25 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एनएफआर ने जुलाई 2026 तक 42.1 मेगावाट सोलर क्षमता हासिल की, 2025-26 में ₹8.6 करोड़ की बचत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एनएफआर ने जुलाई 2026 तक 42.1 मेगावाट सोलर क्षमता हासिल की, 2025-26 में ₹8.6 करोड़ की बचत

सारांश

नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने 2011 से शुरू हुई सोलर यात्रा में जुलाई 2026 तक 42.1 मेगावाट क्षमता हासिल की — और सिर्फ जनवरी-जुलाई 2026 में 23.7 मेगावाट जोड़कर पूरे भारतीय रेलवे में शीर्ष स्थान पाया। 2025-26 में ₹8.6 करोड़ की बचत इस हरित दांव की असली कीमत बता रही है।

मुख्य बातें

नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) ने 2011 से जुलाई 2026 तक कुल 42.1 मेगावाट सोलर क्षमता स्थापित की।
जनवरी–जुलाई 2026 में 23.7 मेगावाट नई क्षमता जोड़ी गई — भारतीय रेलवे के सभी जोनल रेलवे में सर्वाधिक।
वित्त वर्ष 2025–26 में सोलर उत्पादन लगभग 114 लाख यूनिट रहा, जिससे करीब ₹8.6 करोड़ की बचत हुई।
यह 2024–25 की तुलना में उत्पादन में 90% और बचत में 95.45% की वृद्धि है।
लुमडिंग डिवीजन 17.7 मेगावाट के साथ शीर्ष पर; रंगिया डिवीजन 9.6 मेगावाट के साथ दूसरे स्थान पर।
विभिन्न डिवीजन में 9 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता स्थापना का कार्य प्रगति पर है।

नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) ने 2011 में अपनी सोलराइजेशन पहल की शुरुआत के बाद से जुलाई 2026 तक अपने पूरे जोन में कुल 42.1 मेगावाट की संस्थापित सोलर क्षमता हासिल कर ली है। यह उपलब्धि तब और उल्लेखनीय हो जाती है जब जनवरी से जुलाई 2026 के बीच अकेले 23.7 मेगावाट की नई सोलर क्षमता चालू की गई — जो भारतीय रेलवे के सभी जोनल रेलवे में सर्वाधिक है।

मुख्य उपलब्धियाँ

एनएफआर के चीफ पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान स्थापित 23.7 मेगावाट की सोलर क्षमता ने एनएफआर को इस अवधि में समूचे भारतीय रेलवे नेटवर्क में शीर्ष स्थान दिलाया। उन्होंने इसे ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल रेलवे संचालन के प्रति एनएफआर की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

डिवीजन-वार प्रदर्शन

डिवीजन स्तर पर देखें तो लुमडिंग डिवीजन (गुवाहाटी क्षेत्र सहित) ने 17.7 मेगावाट की सर्वाधिक संचयी सोलर स्थापना क्षमता दर्ज की। इसके बाद रंगिया डिवीजन का स्थान है, जिसने 9.6 मेगावाट क्षमता हासिल की। अलीपुरद्वार (पश्चिम बंगाल), कटिहार (बिहार) और तिनसुकिया (असम) डिवीजन ने भी एनएफआर की कुल सोलर क्षमता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

वित्तीय और परिचालन लाभ

वित्तीय वर्ष 2025–26 में एनएफआर का सोलर ऊर्जा उत्पादन लगभग 114 लाख यूनिट रहा, जिससे करीब ₹8.6 करोड़ की बचत हुई। यह आँकड़ा 2024–25 की तुलना में उल्लेखनीय है — उस वर्ष लगभग 60 लाख यूनिट सोलर ऊर्जा उत्पन्न हुई थी और बचत करीब ₹4.4 करोड़ रही थी। इस प्रकार एक वर्ष में सोलर उत्पादन में लगभग 90 प्रतिशत और वित्तीय बचत में 95.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

आगे की योजना

एनएफआर के विभिन्न डिवीजन में अभी 9 मेगावाट की अतिरिक्त सोलर क्षमता स्थापित करने का कार्य अलग-अलग चरणों में प्रगति पर है। शर्मा के अनुसार, लुमडिंग, रंगिया, कटिहार और अलीपुरद्वार डिवीजन में बड़े इंस्टॉलेशन की योजना है, जिनसे निकट भविष्य में एनएफआर की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में और वृद्धि होने की उम्मीद है।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि मालीगांव, गुवाहाटी में मुख्यालय वाला एनएफआर पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के सात जिलों और बिहार के पाँच जिलों में रेल सेवाएँ संचालित करता है। यह पहल भारतीय रेलवे के नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के दीर्घकालिक विजन में एनएफआर के सक्रिय योगदान को रेखांकित करती है। सोलर क्षमता के निरंतर विस्तार से न केवल कार्बन फुटप्रिंट घट रहा है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक आर्थिक दक्षता भी मजबूत हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह गति नीतिगत प्रतिबद्धता से उपजी है या बजट चक्र के अंत में इंस्टॉलेशन की होड़ से। 90 प्रतिशत उत्पादन वृद्धि प्रभावशाली है, फिर भी 42.1 मेगावाट की कुल क्षमता एनएफआर की विशाल परिचालन ऊर्जा आवश्यकताओं के सामने अभी भी सीमित है। अगली परीक्षा यह होगी कि पाइपलाइन में चल रहे 9 मेगावाट के प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों और नेट-जीरो लक्ष्य महज़ घोषणा न बनकर मापनीय मील के पत्थर बनें।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएफआर ने अब तक कितनी सोलर क्षमता स्थापित की है?
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने 2011 में सोलराइजेशन पहल शुरू करने के बाद से जुलाई 2026 तक कुल 42.1 मेगावाट सोलर क्षमता स्थापित की है। इसमें से अकेले जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 23.7 मेगावाट क्षमता जोड़ी गई।
एनएफआर को सोलर ऊर्जा से कितनी वित्तीय बचत हुई?
वित्त वर्ष 2025–26 में एनएफआर का सोलर उत्पादन लगभग 114 लाख यूनिट रहा, जिससे करीब ₹8.6 करोड़ की बचत हुई। यह 2024–25 की ₹4.4 करोड़ की बचत की तुलना में 95.45 प्रतिशत अधिक है।
एनएफआर के किस डिवीजन में सबसे ज़्यादा सोलर क्षमता है?
लुमडिंग डिवीजन (गुवाहाटी क्षेत्र सहित) 17.7 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ एनएफआर में शीर्ष पर है। रंगिया डिवीजन 9.6 मेगावाट के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि अलीपुरद्वार, कटिहार और तिनसुकिया डिवीजन ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
एनएफआर की आगामी सोलर विस्तार योजना क्या है?
एनएफआर के विभिन्न डिवीजन में 9 मेगावाट की अतिरिक्त सोलर क्षमता स्थापित करने का कार्य अलग-अलग चरणों में जारी है। लुमडिंग, रंगिया, कटिहार और अलीपुरद्वार डिवीजन में बड़े इंस्टॉलेशन की योजना है।
एनएफआर का सोलर अभियान भारतीय रेलवे के नेट-जीरो लक्ष्य से कैसे जुड़ा है?
एनएफआर की सोलर पहल भारतीय रेलवे के नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के दीर्घकालिक विजन का हिस्सा है। सोलर क्षमता के विस्तार से कार्बन फुटप्रिंट में कमी, ऊर्जा लागत में बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता — तीनों लक्ष्य एक साथ साधे जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले