अक्टूबर 2026 में व्हाइट-कॉलर हायरिंग 14% उछली, ऑटोमोबाइल में 36% और मैन्युफैक्चरिंग में 39% की बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
भारत में व्हाइट-कॉलर नौकरियों की भर्ती गतिविधि ने अक्टूबर 2026 में तेज़ रफ़्तार पकड़ी — रोज़गार प्लेटफ़ॉर्म नौकरी.कॉम की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, हायरिंग में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मैन्युफैक्चरिंग, उत्पादन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े कौशलों की तेज़ माँग इस उछाल की मुख्य वजह रही।
जॉबस्पीक इंडेक्स में उल्लेखनीय उछाल
रिपोर्ट के अनुसार, नौकरी बाज़ार के संकेतक जॉबस्पीक इंडेक्स ने अक्टूबर 2026 में 2,836 का स्तर छुआ, जबकि अक्टूबर 2025 में यह 2,480 पर था। रिपोर्ट यह भी स्वीकार करती है कि वृद्धि में अनुकूल आधार प्रभाव की भी भूमिका रही, क्योंकि पिछले वर्ष दिवाली अक्टूबर में पड़ने से भर्ती गतिविधियाँ अपेक्षाकृत धीमी रही थीं।
उद्योग-वार प्रदर्शन
ऑटोमोबाइल क्षेत्र ने 36 प्रतिशत की बढ़त के साथ सभी उद्योगों में शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद बीपीओ/आईटीईएस में 17 प्रतिशत और बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
सभी उद्योगों को मिलाकर उत्पादन एवं मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित पदों की माँग 39 प्रतिशत बढ़ी, जिससे यह सबसे तेज़ी से उभरने वाले जॉब फ़ंक्शन के रूप में स्थापित हो गया। एफएमसीजी क्षेत्र में कुल भर्ती वृद्धि 6 प्रतिशत रही, हालाँकि इसके भीतर उत्पादन पदों पर 40 प्रतिशत और खरीद भूमिकाओं में 20 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। ध्यान देने योग्य बात यह है कि एफएमसीजी में बिक्री एवं व्यवसाय विकास से जुड़े पदों पर भर्ती 5 प्रतिशत घट गई।
ऑटो सेक्टर की विस्तृत तस्वीर
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में उत्पादन एवं मैन्युफैक्चरिंग भूमिकाओं की भर्ती 41 प्रतिशत बढ़ी। अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) पदों पर 53 प्रतिशत और खरीद एवं सप्लाई चेन में 50 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई। इसके विपरीत बिक्री एवं व्यवसाय विकास से जुड़ी भर्ती केवल 7 प्रतिशत बढ़ी, जो यह दर्शाता है कि कंपनियाँ फ़िलहाल वाहन डिज़ाइन, उत्पादन और सप्लाई चेन को प्राथमिकता दे रही हैं।
यही रुझान औद्योगिक उत्पाद एवं भारी मशीनरी क्षेत्र में भी दिखा — उत्पादन भर्ती 40 प्रतिशत और गुणवत्ता आश्वासन पदों पर 41 प्रतिशत की बढ़त रही। निर्माण, इंजीनियरिंग, सीमेंट एवं धातु क्षेत्र में उत्पादन भूमिकाएँ 33 प्रतिशत, प्रोजेक्ट एवं प्रोग्राम मैनेजमेंट 25 प्रतिशत और साइट इंजीनियरिंग पद 20 प्रतिशत बढ़े।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
इंफो एज (इंडिया) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हितेश ओबेरॉय ने कहा, 'मैन्युफैक्चरिंग कंपनियाँ अपनी क्षमता विस्तार पर काम कर रही हैं और एआई स्किल्स की माँग लगातार मज़बूत बनी हुई है, जो यह संकेत देता है कि वर्तमान भर्ती रुझान मज़बूत व्यावसायिक बुनियाद और वास्तविक माँग पर आधारित हैं।'
अनुभव स्तर के आधार पर भर्ती का रुझान
रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ पेशेवरों की माँग सर्वाधिक रही। 13-16 वर्ष और 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती में समान रूप से 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई। फ्रेशर्स की भर्ती 15 प्रतिशत बढ़ी, 8-12 वर्ष के अनुभव वालों के लिए 14 प्रतिशत और 4-7 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवरों के लिए 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह ऐसे समय में आया है जब मैन्युफैक्चरिंग और एआई के क्षेत्र में विशेषज्ञता की माँग तेज़ी से बढ़ रही है, जो आने वाले महीनों में भारतीय नौकरी बाज़ार की दिशा तय कर सकती है।