4 नवंबर 2026
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सेंसेक्स 383 अंक उछला, निफ्टी 23,960 पर बंद; कच्चे तेल में गिरावट से पाँचवें सत्र में तेजी

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सेंसेक्स 383 अंक उछला, निफ्टी 23,960 पर बंद; कच्चे तेल में गिरावट से पाँचवें सत्र में तेजी

सारांश

कच्चे तेल की नरमी और अमेरिकी मध्यावधि चुनाव परिणामों से उपजी वैश्विक सकारात्मकता के बल पर भारतीय शेयर बाज़ार ने बुधवार को लगातार पाँचवाँ सत्र बढ़त के साथ समाप्त किया — सेंसेक्स 383 अंक ऊपर, निफ्टी 24,000 के करीब। मिड और स्मॉलकैप ने लार्जकैप से भी बेहतर प्रदर्शन किया।

मुख्य बातें

सेंसेक्स बुधवार को 383.55 अंक (0.50%) की बढ़त के साथ 77,301.40 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 149.75 अंक (0.63%) की मजबूती के साथ 23,960.60 पर बंद — लगातार पाँचवीं सत्र बढ़त।
निफ्टी मिडकैप 100 1.55% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 2.00% की उछाल के साथ लार्जकैप से आगे।
निफ्टी मीडिया (5.15%) , रियल्टी (2.85%) और मेटल (2.80%) शीर्ष लाभार्थी सेक्टर।
निफ्टी आईटी अकेला 1.50% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
कच्चे तेल में नरमी, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव परिणाम और त्योहारी खपत ने तेजी को बल दिया।

बीएसई सेंसेक्स बुधवार, 4 नवंबर 2026 को 383.55 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,301.40 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 149.75 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,960.60 पर बंद हुआ — यह लगातार पाँचवाँ सत्र है जिसमें भारतीय शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी और वैश्विक धारणा में सुधार को इस तेजी का मुख्य आधार बताया जा रहा है।

व्यापक बाज़ार में जोरदार खरीदारी

इस सत्र में तेजी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 909.25 अंक यानी 1.55 प्रतिशत की उछाल के साथ 59,505.50 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने 373.55 अंक यानी 2.00 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,026.40 पर कारोबार समाप्त किया। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों में जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ी है, जिसका फायदा मिड और स्मॉलकैप सेगमेंट को सबसे ज़्यादा मिला।

मुख्य सेक्टर्स का प्रदर्शन

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मीडिया 5.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। निफ्टी रियल्टी 2.85 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 2.80 प्रतिशत की तेजी के साथ शीर्ष लाभार्थियों में रहे। इसके अलावा निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.49 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 2.17 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.04 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 1.65 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.54 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए। एकमात्र अपवाद निफ्टी आईटी रहा, जो 1.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेंसेक्स के गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स पैक में बीईएल, टाइटन, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, मारुति सुजुकी, पावर ग्रिड, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, सन फार्मा, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, टीसीएस, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, एलएंडटी और एचयूएल नुकसान में रहे।

विशेषज्ञों की राय: 'दिवाली की आतिशबाजी' जारी

बाज़ार विशेषज्ञों ने इस तेजी को 'दलाल स्ट्रीट पर दिवाली की आतिशबाजी' करार दिया। उनके अनुसार, अमेरिका के मध्यावधि चुनाव परिणामों से वैश्विक धारणा में सुधार हुआ है और व्यापार एवं टैरिफ नीतियों पर अधिक संतुलित रुख की उम्मीदें जगी हैं, जिससे उभरते बाज़ारों में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) का प्रवाह बढ़ सकता है।

घरेलू मोर्चे पर, आगामी केंद्रीय बजट में कर राहत की संभावना, उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजे और त्योहारी सीजन की मज़बूत खपत ने बाज़ार को ऊर्जा दी। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल में लगातार गिरावट और मज़बूत घरेलू माँग के चलते निकट भविष्य में बाज़ार का रुख सकारात्मक बना रह सकता है।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह लगातार पाँचवीं सत्र बढ़त है, जो बताती है कि बाज़ार में बिकवाली का दबाव फिलहाल थमा हुआ है। हालाँकि, आईटी सेक्टर में कमज़ोरी संकेत देती है कि वैश्विक प्रौद्योगिकी खर्च को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों की नज़र अब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के अगले संकेतों और घरेलू कॉर्पोरेट आय पर टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस तेजी की नींव में कच्चे तेल की गिरावट और विदेशी चुनाव परिणाम जैसे बाहरी कारक हैं — घरेलू संरचनात्मक सुधार नहीं। आईटी सेक्टर का अकेले लुढ़कना यह भी बताता है कि वैश्विक प्रौद्योगिकी माँग को लेकर अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई। बजट में कर राहत की उम्मीदें बाज़ार को सहारा दे रही हैं, परंतु उम्मीद और वास्तविकता के बीच की खाई अक्सर बड़ी निकलती है। निवेशकों को सतर्क रहना होगा — विशेषकर तब, जब वैश्विक ब्याज दर नीति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 नवंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी किस स्तर पर बंद हुए?
बुधवार 4 नवंबर 2026 को सेंसेक्स 383.55 अंक की बढ़त के साथ 77,301.40 और निफ्टी 149.75 अंक की मजबूती के साथ 23,960.60 पर बंद हुआ। यह लगातार पाँचवाँ सत्र था जिसमें दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।
आज शेयर बाज़ार में तेजी के क्या कारण रहे?
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट, अमेरिका के मध्यावधि चुनाव परिणामों से वैश्विक धारणा में सुधार, उम्मीद से बेहतर कॉर्पोरेट तिमाही नतीजे और त्योहारी सीजन की मज़बूत खपत को आज की तेजी का मुख्य कारण माना जा रहा है। केंद्रीय बजट में कर राहत की उम्मीदों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
आज कौन-से सेक्टर सबसे ज़्यादा चढ़े और कौन गिरा?
निफ्टी मीडिया (5.15%), निफ्टी रियल्टी (2.85%) और निफ्टी मेटल (2.80%) शीर्ष लाभार्थी सेक्टर रहे। एकमात्र निफ्टी आईटी 1.50% की गिरावट के साथ बंद हुआ, जो वैश्विक प्रौद्योगिकी खर्च में अनिश्चितता को दर्शाता है।
मिडकैप और स्मॉलकैप का आज क्या प्रदर्शन रहा?
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 909.25 अंक यानी 1.55% की उछाल के साथ 59,505.50 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 373.55 अंक यानी 2.00% की बढ़त के साथ 19,026.40 पर बंद हुआ। दोनों ने लार्जकैप सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया।
क्या आगे भी बाज़ार में तेजी बनी रह सकती है?
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल में लगातार गिरावट, मज़बूत घरेलू माँग और बेहतर कमाई की संभावनाओं के चलते निकट भविष्य में बाज़ार का रुख सकारात्मक रहने की उम्मीद है। हालाँकि, वैश्विक ब्याज दर नीति और एफआईआई की गतिविधियाँ आगे की दिशा तय करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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