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भारत का 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य: सीईए चेयरमैन घनश्याम प्रसाद

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भारत का 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य: सीईए चेयरमैन घनश्याम प्रसाद

सारांश

भारत के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता हासिल करने की महत्वाकांक्षा व्यक्त की है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विस्तृत योजना बनाई गई है।

मुख्य बातें

भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता है।
वर्तमान में न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता 8.8 गीगावाट है।
विधायी सुधार इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
ईंधन सुरक्षा और स्थान चयन पर ध्यान देना आवश्यक है।
भविष्य में 10 से 12 कंपनियों का इस क्षेत्र में प्रवेश संभव है।

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के प्रमुख घनश्याम प्रसाद ने घोषणा की है कि भारत का उद्देश्य 2047 तक 100 गीगावाट की न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता प्राप्त करना है, जबकि वर्तमान में यह क्षमता केवल 8.8 गीगावाट है।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, प्रसाद ने बताया, "100 गीगावाट के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आवश्यक कदमों की रूपरेखा पहले ही तैयार की जा चुकी है, जिसमें विधायी सुधार एक महत्वपूर्ण तत्व हैं।"

उन्होंने आगे बताया, "हमारी प्रमुख उपलब्धियों में से एक - शांति अधिनियम का अधिनियमन - पहले ही पूरा किया जा चुका है।"

हालांकि, प्रसाद ने यह भी कहा कि इस ढांचे को लागू करने के लिए नियम, प्रक्रियाएं और दिशानिर्देश विकसित करने में अभी भी बहुत काम बाकी है।

इससे आगे उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर ऊर्जा की क्षमता को बढ़ाने के लिए ईंधन सुरक्षा, स्थान चयन, और कुशल मानव संसाधन विकास जैसे कई पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में इस क्षेत्र में व्यापक भागीदारी की संभावना है।

वर्तमान में, न्यूक्लियर ऊर्जा उत्पादन पर एक ही कंपनी का वर्चस्व है, लेकिन प्रसाद ने कहा कि भविष्य में 10 से 12 कंपनियां इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकती हैं, जिससे क्षमता में तेजी आएगी।

परिचालन पक्ष से, उन्होंने न्यूक्लियर ऊर्जा की विश्वसनीयता और स्थिरता पर जोर देते हुए इसे आधारभूत बिजली का एक विश्वसनीय स्रोत बताया जो वर्षों तक निरंतरता प्रदान कर सकता है।

साथ ही, प्रसाद ने स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) जैसी नई तकनीकों को एक अवसर और चुनौती दोनों के रूप में बताया, यह कहते हुए कि ये अभी भी वैश्विक स्तर पर विकास के चरण में हैं, लेकिन स्वच्छ ऊर्जा समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक स्थायी और सुरक्षित ऊर्जा स्रोत के रूप में भी कार्य करेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता वर्तमान में कितनी है?
भारत की न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता वर्तमान में 8.8 गीगावाट है।
भारत का न्यूक्लियर ऊर्जा का लक्ष्य क्या है?
भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता हासिल करना है।
क्या न्यूक्लियर ऊर्जा सुरक्षित है?
अगर उचित प्रबंधन किया जाए, तो न्यूक्लियर ऊर्जा बिजली उत्पादन के सबसे सुरक्षित और स्थिर रूपों में से एक है।
स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) क्या है?
एसएमआर एक नई तकनीक है जो स्वच्छ ऊर्जा समाधानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारत में न्यूक्लियर ऊर्जा में कौन से सुधार आवश्यक हैं?
नियम, प्रक्रियाएं, और विधायी सुधार जैसे पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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