7 नवंबर 2026
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आरबीआई का कृषि ऋण सत्यापन सख्त करने का प्रस्ताव, पीएसएल गणना नियमों में भी बदलाव

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आरबीआई का कृषि ऋण सत्यापन सख्त करने का प्रस्ताव, पीएसएल गणना नियमों में भी बदलाव

सारांश

RBI ने कृषि ऋणों के दस्तावेज़ी सत्यापन को कड़ा करने और PSL गणना-पद्धति में बदलाव का मसौदा जारी किया है। सोने पर कृषि ऋण, भूमिहीन किसान और LC-आधारित बिल — तीनों पर नए नियम प्रस्तावित हैं। 26 नवंबर तक सुझाव माँगे गए हैं।

मुख्य बातें

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 7 नवंबर 2026 को कृषि ऋण सत्यापन सख्त करने और PSL गणना नियमों में बदलाव का मसौदा जारी किया।
बैंकों को कृषि भूमि का स्थान, फसल विवरण और हाइपोथेकेशन की जानकारी का रिकॉर्ड रखना होगा; फील्ड विज़िट का रिकॉर्ड भी अनिवार्य।
सोने पर दिए कृषि ऋण PSL से बाहर नहीं होंगे, लेकिन ऋण राशि कृषि आवश्यकता के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि सोने के मूल्य पर।
भूमिहीन मज़दूरों और बटाईदार किसानों के लिए वैकल्पिक सत्यापन दस्तावेज़ मान्य होंगे।
LC के तहत डिस्काउंट किए गए व्यापारिक बिल अब NBC/ANBC गणना से बाहर नहीं रखे जाएँगे।
मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव 26 नवंबर 2026 तक आमंत्रित।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 7 नवंबर 2026 को कृषि ऋणों के दस्तावेज़ी सत्यापन को कड़ा बनाने और प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (PSL) की गणना-पद्धति में संशोधन का मसौदा प्रस्ताव जारी किया है। केंद्रीय बैंक ने इस मसौदे पर सार्वजनिक टिप्पणियाँ और सुझाव 26 नवंबर 2026 तक आमंत्रित किए हैं।

मसौदे में क्या है

RBI द्वारा जारी 'भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता क्षेत्र ऋण लक्ष्य एवं वर्गीकरण) निर्देश, 2026' के मसौदे के अनुसार, बैंकों को कृषि ऋण के लिए कृषि भूमि का स्थान, उगाई जा रही फसल का विवरण और जहाँ लागू हो, वहाँ फसलों पर हाइपोथेकेशन (गिरवीकरण) से संबंधित जानकारी का रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखना होगा। इसके अतिरिक्त, बैंक अधिकारियों को ऋण उपयोग की निगरानी के लिए फील्ड विज़िट का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना होगा।

सोने के बदले दिए जाने वाले कृषि ऋणों के लिए विशेष रूप से अधिक विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया अपनाने का प्रावधान रखा गया है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि सोने के आभूषण या अन्य स्वर्ण वस्तुएँ गिरवी रखे जाने मात्र से कोई कृषि ऋण PSL वर्गीकरण से बाहर नहीं होगा।

ऋण राशि निर्धारण पर नई शर्त

मसौदे के अनुसार, बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऋण राशि का निर्धारण कृषि गतिविधि की वास्तविक वित्तीय आवश्यकता और निर्धारित वित्तीय मानकों के आधार पर हो — केवल गिरवी रखी संपत्ति के बाज़ार मूल्य के आधार पर नहीं। यह प्रावधान उन मामलों में अनुचित ऋण वितरण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया गया है जहाँ सोने की ऊँची कीमत के चलते ऋण राशि कृषि ज़रूरत से कहीं अधिक हो जाती है।

भूमिहीन किसानों और बटाईदारों के लिए प्रावधान

भूमिहीन कृषि मज़दूरों और बटाईदार किसानों के मामलों में — जहाँ भूमि रिकॉर्ड या पट्टा दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं होते — बैंकों को पात्रता साबित करने के लिए अन्य सत्यापन-योग्य दस्तावेज़ सुरक्षित रखने होंगे। यह व्यवस्था उन किसानों के लिए महत्त्वपूर्ण है जो औपचारिक भूमि स्वामित्व के अभाव में प्रायः PSL लाभ से वंचित रह जाते हैं।

PSL गणना में लेटर ऑफ क्रेडिट पर बदलाव

RBI ने लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) के तहत डिस्काउंट किए गए व्यापारिक बिलों के लेखांकन तरीके में भी संशोधन का प्रस्ताव किया है। मसौदे के अनुसार, ऐसे बिलों को अब नेट बैंक क्रेडिट (NBC) और समायोजित नेट बैंक क्रेडिट (ANBC) की गणना से बाहर नहीं रखा जाएगा। केंद्रीय बैंक के अनुसार, बैंक इन एक्सपोज़र को जोखिम और पूँजी पर्याप्तता संबंधी गणनाओं के लिए इंटरबैंक एक्सपोज़र के रूप में मान सकते हैं, लेकिन PSL गणना से उन्हें बाहर नहीं किया जाना चाहिए।

आगे क्या होगा

यह मसौदा अभी प्रस्ताव के चरण में है और 26 नवंबर 2026 तक सार्वजनिक परामर्श के लिए खुला है। बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव PSL ढाँचे को अधिक पारदर्शी बनाएँगे और कृषि ऋण के नाम पर होने वाले संभावित दुरुपयोग पर लगाम लगाएँगे। अंतिम दिशानिर्देश परामर्श प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बैंक शाखाएँ फील्ड विज़िट और रिकॉर्ड-रखरखाव की इस अतिरिक्त ज़िम्मेदारी को ज़मीन पर कितनी कुशलता से निभा पाएँगी। PSL लक्ष्यों की पूर्ति में पहले से ही बड़े और छोटे बैंकों के बीच असमानता है — नई अनुपालन परतें छोटे बैंकों पर अनुपातहीन बोझ डाल सकती हैं। परामर्श प्रक्रिया में यह देखना ज़रूरी होगा कि उद्योग जगत इन चिंताओं को किस रूप में सामने रखता है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI का कृषि ऋण सत्यापन से जुड़ा नया मसौदा क्या है?
RBI ने 7 नवंबर 2026 को 'प्राथमिकता क्षेत्र ऋण लक्ष्य एवं वर्गीकरण निर्देश, 2026' का मसौदा जारी किया है, जिसमें कृषि ऋणों के दस्तावेज़ी सत्यापन को कड़ा करने और PSL गणना-पद्धति में बदलाव का प्रस्ताव है। इसमें भूमि विवरण, फसल जानकारी और फील्ड विज़िट रिकॉर्ड रखना अनिवार्य किया गया है।
सोने पर लिए कृषि ऋण PSL में शामिल होंगे या नहीं?
RBI के मसौदे के अनुसार, सोने के आभूषण या स्वर्ण वस्तुएँ गिरवी रखे जाने मात्र से कोई कृषि ऋण PSL वर्गीकरण से बाहर नहीं होगा। हालाँकि बैंक को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऋण राशि कृषि गतिविधि की वास्तविक वित्तीय आवश्यकता के आधार पर तय हो, न कि केवल गिरवी संपत्ति के मूल्य पर।
भूमिहीन किसानों और बटाईदारों को इस प्रस्ताव से क्या फायदा होगा?
जिन किसानों के पास भूमि रिकॉर्ड या पट्टा दस्तावेज़ नहीं हैं, उनके लिए अन्य सत्यापन-योग्य दस्तावेज़ों को मान्यता देने का प्रावधान किया गया है। इससे भूमिहीन मज़दूर और बटाईदार किसान भी PSL लाभ के दायरे में आ सकेंगे जो पहले औपचारिक दस्तावेज़ों के अभाव में वंचित रह जाते थे।
LC के तहत व्यापारिक बिलों की PSL गणना में क्या बदलाव होगा?
मसौदे के अनुसार, लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) के तहत डिस्काउंट किए गए व्यापारिक बिलों को अब NBC और ANBC की गणना से बाहर नहीं रखा जाएगा। बैंक इन्हें जोखिम और पूँजी पर्याप्तता गणनाओं में इंटरबैंक एक्सपोज़र के रूप में मान सकते हैं, लेकिन PSL गणना में इन्हें शामिल करना होगा।
इस मसौदे पर सुझाव देने की अंतिम तारीख क्या है?
RBI ने इस मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव और टिप्पणियाँ 26 नवंबर 2026 तक आमंत्रित की हैं। परामर्श प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम दिशानिर्देश जारी किए जाने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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