नीलकंठ मिश्रा बनेंगे विश्व बैंक में भारत के कार्यकारी निदेशक, ACC ने दी मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
वरिष्ठ अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा को विश्व बैंक में भारत का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने 5 जून 2026 को इस नियुक्ति पर मुहर लगाई। मिश्रा वॉशिंगटन डीसी स्थित विश्व बैंक मुख्यालय में तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए यह दायित्व संभालेंगे।
किसकी जगह लेंगे मिश्रा
नीलकंठ मिश्रा, परमेश्वरन अय्यर का स्थान लेंगे, जो अब तक यह पद संभाल रहे थे। अय्यर का कार्यकाल तब तक विस्तारित रखा गया है, जब तक मिश्रा आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण नहीं कर लेते। उल्लेखनीय है कि मिश्रा वर्तमान में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के अंशकालिक सदस्य भी हैं।
विश्व बैंक बोर्ड में भूमिका और महत्व
विश्व बैंक के कार्यकारी बोर्ड में मिश्रा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह बोर्ड ऋण वितरण, विकास परियोजनाओं, वित्तीय नीतियों और प्रशासनिक निर्णयों की निगरानी करता है। यह पद भारत की आर्थिक कूटनीति की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक माना जाता है, जिसमें वैश्विक विकास वित्तपोषण, बुनियादी ढाँचा निवेश, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास जैसे अहम मुद्दों पर भारत की आवाज़ बुलंद होती है।
पेशेवर पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता
नीलकंठ मिश्रा फिलहाल एक्सिस बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री हैं और एक्सिस कैपिटल में वैश्विक शोध प्रमुख तथा पूर्णकालिक निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। वर्ष 2023 में एक्सिस समूह से जुड़ने से पहले उन्होंने लगभग दो दशक तक क्रेडिट सुइस में काम किया, जहाँ वह प्रबंध निदेशक, भारत रणनीतिकार और एशिया-प्रशांत इक्विटी रणनीति विभाग के सह-प्रमुख रहे।
इसके अतिरिक्त, मिश्रा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के अंशकालिक अध्यक्ष और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के अंशकालिक सदस्य भी हैं। वह 15वें और 16वें वित्त आयोग से भी जुड़े रहे हैं और केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण समितियों को सलाह दे चुके हैं।
शैक्षणिक उपलब्धियाँ
नीलकंठ मिश्रा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (IIT कानपुर) के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने IIT प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय चौथा स्थान हासिल किया था। संस्थान ने वर्ष 2020 में उन्हें प्रतिष्ठित 'विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार' से सम्मानित किया। अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने इन्फोसिस में वरिष्ठ तकनीकी आर्किटेक्ट के रूप में भी कार्य किया था।
आगे क्या
मिश्रा के पदभार ग्रहण करने की तिथि की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक विकास वित्तपोषण और बहुपक्षीय संस्थाओं में भारत की भूमिका को लेकर नई बहस छिड़ी हुई है। आर्थिक मामलों और नीतिगत विश्लेषण में उनकी गहरी पकड़ को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि वह विश्व बैंक बोर्ड में भारत के हितों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सक्षम होंगे।