मार्वेल टेक्नोलॉजी का भारत में ₹2,100 करोड़ का निवेश, 3 वर्षों में कर्मचारी संख्या होगी दोगुनी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी मार्वेल टेक्नोलॉजी ने 29 जुलाई 2026 को घोषणा की कि वह अगले तीन वर्षों में भारत में $25 करोड़ (250 मिलियन डॉलर) का निवेश करेगी। इस निवेश का लक्ष्य कंपनी की रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) क्षमता, इंजीनियरिंग प्रतिभा और बुनियादी ढाँचे का विस्तार करना है। यह घोषणा बेंगलुरु में कंपनी के भारत संचालन के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर की गई।
निवेश योजना में क्या शामिल है
मार्वेल ने इस विस्तार के तहत बेंगलुरु कार्यालय में एक नए विंग का उद्घाटन किया है। साथ ही हैदराबाद में भी कंपनी की उपस्थिति बढ़ाई जा रही है। इन केंद्रों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े उन्नत सेमीकंडक्टर समाधानों के डिज़ाइन और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या दोगुनी करने की भी योजना बनाई है।
भारत में मार्वेल की मौजूदगी
मार्वेल ने 2006 में बेंगलुरु से भारत में अपना परिचालन शुरू किया था। तब से कंपनी ने भारत को अपना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा R&D केंद्र बना दिया है। वर्तमान में बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद में कंपनी के इंजीनियरिंग केंद्र हैं, जहाँ की टीमें 2-नैनोमीटर और उससे आगे की सेमीकंडक्टर प्रोसेस तकनीक, हाई-स्पीड एनालॉग इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP), सबसिस्टम डिज़ाइन, सॉफ्टवेयर और फर्मवेयर डेवलपमेंट तथा एंड-टू-एंड सिलिकॉन इंजीनियरिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
नेतृत्व का बयान
मार्वेल के वाइस प्रेसिडेंट और इंडिया कंट्री मैनेजर नवीन बिश्नोई ने कहा, 'भारत मार्वेल के लिए इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का एक रणनीतिक केंद्र बन चुका है। यहाँ की टीम उन इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीकों के विकास में अहम योगदान दे रही है, जिन पर दुनिया के प्रमुख हाइपरस्केलर और क्लाउड प्रदाताओं की सेवाएँ आधारित हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी अपने ग्राहकों, साझेदारों, सरकारी और शैक्षणिक संस्थाओं तथा भारतीय टीम की नवाचार क्षमता और समर्पण की सराहना करती है।
व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जुड़ाव
कंपनी के अनुसार, भारत में कार्यरत इंजीनियरिंग टीमों के नाम अनेक पेटेंट दर्ज हैं और वे उन्नत AI टूल्स का व्यापक उपयोग कर इंजीनियरिंग उत्पादकता और नए उत्पादों के विकास में तेज़ी ला रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार भी सेमीकंडक्टर विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए नीतिगत पहल कर रही है। मार्वेल ने स्पष्ट किया कि वह विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स, उद्योग संगठनों और सरकारी संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाकर भारत के व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मज़बूत करने में भी निवेश जारी रखेगी। गौरतलब है कि यह निवेश भारत में वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों की बढ़ती रुचि की एक बड़ी कड़ी है।