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मेडिकल डिवाइस PLI योजना में ₹266.64 करोड़ जारी, पार्क योजना में ₹209.80 करोड़ वितरित: जेपी नड्डा

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मेडिकल डिवाइस PLI योजना में ₹266.64 करोड़ जारी, पार्क योजना में ₹209.80 करोड़ वितरित: जेपी नड्डा

सारांश

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 तक मेडिकल डिवाइस PLI योजना में ₹266.64 करोड़ और पार्क योजना में ₹209.80 करोड़ जारी किए हैं। ₹3,420 करोड़ के कुल परिव्यय वाली इस योजना के तहत MRI, CT स्कैनर और हार्ट वाल्व जैसे उत्पादों का घरेलू उत्पादन शुरू हो चुका है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 तक मेडिकल डिवाइस PLI योजना के तहत ₹266.64 करोड़ जारी किए।
मेडिकल डिवाइस पार्क योजना में ₹209.80 करोड़ वितरित; इनमें से ₹177.98 करोड़ का उपयोग हो चुका है।
PLI योजना का कुल परिव्यय ₹3,420 करोड़ ; अब तक 27 आवेदन स्वीकृत, जिनमें 14 MSME शामिल।
स्वीकृत परियोजनाओं में कंपनियों ने ₹1,153.07 करोड़ का वास्तविक निवेश किया।
नोएडा , उज्जैन और कांचीपुरम में तीन मेडिकल डिवाइस पार्कों का विकास कार्य जारी।
SMDI के तहत MIS-RID में ₹101.50 करोड़ और CFMDC में ₹88.67 करोड़ की परियोजनाएँ स्वीकृत।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार, 24 जुलाई को लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 तक मेडिकल डिवाइस उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के अंतर्गत ₹266.64 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी की है। इसके साथ ही, मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के तहत ₹209.80 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

नड्डा ने सदन को बताया कि मेडिकल डिवाइस पार्कों के लिए जारी किए गए ₹209.80 करोड़ में से ₹177.98 करोड़ का उपयोग पहले ही किया जा चुका है, जो आवंटित राशि के बड़े हिस्से के व्यय को दर्शाता है।

मेडिकल डिवाइस उद्योग सुदृढ़ीकरण योजना (SMDI) के अंतर्गत आयात निर्भरता कम करने की सीमांत निवेश योजना (MIS-RID) के तहत ₹101.50 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। मेडिकल डिवाइस क्लस्टरों के लिए साझा सुविधाएं (CFMDC) घटक के अंतर्गत ₹88.67 करोड़ की परियोजनाएँ स्वीकृत हुई हैं, जिनमें से अब तक ₹20.62 करोड़ जारी किए गए हैं।

PLI योजना का विस्तार और लक्षित श्रेणियाँ

मेडिकल डिवाइस PLI योजना का कुल परिव्यय ₹3,420 करोड़ है। इस योजना के तहत पात्र कंपनियों को चार लक्षित श्रेणियों में बढ़ी हुई बिक्री पर प्रोत्साहन दिया जाता है। इन श्रेणियों में कैंसर देखभाल एवं रेडियोथेरेपी, रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग, एनेस्थेटिक्स, कार्डियो-रेस्पिरेटरी एवं रीनल केयर उपकरण, और इम्प्लांट्स शामिल हैं।

अब तक इस योजना के अंतर्गत 27 आवेदनों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 14 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) शामिल हैं। स्वीकृत परियोजनाओं के तहत कंपनियों ने ₹1,153.07 करोड़ का वास्तविक निवेश किया है।

घरेलू स्तर पर अब MRI एवं CT स्कैनर, लिनियर एक्सेलेरेटर (LINAC), मैमोग्राफी सिस्टम, C-आर्म, अल्ट्रासाउंड उपकरण, हार्ट वाल्व और स्टेंट जैसे उत्पादों का उत्पादन शुरू हो चुका है — जो पहले मुख्यतः आयात पर निर्भर थे।

मेडिकल डिवाइस पार्क योजना

मेडिकल डिवाइस पार्क योजना का कुल परिव्यय ₹300 करोड़ है। इस योजना के अंतर्गत परीक्षण सुविधाएं, स्टरलाइजेशन यूनिट, वेयरहाउस, इन्क्यूबेशन सेंटर और प्रोटोटाइपिंग सुविधाओं जैसी साझा अवसंरचना विकसित करने में सहायता दी जाती है। प्रत्येक पार्क के लिए केंद्र सरकार अधिकतम ₹100 करोड़ तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

वर्तमान में नोएडा (उत्तर प्रदेश), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और कांचीपुरम (तमिलनाडु) में तीन मेडिकल डिवाइस पार्कों का विकास कार्य प्रगति पर है।

सरकार की मंशा और आगे की राह

केंद्रीय मंत्री नड्डा ने रेखांकित किया कि सरकार का ज़ोर उच्च स्तरीय और अत्यधिक सटीक चिकित्सा उपकरणों के घरेलू निर्माण पर है, ताकि आयात पर निर्भरता घटे और भारत की विनिर्माण क्षमता सुदृढ़ हो। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर मेडिकल डिवाइस आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने की माँग बढ़ रही है और भारत इस क्षेत्र में एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभरने की कोशिश कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

420 करोड़ के कुल परिव्यय का मात्र आठ प्रतिशत है — यह अनुपात बताता है कि योजना की गति अभी भी धीमी है। गौरतलब है कि भारत का मेडिकल डिवाइस आयात बिल अरबों डॉलर में है और घरेलू उत्पादन उस पैमाने पर अभी तक नहीं पहुँचा। MRI व LINAC जैसे उपकरणों का घरेलू उत्पादन शुरू होना सकारात्मक संकेत है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या ये उत्पाद गुणवत्ता और मूल्य दोनों में आयातित विकल्पों से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। बिना पारदर्शी उत्पादन और निर्यात डेटा के, इन आँकड़ों की वास्तविक सफलता का आकलन अधूरा रहेगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेडिकल डिवाइस PLI योजना के तहत अब तक कितनी राशि जारी हुई है?
वित्त वर्ष 2024-25 तक मेडिकल डिवाइस PLI योजना के तहत ₹266.64 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है। इस योजना का कुल परिव्यय ₹3,420 करोड़ है।
मेडिकल डिवाइस पार्क योजना क्या है और इसके तहत क्या सुविधाएँ मिलती हैं?
मेडिकल डिवाइस पार्क योजना का कुल परिव्यय ₹300 करोड़ है, जिसमें प्रत्येक पार्क को अधिकतम ₹100 करोड़ तक की केंद्रीय सहायता मिलती है। इसके तहत परीक्षण सुविधाएं, स्टरलाइजेशन यूनिट, वेयरहाउस, इन्क्यूबेशन सेंटर और प्रोटोटाइपिंग सुविधाएँ विकसित की जाती हैं।
भारत में कौन-से मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित हो रहे हैं?
वर्तमान में नोएडा (उत्तर प्रदेश), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और कांचीपुरम (तमिलनाडु) में तीन मेडिकल डिवाइस पार्कों का विकास कार्य प्रगति पर है। ये पार्क साझा अवसंरचना के माध्यम से घरेलू निर्माताओं को सहायता देंगे।
PLI योजना के तहत कौन-से चिकित्सा उपकरणों का घरेलू उत्पादन शुरू हुआ है?
योजना के तहत MRI एवं CT स्कैनर, लिनियर एक्सेलेरेटर (LINAC), मैमोग्राफी सिस्टम, C-आर्म, अल्ट्रासाउंड उपकरण, हार्ट वाल्व और स्टेंट जैसे उत्पादों का घरेलू उत्पादन शुरू हो चुका है। स्वीकृत परियोजनाओं में कंपनियों ने ₹1,153.07 करोड़ का वास्तविक निवेश किया है।
SMDI योजना का उद्देश्य क्या है और इसके तहत कितनी राशि स्वीकृत हुई है?
मेडिकल डिवाइस उद्योग सुदृढ़ीकरण योजना (SMDI) का उद्देश्य चिकित्सा उपकरणों में आयात निर्भरता कम करना है। इसके MIS-RID घटक के तहत ₹101.50 करोड़ और CFMDC घटक के तहत ₹88.67 करोड़ की परियोजनाएँ स्वीकृत हुई हैं, जिनमें से ₹20.62 करोड़ अब तक जारी किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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