सेंसेक्स 479 अंक टूटा, निफ्टी 23,913 पर बंद; अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की तेजी से दबाव
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स मंगलवार, 26 मई को 479.26 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,009.70 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 118.00 अंक यानी 0.49 प्रतिशत लुढ़ककर 23,913.70 पर आ गया — यानी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच ताज़ा सैन्य तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमज़ोरी ने लार्जकैप शेयरों पर दबाव बनाया।
गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इटरनल, मारुति सुजुकी, अदाणी पोर्ट्स, HUL, NTPC और L&T बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, ट्रेंट, भारती एयरटेल, TCS, बजाज फाइनेंस, टाइटन, एक्सिस बैंक, M&M, ICICI बैंक, पावर ग्रिड, HDFC बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, ITC, कोटक महिंद्रा बैंक, HCL टेक और एशियन पेंट्स नुकसान में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी
लार्जकैप की तुलना में व्यापक बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 332.30 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,298.90 पर बंद हुआ और सत्र के दौरान नया ऑल-टाइम हाई भी बनाया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 64.50 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की मजबूती के साथ 18,267.20 पर रहा। यह विभाजन घरेलू निवेशकों के मिडकैप के प्रति बने भरोसे को दर्शाता है।
सेक्टोरल प्रदर्शन
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मेटल (1.10 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (0.58 प्रतिशत), निफ्टी कमोडिटीज (0.48 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.27 प्रतिशत), निफ्टी FMCG (0.14 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (0.07 प्रतिशत) बढ़त के साथ बंद हुए।
वहीं निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.05 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.65 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.62 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (0.60 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (0.52 प्रतिशत) और निफ्टी PSE (0.50 प्रतिशत) गिरावट के साथ बंद हुए।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच ताज़ा सैन्य घटनाक्रम और उससे उपजी कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने लार्जकैप में हल्की बिकवाली को बढ़ावा दिया। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निकासी के बावजूद घरेलू निवेशकों का निरंतर समर्थन बाजार की भावना को थामे हुए है — जो घरेलू आय में संरचनात्मक विश्वास का संकेत है।
गौरतलब है कि साप्ताहिक आधार पर कच्चे तेल की कीमतें अभी भी अपेक्षाकृत कम हैं, और निवेशक पश्चिम एशिया में तनाव घटने की संभावना पर नज़र बनाए हुए हैं। आगामी सत्रों में वैश्विक संकेत और FII की गतिविधि बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।