शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट, सेंसेक्स 852 अंक टूटा, निफ्टी 24,173 पर बंद
सारांश
Key Takeaways
- बीएसई सेंसेक्स 23 अप्रैल को 852.49 अंक (1.09%25) गिरकर 77,664 पर बंद हुआ।
- एनएसई निफ्टी50 205.05 अंक (0.84%25) टूटकर 24,173.05 पर आया।
- लगातार दो सत्रों में सेंसेक्स करीब 1,600 अंक और निफ्टी लगभग 2 प्रतिशत गिरा।
- ब्रेंट क्रूड 1.1%25 बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा — इस साल अब तक 70%25 की तेजी।
- भारतीय रुपया लगातार चौथे सत्र में कमजोर, इस महीने दूसरी बार 94 के स्तर को पार किया।
- निफ्टी फार्मा (2.36%25 बढ़त) एकमात्र बड़ा सेक्टर जो हरे निशान में रहा; ऑटो, पीएसयू बैंक, रियल्टी सर्वाधिक पिटे।
मुंबई, 23 अप्रैल। भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली के दबाव में रहा और बीएसई सेंसेक्स 852.49 अंक यानी 1.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,664 के स्तर पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी50 भी 205.05 अंक (0.84 प्रतिशत) टूटकर 24,173.05 पर आ गया। मध्य पूर्व संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी से उपजी कच्चे तेल की महंगाई और कमजोर भारतीय रुपया इस गिरावट के प्रमुख कारण रहे।
दो सत्रों में बाजार को कितना नुकसान?
महज दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 1,600 अंक यानी लगभग 2 प्रतिशत गिर चुका है। इसी अवधि में निफ्टी50 में भी लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। बुधवार को सेंसेक्स 77,983.66 के स्तर पर खुला और दिन के दौरान गिरकर 77,574.18 के निचले स्तर तक पहुंचा। निफ्टी ने 24,202.35 पर शुरुआत की और 24,134.80 तक लुढ़का।
व्यापक बाजार और सेक्टरवार प्रदर्शन
इस सत्र में व्यापक बाजार सूचकांकों पर भी दबाव रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.67 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.41 प्रतिशत की गिरावट आई — जबकि पिछले सत्र में ये सूचकांक हरे निशान में बंद हुए थे।
सेक्टरवार नजरिए से देखें तो निफ्टी फार्मा (2.36 प्रतिशत की बढ़त) और निफ्टी मीडिया (0.90 प्रतिशत की बढ़त) को छोड़कर सभी सेक्टर लाल निशान में रहे। सर्वाधिक गिरावट वाले सेक्टरों में निफ्टी ऑटो (2.35%25), निफ्टी पीएसयू बैंक (2.19%25), निफ्टी रियल्टी (1.83%25), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (1.38%25), निफ्टी प्राइवेट बैंक (1.31%25) और निफ्टी आईटी (1.22%25) शामिल रहे।
कौन से शेयर चमके, कौन से धड़ाम हुए?
निफ्टी50 के शेयरों में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सिप्ला, अदाणी इंटरप्राइजेज, कोल इंडिया, अपोलो हॉस्पिटल, अदाणी पोर्ट्स, ओएनजीसी और नेस्ले इंडिया के शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखी गई।
दूसरी ओर, ट्रेंट, श्रीराम फाइनेंस, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, इन्फोसिस, एसबीआई लाइफ और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई।
कच्चा तेल और रुपये ने बढ़ाई मुश्किलें
होर्मुज जलडमरूमध्य की चल रही नाकाबंदी के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें चढ़ती जा रही हैं। ब्रेंट क्रूड 1.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग 103 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया — यह लगातार चौथे दिन की तेजी है। इस साल अब तक ब्रेंट क्रूड में करीब 70 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है, जिसका बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व संकट के बाद आया है।
अमेरिका-ईरान वार्ता के ठप पड़ने से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर से ऊपर बनी हुई है, जिसने वैश्विक निवेशकों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को और मजबूत किया। इस बीच भारतीय रुपया लगातार चौथे सत्र में कमजोर होता रहा और इस महीने दूसरी बार 94 के स्तर को पार कर गया, जिससे आयात महंगा होने की आशंका और गहरी हो गई।
आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार जब तक मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में नहीं आतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक, वैश्विक कच्चे तेल के रुझान और भारतीय रुपये की चाल पर टिकी रहेगी। घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजे भी आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।