कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक का नुकसान

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कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक का नुकसान

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत एक बड़ी गिरावट के साथ की है। अमेरिकी-ईरान संघर्ष और महंगाई की चिंताओं ने निवेशकों को चिंतित किया है। जानें बाजार की वर्तमान स्थिति और विश्लेषकों की सलाह।

Key Takeaways

  • शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी-ईरान संघर्ष है।
  • सेंसेक्स और निफ्टी ने 1 प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की है।
  • निवेशकों को अनुशासित और चयनात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की सलाह दी गई है।
  • इमीडिएट सपोर्ट 22,450-22,500 है।
  • निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस 22,950-23,000 के बीच है।

मुंबई, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी-ईरान संघर्ष के पांचवे सप्ताह में प्रवेश के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और महंगाई की चिंताओं के मद्देनजर, भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।

इसके तहत, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,018 अंक यानी 1.4 प्रतिशत गिरकर 72,565.22 पर खुला, वहीं निफ्टी 270 अंक या 1.2 प्रतिशत गिरकर 22,549.65 पर खुला।

हालांकि, जब तक खबर लिखी गई (सुबह 9.30 बजे के करीब), सेंसेक्स 794.87 अंक (1.08 प्रतिशत) गिरकर 72,788.35 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी50 228.75 (1.00 प्रतिशत) अंक गिरकर 22,590.85 पर ट्रेड कर रहा था।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप 1.26 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 1.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

सेक्टर के हिसाब से, निफ्टी बैंक (2.05 प्रतिशत की गिरावट) और निफ्टी पीएसयू बैंक (1.62 प्रतिशत की गिरावट) सबसे अधिक प्रभावित रहे। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो (0.72 प्रतिशत की गिरावट), निफ्टी एफएमसीजी (0.14 प्रतिशत की गिरावट), निफ्टी आईटी (0.35 प्रतिशत की गिरावट) और निफ्टी फार्मा (0.85 प्रतिशत की गिरावट) के शेयर भी गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखे।

हालांकि, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.62 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 1.41 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया में 0.41 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।

निफ्टी50 में कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, मैक्स हेल्थ, भारती एयरटेल और एसबीआई के शेयर सबसे अधिक गिरावट के साथ ट्रेड करते नजर आए, जबकि हिंडाल्को, कोल इंडिया, बीईएल, ओएनजीसी, पावरग्रिड, एचयूएल और अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयरों में उछाल दर्ज की गई।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मंदीकैंडलस्टिक का बनना लगातार कमजोरी और नकारात्मक भावना को दर्शाता है। निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 22,450-22,500 के दायरे में देखा जा रहा है, जबकि रेजिस्टेंस 22,950-23,000 के बीच है।

विश्लेषकों ने निवेशकों को अनुशासित और चयनात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की सलाह दी और कहा कि वे अल्पकालिक तेजी का पीछा करने के बजाय महत्वपूर्ण गिरावट के दौरान मौलिक रूप से मजबूत शेयरों पर ध्यान दें।

एक विश्लेषक ने कहा, "नई लॉन्ग पोजीशन पर विचार तभी किया जाना चाहिए जब निफ्टी निर्णायक रूप से 24,000 के स्तर को तोड़कर ऊपर उठ जाए और उसे बनाए रखे, जो बेहतर सेंटिमेंट का संकेत देगा और अधिक स्थिर रिकवरी का मार्ग प्रशस्त करेगा।"

Point of View

NationPress
30/03/2026

Frequently Asked Questions

शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण महंगाई की चिंताओं ने बाजार में गिरावट का कारण बना है।
क्या निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश करना चाहिए?
विश्लेषकों ने अनुशासित और चयनात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की सलाह दी है।
निफ्टी का इमीडिएट सपोर्ट और रेजिस्टेंस क्या है?
निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 22,450-22,500 के दायरे में है, जबकि रेजिस्टेंस 22,950-23,000 के बीच है।
क्या हमें इस स्थिति में नई लॉन्ग पोजीशन लेने पर विचार करना चाहिए?
नई लॉन्ग पोजीशन पर विचार तभी किया जाना चाहिए जब निफ्टी 24,000 के स्तर को पार करके स्थिर हो जाए।
बाजार में सबसे अधिक गिरावट वाले सेक्टर कौन से हैं?
निफ्टी बैंक और निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे अधिक गिरावट वाले सेक्टर रहे हैं।
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