19 अगस्त 2026
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माइक्रोन के साणंद सेमीकंडक्टर प्लांट को 12 घंटे शिफ्ट की मंजूरी, साप्ताहिक सीमा 48 घंटे तय

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माइक्रोन के साणंद सेमीकंडक्टर प्लांट को 12 घंटे शिफ्ट की मंजूरी, साप्ताहिक सीमा 48 घंटे तय

सारांश

गुजरात ने माइक्रोन के साणंद प्लांट को 12 घंटे की शिफ्ट की अनुमति देकर राज्य में अपनी तरह की पहली मिसाल कायम की है। OSH कोड के तहत दी गई इस छूट में साप्ताहिक सीमा 48 घंटे तय है और श्रमिकों की लिखित सहमति अनिवार्य है — यह कदम ₹1.40 लाख करोड़ के सेमीकंडक्टर निवेश को गति देने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया के साणंद प्लांट को 12 घंटे की शिफ्ट चलाने की अनुमति दी — गुजरात में अपनी तरह की पहली मंजूरी।
कर्मचारियों का कुल साप्ताहिक कार्य समय 48 घंटे से अधिक नहीं होगा; शेष दिन सवेतन अवकाश माने जाएंगे।
यह मंजूरी OSH कोड, 2020 के तहत दी गई है, जो 21 नवंबर 2025 से देशभर में लागू है।
केवल स्वैच्छिक लिखित सहमति देने वाले कर्मचारी ही 12 घंटे की शिफ्ट में काम कर सकेंगे; शर्त उल्लंघन पर मंजूरी रद्द होगी।
माइक्रोन के साणंद प्लांट में 2026 से करोड़ों चिप्स की असेंबली और 2027 से सैकड़ों मिलियन चिप्स वार्षिक उत्पादन की संभावना।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत गुजरात में ₹1.40 लाख करोड़ का निवेश, लगभग 50,000 प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार सृजित होने की अपेक्षा।

गुजरात सरकार ने 19 अगस्त 2026 को माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साणंद स्थित प्लांट में 12 घंटे की कार्य शिफ्ट चलाने की ऐतिहासिक मंजूरी दी है — और यह गुजरात में अपनी तरह की पहली ऐसी अनुमति है। इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों का कुल साप्ताहिक कार्य समय 48 घंटे की निर्धारित सीमा के भीतर ही रहेगा। यह निर्णय राज्य को भारत के उभरते सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग मानचित्र पर और अधिक प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में उठाया गया नीतिगत कदम है।

कानूनी आधार और नीतिगत ढाँचा

यह मंजूरी ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड, 2020 के प्रावधानों के अंतर्गत दी गई है, जो 21 नवंबर 2025 से समूचे देश में लागू हुआ है। यह कोड राज्य सरकारों को आवश्यक सुरक्षा शर्तों के साथ विशेष परिस्थितियों में कुछ फैक्ट्रियों को निर्धारित प्रावधानों से छूट देने का अधिकार देता है, बशर्ते साप्ताहिक कार्य घंटों की सीमा न टूटे।

गुजरात के श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री कुंवरजी बावलिया ने कहा, 'OSH कोड का मुख्य उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ कंप्लायंस को प्रोत्साहन देना है। कोड में सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे के कामकाज का प्रावधान है, लेकिन उपयुक्त सरकार को फैक्ट्रियों के संदर्भ में छूट देने का अधिकार भी दिया गया है। गुजरात सरकार ने राज्य के व्यापक सार्वजनिक हित, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को ध्यान में रखते हुए इस प्रावधान का उपयोग किया है।'

सेमीकंडक्टर उत्पादन की विशेष ज़रूरतें

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, 12 घंटे की शिफ्ट विश्वभर की सेमीकंडक्टर उत्पादन इकाइयों में एक स्वीकृत और प्रचलित कार्य पद्धति है। सेमीकंडक्टर निर्माण परंपरागत फैक्ट्रियों से भिन्न है — यहाँ अत्यंत नियंत्रित क्लीनरूम परिस्थितियों में उत्पादन प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। चिप असेंबली और टेस्टिंग के लिए अत्याधुनिक स्वचालित मशीनें 24 घंटे कार्यरत रहती हैं।

लंबी शिफ्ट के कारण शिफ्ट बदलने की संख्या घटती है, क्लीनरूम में प्रवेश कम होता है, मशीनों का उपयोग अधिक कुशल होता है और अरबों रुपये के निवेश वाले प्लांट में उत्पादन की निरंतरता बनाए रखना संभव होता है। गौरतलब है कि इस व्यवस्था में कर्मचारी सप्ताह में कम दिन काम करते हैं, जिससे उनका कुल साप्ताहिक कार्य समय 48 घंटे ही रहता है।

श्रमिक सुरक्षा की शर्तें

राज्य सरकार ने यह मंजूरी कड़ी शर्तों के साथ दी है। वयस्क कर्मचारी प्रतिदिन अधिकतम 12 घंटे काम कर सकेंगे, परंतु साप्ताहिक सीमा 48 घंटे से अधिक नहीं होगी। शेष दिनों को सवेतन अवकाश माना जाएगा। केवल अपनी स्वैच्छिक लिखित सहमति देने वाले कर्मचारी ही इस शिफ्ट में काम कर सकेंगे।

बावलिया ने स्पष्ट किया, 'किसी भी औद्योगिक इकाई को कर्मचारियों के लिए 12 घंटे की शिफ्ट रखने के लिए सरकार की पूर्वानुमति लेना अनिवार्य है। मंजूरी के बिना कोई भी औद्योगिक समूह कर्मचारियों से 12 घंटे की शिफ्ट नहीं करा सकेगा।' कंपनी के लिए ऐसे कर्मचारियों का अलग रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। फैक्ट्रियों के चीफ इंस्पेक्टर-कम-फैसिलिटेटर द्वारा लागू अतिरिक्त शर्तों का पालन भी बाध्यकारी होगा। किसी भी शर्त के उल्लंघन पर मंजूरी रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

माइक्रोन प्लांट का महत्व और उत्पादन लक्ष्य

माइक्रोन टेक्नोलॉजी का साणंद प्लांट कंपनी के वैश्विक उत्पादन नेटवर्क में अहम भूमिका निभाएगा। परियोजना के पहले चरण में 5 लाख वर्ग फीट से अधिक क्लीनरूम क्षेत्र शामिल होगा, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-फ्लोर सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट क्लीनरूम में से एक होगा। वर्ष 2026 के दौरान यहाँ करोड़ों सेमीकंडक्टर चिप्स की असेंबली एवं टेस्टिंग शुरू होने की अपेक्षा है, जबकि 2027 से उत्पादन क्षमता हर वर्ष सैकड़ों मिलियन चिप्स तक पहुँचने की संभावना है।

गुजरात का सेमीकंडक्टर नेतृत्व और आगे की राह

सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए विशेष नीति घोषित करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य था। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूर हुए छह बड़े प्रोजेक्ट गुजरात को मिले हैं, जिनके माध्यम से लगभग ₹1.40 लाख करोड़ का निवेश किया गया है। इन परियोजनाओं से लगभग 50,000 प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की अपेक्षा है।

श्रम राज्य मंत्री कांतिलाल अमृतिया ने कहा, 'यह छूट राज्य की औद्योगिक प्रगति को गति देने, आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करने, नए रोजगार का सृजन करने और विशेष रूप से राष्ट्रीय रणनीतिक महत्व वाले सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है।' मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात फैब्रिकेशन, असेंबली, पैकेजिंग, टेस्टिंग और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में निरंतर निवेश आकर्षित कर रहा है। यह नीतिगत कदम भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है — 'स्वैच्छिक लिखित सहमति' की शर्त कागज़ पर मज़बूत दिखती है, पर जब नियोक्ता और कर्मचारी के बीच शक्ति का असंतुलन हो, तो इसकी निगरानी कितनी प्रभावी होगी, यह सवाल बना रहेगा। वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना रणनीतिक ज़रूरत है, और 12 घंटे की शिफ्ट ताइवान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका की फैब्स में आम है — इस लिहाज़ से यह कदम तार्किक है। लेकिन ₹1.40 लाख करोड़ के निवेश के साथ 50,000 रोजगार का दावा तभी विश्वसनीय होगा जब रोजगार की गुणवत्ता और श्रमिक कल्याण की स्वतंत्र निगरानी सुनिश्चित हो।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माइक्रोन के साणंद प्लांट को 12 घंटे शिफ्ट की मंजूरी क्यों दी गई?
सेमीकंडक्टर उत्पादन में क्लीनरूम में निरंतर प्रक्रिया चलती है और स्वचालित मशीनें 24 घंटे कार्यरत रहती हैं, इसलिए 12 घंटे की शिफ्ट से शिफ्ट बदलाव कम होता है और उत्पादन दक्षता बढ़ती है। गुजरात सरकार ने OSH कोड, 2020 के तहत यह छूट आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के उद्देश्य से दी है।
क्या कर्मचारियों को 12 घंटे काम करना अनिवार्य होगा?
नहीं। केवल वे कर्मचारी जो अपनी स्वैच्छिक लिखित सहमति देते हैं, वही 12 घंटे की शिफ्ट में काम कर सकेंगे। इसके अलावा, साप्ताहिक कार्य समय 48 घंटे से अधिक नहीं होगा और शेष दिन सवेतन अवकाश माने जाएंगे।
OSH कोड, 2020 क्या है और यह कब लागू हुआ?
ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड, 2020 एक केंद्रीय श्रम कानून है जो 21 नवंबर 2025 से पूरे देश में लागू हुआ है। यह कोड राज्य सरकारों को विशेष उद्योगों को निर्धारित शर्तों के साथ कुछ प्रावधानों से छूट देने का अधिकार देता है।
माइक्रोन के साणंद प्लांट से कितनी चिप्स का उत्पादन होगा?
प्लांट के पहले चरण में 5 लाख वर्ग फीट से अधिक क्लीनरूम क्षेत्र होगा। वर्ष 2026 में करोड़ों सेमीकंडक्टर चिप्स की असेंबली एवं टेस्टिंग शुरू होने की अपेक्षा है, जबकि 2027 से वार्षिक उत्पादन क्षमता सैकड़ों मिलियन चिप्स तक पहुँचने की संभावना है।
गुजरात में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कुल कितना निवेश हुआ है?
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत गुजरात को छह बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं, जिनमें लगभग ₹1.40 लाख करोड़ का निवेश किया गया है। इन परियोजनाओं से लगभग 50,000 प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार सृजित होने की अपेक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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