इंडिगो वेबसाइट क्रैश: एक हफ्ते में दूसरी बार बुकिंग-चेक-इन ठप, 67% मार्केट शेयर वाली एयरलाइन की डिजिटल सेवाएं बाधित
सारांश
मुख्य बातें
इंडिगो की वेबसाइट और मुख्य रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म में शुक्रवार, 21 अगस्त को एक बार फिर तकनीकी खराबी आ गई, जिससे बड़ी संख्या में यात्री फ्लाइट टिकट बुकिंग, वेब चेक-इन और अन्य ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग नहीं कर सके। यह घटना महज दो दिन पहले — बुधवार, 19 अगस्त — आई इसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी के बाद सामने आई है, जो एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार है।
क्या हुआ और किसे हुई परेशानी
तकनीकी खराबी के दौरान इंडिगो की वेबसाइट पर फ्लाइट बुकिंग सेवाओं तक पहुँचने की कोशिश करने पर 'नो डेटा अवेलेबल' का संदेश दिखाई दे रहा था। कई यात्रियों ने मोबाइल ऐप में लॉग-इन करने में भी परेशानी की शिकायत की। यात्रियों ने बुकिंग फेल होने, वेब चेक-इन में बाधा और भुगतान की पुष्टि मिलने में देरी — या पुष्टि न मिलने — जैसी समस्याओं की जानकारी दी।
कई प्रभावित यात्रियों ने एयरलाइन के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के ज़रिए अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
इंडिगो की आधिकारिक प्रतिक्रिया
एयरलाइन ने एक सर्विस एडवाइजरी जारी कर समस्या की पुष्टि की। इंडिगो ने कहा, "हमारे मुख्य रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म में फिलहाल रुक-रुककर तकनीकी समस्याएं आ रही हैं, जिससे कुछ ग्राहकों के लिए हमारी ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है।"
एयरलाइन ने यह भी कहा, "हमारी टीमें अपने पार्टनर के साथ मिलकर प्राथमिकता के आधार पर काम कर रही हैं, ताकि इस समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जा सके।" हालाँकि, एयरलाइन ने अभी तक तकनीकी खराबी के सटीक कारण का खुलासा नहीं किया है और न ही यह बताया है कि रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म की बहाली में कौन-सा टेक्नोलॉजी पार्टनर सहयोग कर रहा है। ताज़ा एडवाइजरी में ऑनलाइन सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने की कोई समयसीमा भी नहीं दी गई।
यात्रियों पर असर और चिंता का दायरा
घरेलू बाज़ार हिस्सेदारी के लिहाज से इंडिगो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है। जुलाई में देश के घरेलू विमानन बाज़ार में उसकी हिस्सेदारी करीब 67 प्रतिशत रही। इस पैमाने पर देखें तो रिजर्वेशन और बुकिंग प्रणाली में आने वाली किसी भी तकनीकी गड़बड़ी का असर देशभर में लाखों यात्रियों पर पड़ सकता है।
एक ही सप्ताह में दूसरी बार तकनीकी समस्या सामने आने से उन यात्रियों में चिंता बढ़ गई है, जो बुकिंग, चेक-इन और भुगतान जैसी अनिवार्य सेवाओं के लिए इंडिगो के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं।
पृष्ठभूमि: बुधवार को भी आई थी गड़बड़ी
गौरतलब है कि 19 अगस्त, बुधवार को भी इंडिगो ने अपने प्लेटफॉर्म में 'रुक-रुककर समस्याएं' आने की जानकारी दी थी, जिससे ग्राहकों की ऑनलाइन सेवाओं तक पहुँच प्रभावित हुई थी। शुक्रवार की घटना उसी क्रम में दूसरी है, जो डिजिटल बुनियादी ढाँचे की स्थिरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
आगे क्या
एयरलाइन ने सेवा बहाली की कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरपोर्ट काउंटर या कस्टमर केयर के ज़रिए बुकिंग और चेक-इन की वैकल्पिक व्यवस्था करें। इंडिगो के तकनीकी पार्टनर की पहचान और खराबी के मूल कारण का खुलासा होना अभी बाकी है।