18 सितंबर 2026
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NSO रिपोर्ट: 57.8% जिलों में महिला LFPR 40% से अधिक, सूरत देश में सबसे आगे

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NSO रिपोर्ट: 57.8% जिलों में महिला LFPR 40% से अधिक, सूरत देश में सबसे आगे

सारांश

NSO की जिलावार रिपोर्ट बताती है कि भारत के 57.8% जिलों में महिला LFPR 40% के पार पहुँच चुका है। सूरत 68.6% LFPR के साथ सबसे आगे है, जबकि दरभंगा सबसे पीछे। यह डेटा महिला रोजगार नीति के लिए एक नई दिशा तय कर सकता है।

मुख्य बातें

NSO ने 18 सितंबर 2026 को जिलावार रोजगार आंकड़े जारी किए।
भारत के 57.8% जिलों में महिला LFPR 40% या उससे अधिक दर्ज।
गुजरात का सूरत 68.6% LFPR के साथ देशभर में शीर्ष पर; बिहार का दरभंगा सबसे नीचे।
सबसे कम बेरोजगारी दर दक्षिण 24 परगना और अररिया में — दोनों 0.9% ।
राजधानी जिलों में शिमला का LFPR 70% — राज्य राजधानियों में सर्वाधिक।
15-29 वर्ष युवाओं में सबसे कम NEET दर एर्नाकुलम में 9.6% ।

नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) ने 18 सितंबर 2026 को जारी जिलावार आंकड़ों में खुलासा किया कि भारत के 57.8 प्रतिशत जिलों में महिला श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 40 प्रतिशत या उससे अधिक दर्ज की गई है — जो देश की कामकाजी आबादी में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी का संकेत है। यह रिपोर्ट रोजगार, बेरोजगारी और NEET (न रोजगार में, न शिक्षा में, न प्रशिक्षण में) दरों पर जिला स्तर पर विस्तृत डेटा प्रस्तुत करती है।

शीर्ष जिले: LFPR और WPR में कौन आगे

सर्वे में शामिल 100 जिलों में गुजरात का सूरत जिला सर्वाधिक LFPR और वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR) के साथ देशभर में शीर्ष पर रहा। आंकड़ों के अनुसार, सूरत में LFPR 68.6 प्रतिशत, बिहार के अररिया में 68 प्रतिशत और तमिलनाडु के सलेम में 67.8 प्रतिशत रही।

WPR के मामले में भी सूरत 67.8 प्रतिशत के साथ सूची में सबसे ऊपर है। अररिया 67.4 प्रतिशत के साथ दूसरे और गुजरात का बनासकांठा 66.6 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, सबसे कम LFPR बिहार के दरभंगा जिले में दर्ज किया गया।

बेरोजगारी दर: सबसे कम कहाँ

आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल का दक्षिण 24 परगना (0.9 प्रतिशत), बिहार का अररिया (0.9 प्रतिशत) और गुजरात का अहमदाबाद (1.1 प्रतिशत) देश के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले जिले रहे।

15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में सबसे कम बेरोजगारी दर केरल के तिरुवनंतपुरम (1.9 प्रतिशत), पश्चिम बंगाल के कोलकाता (1.9 प्रतिशत) और कर्नाटक के बेंगलुरु (शहरी) (2.5 प्रतिशत) में दर्ज हुई।

राज्य राजधानी जिलों में रोजगार की स्थिति

राज्य की राजधानियों वाले जिलों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में LFPR और WPR का सर्वाधिक स्तर हिमाचल प्रदेश के शिमला में (70 प्रतिशत और 65.1 प्रतिशत), केरल के तिरुवनंतपुरम में (64.4 प्रतिशत और 63.2 प्रतिशत) और छत्तीसगढ़ के रायपुर में (61.5 प्रतिशत और 59.4 प्रतिशत) देखा गया।

युवाओं में NEET दर: चिंता और राहत

15-29 वर्ष के युवाओं में NEET का सबसे कम अनुपात जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर (14.3 प्रतिशत), कर्नाटक के बेंगलुरु (शहरी) (15 प्रतिशत) और आंध्र प्रदेश के गुंटूर (15.1 प्रतिशत) में रहा। वहीं, जिला स्तर पर NEET दर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों में केरल का एर्नाकुलम (9.6 प्रतिशत) और तमिलनाडु का कोयंबटूर (14.5 प्रतिशत) भी शामिल हैं।

रिपोर्ट का महत्व और आगे की राह

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब महिला श्रम भागीदारी को लेकर नीति-निर्माता और अर्थशास्त्री दोनों सक्रिय बहस में हैं। गौरतलब है कि जिला-स्तरीय डेटा का यह विश्लेषण नीति निर्माण में अधिक लक्षित हस्तक्षेप को संभव बनाता है — खासकर उन जिलों में जहाँ LFPR अभी भी कम है। आने वाले समय में इन आंकड़ों का उपयोग राज्य सरकारें और केंद्र, कौशल विकास और रोजगार योजनाओं को प्राथमिकता देने में कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ बेरोजगारी दर भी बेहद कम है — यह संकेत है कि रोजगार की गुणवत्ता और औपचारिकता का मुद्दा आंकड़ों के पीछे छिपा हो सकता है। दरभंगा जैसे जिलों की कम भागीदारी सामाजिक-आर्थिक बाधाओं की ओर इशारा करती है जिन्हें केवल संख्याएँ नहीं सुलझा सकतीं। नीति-निर्माताओं के लिए असली परीक्षा यह है कि इस डेटा को लक्षित योजनाओं में कितनी तेजी से और ईमानदारी से बदला जाता है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NSO की जिलावार रोजगार रिपोर्ट 2026 में क्या बताया गया है?
NSO ने 18 सितंबर 2026 को जारी रिपोर्ट में बताया कि भारत के 57.8% जिलों में महिला LFPR 40% या उससे अधिक है। रिपोर्ट में LFPR, WPR, बेरोजगारी दर और NEET दर के जिलावार आंकड़े शामिल हैं।
LFPR में सबसे आगे कौन सा जिला है?
गुजरात का सूरत जिला 68.6% LFPR के साथ देशभर में शीर्ष पर है। इसके बाद बिहार का अररिया (68%) और तमिलनाडु का सलेम (67.8%) आते हैं।
NEET दर सबसे कम किन जिलों में है?
15-29 वर्ष के युवाओं में NEET दर केरल के एर्नाकुलम (9.6%), तमिलनाडु के कोयंबटूर (14.5%) और कर्नाटक के बेंगलुरु (शहरी) (15%) में सबसे कम दर्ज की गई। श्रीनगर में भी यह दर 14.3% रही।
सबसे कम बेरोजगारी दर किन जिलों में दर्ज हुई?
पश्चिम बंगाल का दक्षिण 24 परगना और बिहार का अररिया — दोनों में बेरोजगारी दर मात्र 0.9% रही। गुजरात का अहमदाबाद 1.1% के साथ तीसरे स्थान पर है।
राज्य राजधानी जिलों में रोजगार की स्थिति कैसी है?
राजधानी जिलों में हिमाचल प्रदेश का शिमला 70% LFPR के साथ सबसे आगे है, इसके बाद तिरुवनंतपुरम (64.4%) और रायपुर (61.5%) का स्थान है।
राष्ट्र प्रेस
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