धनतेरस से पहले सोना ₹1,38,678 तक फिसला, चांदी में ₹5,667 की गिरावट; फेड नीति की चिंता हावी
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखा गया — दिसंबर डिलीवरी सोना दिन में एक समय ₹1,38,678 प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक लुढ़का, जबकि चांदी ₹5,667 यानी 3.08 प्रतिशत टूटकर ₹1,78,112 प्रति किलोग्राम तक आ गई। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब धनतेरस और दिवाली महज़ कुछ दिन दूर हैं और खरीदारी की उम्मीदें परंपरागत रूप से ऊँची रहती हैं।
घरेलू बाज़ार में गिरावट का विवरण
MCX पर दिसंबर डिलीवरी सोना अपने पिछले बंद भाव ₹1,40,186 से ₹766 यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,39,420 पर खुला। दिन के कारोबार में यह ₹1,508 यानी 1.07 प्रतिशत और नीचे जाकर ₹1,38,678 प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुँचा। इस तरह घरेलू बाज़ार में सोना करीब 1 प्रतिशत गिरकर ₹1.39 लाख प्रति 10 ग्राम के नीचे आ गया।
दिसंबर डिलीवरी चांदी अपने पिछले बंद ₹1,83,779 से ₹892 यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,82,887 प्रति किलोग्राम पर खुली। दिन में एक समय यह ₹5,667 यानी 3.08 प्रतिशत टूटकर ₹1,78,112 प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक फिसल गई।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी दबाव
वैश्विक संदर्भ भी कमज़ोर रहा। COMEX पर सोना करीब 1.05 प्रतिशत टूटकर $3,928 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 3.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ $59.25 प्रति औंस पर आ गई। सोमवार को आई मामूली रिकवरी अधिक देर टिक नहीं पाई और बिकवाली का दौर फिर शुरू हो गया।
गिरावट की प्रमुख वजहें
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊँचे बने रहने की संभावना ने निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया है। आमतौर पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर की कमज़ोरी सोने को सहारा देती है, लेकिन फेड की नीति को लेकर अनिश्चितता ने इस समर्थन को सीमित कर दिया है।
इसके अलावा, अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों से पहले निवेशकों में सतर्कता बढ़ी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, फिलहाल बाज़ार में जोखिम लेने की इच्छाशक्ति सीमित बनी हुई है, जिसके कारण खरीदारी कमज़ोर रही। मज़बूत रुपया भी घरेलू बाज़ार में कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव का एक अतिरिक्त कारण बना।
तकनीकी स्तर और आगे की दिशा
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, MCX गोल्ड के लिए ₹1.40 लाख से ₹1.41 लाख का क्षेत्र महत्वपूर्ण प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) है, और नीचे की तरफ ₹1.37 लाख से ₹1.38 लाख का दायरा अहम सपोर्ट माना जा रहा है। चांदी के लिए ₹1.78 लाख से ₹1.80 लाख का सपोर्ट ज़ोन है, जबकि ऊपर की ओर ₹1.86 लाख से ₹1.88 लाख का स्तर मज़बूत प्रतिरोध बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में सोने और चांदी की दिशा मुख्य रूप से फेडरल रिजर्व की आगामी नीति और अमेरिकी महंगाई के आँकड़ों पर निर्भर करेगी। बाज़ार अब दिसंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना को पहले की तुलना में थोड़ा कम आँक रहा है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है।
कच्चे तेल और भू-राजनीतिक असर
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ब्रेंट और WTI क्रूड में हालिया गिरावट ने कुछ राहत दी है। ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बाद तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे क्रूड में बिकवाली देखी गई। हालाँकि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं और ऊँचे कच्चे तेल के दाम महंगाई संबंधी चिंताओं को बढ़ाते रहे हैं। ऐसे में निवेशक सतर्क बने हुए हैं और धनतेरस पर घरेलू माँग ही कीमतों को अल्पकालिक सहारा दे सकती है।