अभी भी प्रारंभिक चरण में है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-दक्षिण कोरिया सीईपीए अपग्रेड क्या है?
सीईपीए (कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट) भारत और दक्षिण कोरिया के बीच 2010 में लागू हुआ व्यापार समझौता है। इसके अपग्रेड का उद्देश्य डिजिटल ट्रेड, सप्लाई चेन और निवेश जैसे नए क्षेत्रों को शामिल करते हुए समझौते को आधुनिक और संतुलित बनाना है।
नए उप-समूह किन विषयों पर काम करेंगे?
नए उप-समूह मुख्य रूप से डिजिटल ट्रेड, सप्लाई चेन सहयोग और रणनीतिक औद्योगिक साझेदारी पर केंद्रित होंगे। इसके अलावा वस्तु व्यापार, सेवा व्यापार, उत्पत्ति के नियम और स्वच्छता मानक भी वार्ता के दायरे में हैं।
भारत-दक्षिण कोरिया व्यापार घाटे का मुद्दा क्या है?
2010 में सीईपीए लागू होने के बाद से भारत का दक्षिण कोरिया के साथ व्यापार घाटा बढ़ा है, अर्थात भारत कोरिया से अधिक आयात करता है और कम निर्यात करता है। दोनों देशों ने इस असंतुलन को सीईपीए के व्यापक ढाँचे के भीतर हल करने पर सहमति जताई है।
इस वार्ता का आधार कौन सी घोषणा थी?
यह वार्ता 20 अप्रैल को कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कोरियाई व्यापार मंत्री येओ हान-कू द्वारा हस्ताक्षरित संयुक्त घोषणा के अनुरूप आयोजित की गई। इसी घोषणा में 'भविष्यवादी साझेदारी' का उल्लेख था।
सीईपीए अपग्रेड वार्ता कब तक पूरी होगी?
दोनों देशों ने समयबद्ध तरीके से वार्ता पूरी करने की प्रतिबद्धता जताई है, हालाँकि कोई निश्चित समयसीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। उप-समूहों का गठन इस प्रक्रिया को गति देने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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