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विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना 2026 को बंपर रिस्पॉन्स, 1,100 से अधिक करदाताओं ने किया खुलासा

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विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना 2026 को बंपर रिस्पॉन्स, 1,100 से अधिक करदाताओं ने किया खुलासा

सारांश

केंद्र की विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना 2026 को अब तक 1,100 से अधिक करदाताओं ने अपनाया। 31 दिसंबर 2026 की समयसीमा से पहले यह संख्या और बढ़ने के संकेत हैं — UAE में निवेशकों से सीधा संपर्क और CBDT की समर्पित समितियाँ इसे गंभीर अनुपालन अभियान बनाती हैं।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार की 'विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना, 2026' के तहत अब तक लगभग 1,100 करदाताओं ने अपनी अघोषित विदेशी संपत्तियाँ घोषित कीं।
योजना में उचित बाजार मूल्य पर 30% कर और उतना ही जुर्माना — वैध घोषणा पर काला धन अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई से छूट।
करदाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर 2022–2024 के CRS/FATCA डेटा के आधार पर अपनी विदेशी संपत्तियों की जानकारी देख सकते हैं।
23 अक्टूबर 2026 की उच्च-स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि खुफिया स्रोतों से प्राप्त जानकारी भी करदाताओं के साथ साझा की जाएगी।
विभाग ने हाल ही में UAE में संपत्ति रखने वाले चुनिंदा करदाताओं से सीधे संपर्क किया।
योजना का लाभ उठाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 ।

केंद्र सरकार की 'छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति – प्रकटीकरण योजना, 2026' को करदाताओं से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है। सूत्रों के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 तक लगभग 1,100 करदाता इस योजना के तहत अपनी अघोषित विदेशी संपत्तियों का खुलासा कर चुके हैं। यह योजना पात्र करदाताओं को एक बार के अवसर के रूप में अपनी विदेशी संपत्तियाँ और आय उजागर करने की सुविधा देती है।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

यह योजना पूरी तरह ऑनलाइन, स्व-घोषणा (सेल्फ-डिक्लेरेशन) आधारित और विश्वास पर टिकी है। योजना के अंतर्गत करदाताओं को संपत्ति के उचित बाजार मूल्य (FMV) पर 30 प्रतिशत कर और उसके बराबर जुर्माना चुकाना होगा। एक वैध घोषणा करने पर, 'काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015' के तहत आगे की जाँच, अतिरिक्त जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से पूर्ण छूट मिल जाती है। योजना का लाभ उठाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 है।

ई-फाइलिंग पोर्टल पर विशेष सुविधा

करदाताओं की सहूलियत के लिए आयकर विभाग ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक विशेष सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके माध्यम से करदाता अपने PAN से जुड़ी उन विदेशी संपत्तियों की जानकारी देख सकते हैं, जिन्हें विदेशी न्यायालयों द्वारा 'ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन' (AEOI) — जिसे आमतौर पर CRS/FATCA के नाम से जाना जाता है — के तहत रिपोर्ट किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, करदाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन कर 2022 से 2024 तक के तीन वर्षों की यह जानकारी डाउनलोड कर सकते हैं। गौरतलब है कि पोर्टल पर केवल वही जानकारी दर्शाई गई है जो CRS/FATCA फ्रेमवर्क के हस्ताक्षरकर्ताओं से प्राप्त हुई है; अन्य बहुपक्षीय स्रोतों से मिली सूचनाओं को विभिन्न जोखिम कारकों और गोपनीयता प्रतिबद्धताओं के कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

उच्च-स्तरीय बैठक और नए निर्णय

23 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विभाग के पास उपलब्ध अन्य स्रोतों — जिनमें खुफिया सूचनाएँ भी शामिल हैं — से प्राप्त जानकारी को जहाँ भी संभव हो, संबंधित करदाताओं के साथ साझा किया जाएगा, ताकि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठा सकें।

यह ऐसे समय में आया है जब सरकार ने हाल ही में उन चुनिंदा करदाताओं से सीधे संपर्क किया है जिन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आवासीय या व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश किया है।

जागरूकता अभियान और समिति गठन

आयकर विभाग ने करदाताओं, नियोक्ताओं (कॉर्पोरेट संस्थाओं), शैक्षणिक संस्थानों, पेशेवर निकायों और उद्योग संघों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाए हैं। इसके साथ ही, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने करदाताओं की शंकाओं और समस्याओं के समाधान के लिए हर क्षेत्र में प्रधान मुख्य आयुक्त के अधीन एक समर्पित समिति का गठन किया है।

आगे क्या होगा

योजना की 31 दिसंबर 2026 की समयसीमा नजदीक आने के साथ, विशेषज्ञों का मानना है कि घोषणाओं की संख्या में और तेज़ी आ सकती है। यह योजना उन करदाताओं के लिए अंतिम अवसर है जो काला धन अधिनियम के तहत कड़े दंड से बचना चाहते हैं — ऐसे में अनुपालन की दर आने वाले हफ्तों में निर्णायक दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

100 करदाताओं का आँकड़ा पहली नज़र में उत्साहजनक लगता है, लेकिन यह देखते हुए कि भारत सरकार को CRS/FATCA के तहत लाखों खातों की जानकारी मिलती है, यह संख्या संभावित अनुपालन अंतराल की एक बड़ी तस्वीर को ढकती है। UAE में संपत्ति रखने वाले करदाताओं को चुनिंदा रूप से नोटिस भेजना संकेत देता है कि विभाग के पास पहले से लक्षित सूची है — यानी यह स्वैच्छिक प्रकटीकरण के साथ-साथ एक परोक्ष दबाव रणनीति भी है। 31 दिसंबर की समयसीमा के बाद सरकार का रुख और प्रवर्तन की धार ही बताएगी कि यह योजना केवल राजस्व जुटाने का साधन है या वास्तविक कर-पारदर्शिता की ओर एक ठोस कदम।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना 2026 क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक बार की योजना है, जो छोटे करदाताओं को अब तक अघोषित विदेशी संपत्तियों और आय का खुलासा करने का अवसर देती है। इसमें उचित बाजार मूल्य पर 30% कर और उतना ही जुर्माना चुकाकर काला धन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई से छूट मिलती है।
इस योजना का लाभ उठाने की अंतिम तिथि क्या है?
इस योजना के तहत घोषणा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 है। इस तारीख के बाद पात्र खुलासे करने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा और काला धन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
करदाता अपनी विदेशी संपत्तियों की जानकारी कहाँ देख सकते हैं?
आयकर विभाग ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक विशेष सुविधा दी है, जहाँ करदाता अपने PAN से जुड़ी CRS/FATCA के तहत रिपोर्ट की गई विदेशी संपत्तियों की जानकारी 2022 से 2024 तक के तीन वर्षों के लिए डाउनलोड कर सकते हैं।
वैध घोषणा करने पर क्या फायदे हैं?
वैध घोषणा करने पर करदाताओं को 'काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015' के तहत आगे की जाँच, अतिरिक्त जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से पूर्ण छूट मिलती है। यह योजना पूरी तरह ऑनलाइन और स्व-घोषणा आधारित है।
क्या सरकार के पास करदाताओं की विदेशी संपत्तियों की जानकारी पहले से है?
हाँ, आयकर विभाग को CRS/FATCA जैसे बहुपक्षीय फ्रेमवर्क और अन्य खुफिया स्रोतों से विदेशी संपत्तियों की जानकारी मिलती है। 23 अक्टूबर 2026 की उच्च-स्तरीय बैठक में तय किया गया कि यह जानकारी जहाँ संभव हो संबंधित करदाताओं के साथ साझा की जाएगी, ताकि वे योजना का लाभ उठा सकें।
राष्ट्र प्रेस
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