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सेंसेक्स 308 अंक की गिरावट, 74,459 पर बंद; मिडकैप-स्मॉलकैप में भारी बिकवाली

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सेंसेक्स 308 अंक की गिरावट, 74,459 पर बंद; मिडकैप-स्मॉलकैप में भारी बिकवाली

सारांश

शुक्रवार को सेंसेक्स 308 अंक टूटा और स्मॉलकैप में 1.85% की भारी बिकवाली रही। महंगाई की चिंता, वैश्विक केंद्रीय बैंकों की सतर्क नीति और अमेरिका-ईरान तनाव के चलते बाज़ार दबाव में रहा — लेकिन IT और फार्मा ने गिरावट को सीमित रखा।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 30 अक्टूबर को 308.49 अंक (0.42%) गिरकर 74,459.53 पर बंद हुआ।
NSE निफ्टी 50 116.35 अंक (0.51%) की गिरावट के साथ 23,053.10 पर बंद हुआ।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 में सर्वाधिक 1.85% की गिरावट; निफ्टी मिडकैप 100 0.93% नीचे।
निफ्टी आईटी ( +2.32% ) और निफ्टी हेल्थकेयर ( +1.58% ) शीर्ष गेनर सेक्टर रहे।
निफ्टी इंडिया डिफेंस ( -2.01% ) सबसे बड़ा लूज़र सेक्टर; एनर्जी , ऑटो , PSU बैंक भी लाल निशान में।
महंगाई की चिंता, ECB व BoJ की स्थिर दरें और अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में तेज़ी ने सेंटिमेंट बिगाड़ा।

BSE सेंसेक्स शुक्रवार, 30 अक्टूबर को 308.49 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,459.53 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 भी 116.35 अंक या 0.51 प्रतिशत टूटकर 23,053.10 पर आ गया। महंगाई की लगातार बनी चिंताओं, वैश्विक केंद्रीय बैंकों की सतर्क नीति और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाज़ार की धारणा को कमज़ोर किया। आईटी और हेल्थकेयर शेयरों ने गिरावट को कुछ हद तक थामे रखा।

मुख्य घटनाक्रम

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 540.40 अंक यानी 0.93 प्रतिशत गिरकर 57,301.25 पर बंद हुआ। इससे भी अधिक दबाव निफ्टी स्मॉलकैप 100 पर रहा, जो 347.75 अंक यानी 1.85 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 18,463.60 पर बंद हुआ। यह इस बात का संकेत है कि निवेशकों ने छोटे और मझोले शेयरों से पैसा निकालकर अपेक्षाकृत सुरक्षित लार्जकैप की ओर रुख किया।

सेक्टर-वार प्रदर्शन

बाज़ार को संभालने में निफ्टी आईटी (2.32 प्रतिशत की बढ़त) और निफ्टी हेल्थकेयर (1.58 प्रतिशत की बढ़त) शीर्ष पर रहे। निफ्टी फार्मा (1.55 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज़ (1.17 प्रतिशत), निफ्टी कंज़म्पशन (0.29 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (0.07 प्रतिशत) भी हरे निशान में बंद हुए।

दूसरी तरफ, निफ्टी इंडिया डिफेंस (-2.01 प्रतिशत), निफ्टी कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स (-1.78 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (-1.46 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (-0.97 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (-0.93 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (-0.87 प्रतिशत) गिरावट में रहे।

गेनर्स और लूज़र्स

सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, इंडिगो, इन्फोसिस, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, इटरनल, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, आईटीसी, एशियन पेंट्स, TCS, ICICI बैंक, L&T, HUL और टाइटन बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं SBI, M&M, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, BEL, रिलायंस इंडस्ट्रीज़, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल और मारुति सुज़ुकी लाल निशान में रहे।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाज़ार जानकारों के अनुसार, महंगाई को लेकर लगातार बनी वैश्विक चिंताओं ने इक्विटी बाज़ार पर दबाव बनाए रखा। यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) और बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने भी अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की राह पर चलते हुए ब्याज दरें स्थिर रखीं, जिससे वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता का माहौल बना रहा। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों के ऊँचे वैल्यूएशन को लेकर नए सिरे से उठी चिंताएँ एशियाई बाज़ारों तक पहुँच गईं।

जानकारों ने यह भी बताया कि अमेरिका-ईरान तनाव की ताज़ा खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में और तेज़ी आई, जिससे बाज़ार का समग्र सेंटिमेंट कमज़ोर हुआ और मिड-कैप व स्मॉल-कैप शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली देखी गई। वैश्विक AI शेयरों से पैसा निकालकर चुनिंदा भारतीय आईटी शेयरों में खरीदारी हुई, जिससे लार्जकैप इंडेक्स को आंशिक सहारा मिला।

आगे का रुख

अगले सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की नीतिगत बैठक और घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बाज़ार की नज़र रहेगी। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में डिफेंसिव डिमांड तथा अच्छे तिमाही नतीजों के दम पर तेज़ी जारी रह सकती है, जबकि डिफेंस और एनर्जी सेक्टर पर दबाव बने रहने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस सेगमेंट का मुख्य आधार है, अभी भी कमज़ोर बना हुआ है। IT सेक्टर का सहारा उत्साहजनक है, लेकिन गौरतलब है कि यह तेज़ी घरेलू माँग नहीं, बल्कि वैश्विक AI फंडों से पैसे की आवाजाही का नतीजा है — जो किसी भी समय पलट सकती है। रक्षा और ऊर्जा सेक्टर में एक साथ गिरावट यह सवाल खड़ा करती है कि क्या सरकारी खर्च की कहानी बाज़ार में अपनी चमक खो रही है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 अक्टूबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ बंद हुए?
सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42% की गिरावट के साथ 74,459.53 पर और निफ्टी 50 116.35 अंक यानी 0.51% टूटकर 23,053.10 पर बंद हुआ। यह सत्र मुख्य रूप से मिडकैप और स्मॉलकैप में भारी बिकवाली के लिए जाना जाएगा।
आज के कारोबार में किन सेक्टरों में सबसे ज़्यादा गिरावट रही?
निफ्टी इंडिया डिफेंस (-2.01%), निफ्टी कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स (-1.78%) और निफ्टी मीडिया (-1.46%) सबसे अधिक दबाव में रहे। इनके अलावा एनर्जी, PSU बैंक और ऑटो सेक्टर भी लाल निशान में बंद हुए।
बाज़ार में आज की गिरावट के प्रमुख कारण क्या रहे?
जानकारों के अनुसार वैश्विक महंगाई की चिंता, ECB और BoJ द्वारा ब्याज दरें स्थिर रखना, AI वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताएँ और अमेरिका-ईरान तनाव के चलते कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें प्रमुख कारण रहे। इन सभी कारकों ने मिलकर बाज़ार का सेंटिमेंट कमज़ोर किया।
आज बाज़ार में कौन से शेयर बढ़त में रहे?
IT सेक्टर के इन्फोसिस, TCS और टेक महिंद्रा के साथ-साथ सन फार्मा, HDFC बैंक, ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट और इंडिगो प्रमुख गेनर्स रहे। निफ्टी आईटी 2.32% और निफ्टी हेल्थकेयर 1.58% की बढ़त के साथ शीर्ष सेक्टर रहे।
क्या मिडकैप और स्मॉलकैप निवेशकों को अभी सतर्क रहना चाहिए?
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक अनिश्चितता बने रहने तक मिड और स्मॉलकैप में दबाव जारी रह सकता है। अगले सप्ताह अमेरिकी फेड की बैठक और घरेलू तिमाही नतीजे बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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