पीयूष गोयल ने मिल्वौकी में कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्रियों से मुलाकात, CEPA-CETA पर आगे बढ़ने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 2 अक्टूबर 2026 को मिल्वौकी में आयोजित G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष व्यापार मंत्रियों से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों का केंद्रीय उद्देश्य भारत के साथ चल रही व्यापक आर्थिक साझेदारी वार्ताओं को गति देना और द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊँचाइयों पर ले जाना रहा।
भारत-कनाडा CEPA: 2030 तक 50 अरब डॉलर का लक्ष्य
गोयल ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की प्रगति की समीक्षा की। यह वार्ता इस वर्ष मार्च 2026 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की पहल पर शुरू की गई थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुँचाना है।
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि मुंबई में हुई पिछली बैठक की नींव पर आगे बढ़ते हुए दोनों पक्षों ने वार्ता में तेज़ी लाने और समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-कनाडा संबंध हाल के वर्षों में कुछ राजनयिक तनावों से गुज़रे हैं, जिससे यह आर्थिक संवाद विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हो जाता है।
भारत-यूके CETA: 15 जुलाई 2026 से लागू समझौते पर कार्यान्वयन समीक्षा
यूके के बिज़नेस, इनोवेशन, साइंस एवं ट्रेड सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ बैठक में भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। यह समझौता 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुका है।
गोयल ने बताया कि चर्चा का मुख्य बिंदु इस समझौते की पूर्ण क्षमता का उपयोग करने और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के तरीकों पर केंद्रित रहा। गौरतलब है कि भारत-यूके CETA को अंतिम रूप देने में कई वर्षों की कठिन वार्ता लगी, लिहाज़ा इसके त्वरित और प्रभावी कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना नीतिगत दृष्टि से स्वाभाविक अगला कदम है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया CECA: फार्मा, एग्री-टेक और ज़रूरी खनिजों पर संवाद
ऑस्ट्रेलिया के व्यापार एवं पर्यटन मंत्री सीनेटर डॉन फैरेल के साथ बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) की वार्ता में तेज़ी लाने पर सहमति जताई। गोयल के अनुसार, इस बैठक में फार्मास्यूटिकल्स, सेवाएँ, निवेश, एग्री-टेक और ज़रूरी खनिज क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
दोनों मंत्रियों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट (ECTA) के तहत अब तक हुई प्रगति की भी समीक्षा की। साथ ही इस पर विशेष ध्यान दिया गया कि भारतीय कंपनियाँ ऑस्ट्रेलियाई बाज़ार में उपलब्ध ड्यूटी-फ्री सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
G20 मंच पर भारत की बहुआयामी व्यापार कूटनीति
एक ही दिन में तीन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के व्यापार मंत्रियों से बैठक भारत की सक्रिय और बहुआयामी व्यापार कूटनीति को दर्शाती है। G20 जैसे बहुपक्षीय मंचों का उपयोग द्विपक्षीय वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए करना भारत की रणनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
आने वाले महीनों में इन तीनों द्विपक्षीय वार्ताओं की दिशा और गति पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि ये समझौते भारतीय निर्यातकों, सेवा क्षेत्र और निवेश परिदृश्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकते हैं।