1 अगस्त 2026
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भ्रष्टाचार और संदिग्ध आचरण पर भारतीय रेलवे ने 5 ग्रुप 'ए' अधिकारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त किया

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भ्रष्टाचार और संदिग्ध आचरण पर भारतीय रेलवे ने 5 ग्रुप 'ए' अधिकारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त किया

सारांश

भारतीय रेलवे ने एक साथ दो मोर्चों पर सख्त रुख अपनाया — भ्रष्टाचार और संदिग्ध आचरण के आधार पर 5 ग्रुप 'ए' अधिकारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त किया और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा की। यह कदम रेलवे की जीरो टॉलरेंस नीति का ठोस संकेत है।

मुख्य बातें

भारतीय रेलवे ने 1 अगस्त 2026 को 5 ग्रुप 'ए' अधिकारियों को जनहित में समय से पहले सेवानिवृत्त करने की सिफारिश की।
प्रभावित अधिकारियों में IRHS के 2 SAG , उत्तरी रेलवे के IRSE का 1 JAG , IRSEEE का 1 और पश्चिमी रेलवे के IRTS का 1 JAG अधिकारी शामिल हैं।
कार्रवाई रेलवे स्थापना संहिता के नियम 1802(ए) (मूलभूत नियम 56(जे) के समकक्ष) के तहत हुई।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने RRB भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, पारदर्शिता पर जोर दिया।
रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में 47,084 में से 43,781 रिक्तियाँ भर दी हैं।

भारतीय रेलवे ने 1 अगस्त 2026 को जनहित में 5 ग्रुप 'ए' अधिकारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त करने की सिफारिश की है। इन अधिकारियों के विरुद्ध संदिग्ध सत्यनिष्ठा, सतर्कता इनपुट, अनुशासनात्मक इतिहास और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। यह कदम रेलवे की भ्रष्टाचार और अक्षमता के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत उठाया गया है।

किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

रेलवे के आधिकारिक बयान के अनुसार, समीक्षा समितियों ने भारतीय रेलवे स्वास्थ्य सेवा (IRHS) के 2 वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (SAG) अधिकारियों, उत्तरी रेलवे के भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग सेवा (IRSE) के 1 जूनियर प्रशासनिक ग्रेड (JAG) अधिकारी, उत्तरी रेलवे के भारतीय रेलवे विद्युत इंजीनियरिंग सेवा (IRSEEE) के 1 अधिकारी और पश्चिमी रेलवे के भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के 1 JAG अधिकारी को समय से पहले सेवानिवृत्त करने की सर्वसम्मति से सिफारिश की।

यह कार्रवाई भारतीय रेलवे स्थापना संहिता, खंड-II के नियम 1802(ए) के तहत की गई है, जो मूलभूत नियमों के नियम 56(जे) के समकक्ष है।

समीक्षा प्रक्रिया कैसे हुई

समीक्षा समितियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड का विस्तृत मूल्यांकन किया। इसमें वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR), सत्यनिष्ठा रिकॉर्ड, सतर्कता इनपुट, अनुशासनात्मक इतिहास और अन्य प्रासंगिक सेवा दस्तावेज़ों की जाँच शामिल थी। रेलवे ने स्पष्ट किया कि 'लोक सेवा में सत्यनिष्ठा, अनुशासन और जवाबदेही गैर-परक्राम्य हैं।'

गौरतलब है कि यह कार्रवाई उस व्यापक प्रशासनिक सुधार अभियान का हिस्सा है जिसके तहत केंद्र सरकार विभिन्न विभागों में संदिग्ध आचरण वाले अधिकारियों की पहचान कर उन्हें सेवा से हटा रही है।

रेलवे भर्ती पर वैष्णव की उच्चस्तरीय समीक्षा

इसी क्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीक-आधारित भर्ती प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया।

भर्ती अभियान की स्थिति

भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 47,084 रिक्तियों में से 43,781 उम्मीदवारों की भर्ती पूरी कर ली है। यह भर्ती 6 प्रमुख श्रेणियों में संपन्न हुई है — असिस्टेंट लोको पायलट (18,799), टेक्नीशियन (14,298), सब-इंस्पेक्टर (452), कांस्टेबल (4,208), जूनियर इंजीनियर/DMS/CMA (7,951) और पैरामेडिकल (1,376)।

यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे एक साथ आंतरिक अनुशासन कड़ा करने और बाहरी भर्ती में पारदर्शिता लाने — दोनों मोर्चों पर सक्रिय है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह कार्रवाई एकमुश्त कदम है या एक व्यापक जवाबदेही ढाँचे की शुरुआत।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह एकमुश्त कदम है या किसी व्यवस्थित जवाबदेही ढाँचे की शुरुआत। पाँच अधिकारियों की सेवानिवृत्ति उस विशाल नौकरशाही में एक छोटा अंश है जहाँ भ्रष्टाचार के मामले अक्सर वर्षों तक लंबित रहते हैं। वैष्णव की भर्ती समीक्षा और यह अनुशासनात्मक कार्रवाई एक साथ आना संकेत देता है कि रेलवे भीतर और बाहर — दोनों स्तरों पर सुधार की कोशिश में है। लेकिन बिना सार्वजनिक सत्यापन तंत्र के, यह पारदर्शिता का दावा अधूरा रहेगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेलवे ने 5 ग्रुप 'ए' अधिकारियों को क्यों समय से पहले सेवानिवृत्त किया?
इन अधिकारियों को संदिग्ध सत्यनिष्ठा, सतर्कता इनपुट, अनुशासनात्मक इतिहास और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर जनहित में समय से पहले सेवानिवृत्त किया गया है। रेलवे की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत समीक्षा समितियों ने सर्वसम्मति से यह सिफारिश की।
यह कार्रवाई किस कानूनी प्रावधान के तहत हुई?
यह कार्रवाई भारतीय रेलवे स्थापना संहिता, खंड-II के नियम 1802(ए) के तहत की गई है, जो मूलभूत नियमों के नियम 56(जे) के समकक्ष है। यह प्रावधान सरकार को जनहित में किसी भी अधिकारी को समय से पहले सेवानिवृत्त करने का अधिकार देता है।
कौन-से रेलवे जोन के अधिकारी इस कार्रवाई में शामिल हैं?
प्रभावित अधिकारियों में IRHS के 2 SAG अधिकारी, उत्तरी रेलवे के IRSE और IRSEEE के 1-1 अधिकारी, तथा पश्चिमी रेलवे के IRTS के 1 JAG अधिकारी शामिल हैं। इस प्रकार उत्तरी रेलवे और पश्चिमी रेलवे दोनों जोन इस कार्रवाई में आए हैं।
रेलवे भर्ती बोर्ड की समीक्षा बैठक में क्या निर्णय हुआ?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ RRB भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीक-आधारित प्रणाली अपनाने की जरूरत पर बल दिया।
वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे भर्ती की क्या स्थिति है?
भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में 47,084 रिक्तियों में से 43,781 उम्मीदवारों की भर्ती पूरी कर ली है। इसमें असिस्टेंट लोको पायलट (18,799), टेक्नीशियन (14,298), कांस्टेबल (4,208) और अन्य श्रेणियाँ शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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