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स्लोवाकिया के राजदूत ने 'मेक इन इंडिया' और PM मोदी की तारीफ की, भारत-स्लोवाकिया रक्षा सहयोग बढ़ाने का आह्वान

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स्लोवाकिया के राजदूत ने 'मेक इन इंडिया' और PM मोदी की तारीफ की, भारत-स्लोवाकिया रक्षा सहयोग बढ़ाने का आह्वान

सारांश

स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन ने 'मेक इन इंडिया' को भारत के रक्षा स्वदेशीकरण की मिसाल बताया। PM मोदी की 14-16 जून की स्लोवाकिया यात्रा — 1993 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली — से निवेश, AI और रक्षा क्षेत्र में कई अहम समझौतों की उम्मीद है।

मुख्य बातें

स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन ने 'मेक इन इंडिया' नीति की सराहना करते हुए कहा कि भारत कई रक्षा क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन चुका है।
स्लोवाकिया 1993 से भारत को डिफेंस टेक्नोलॉजी आपूर्ति करता रहा है और रक्षा मंत्रालय व ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के साथ सहयोग कर चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की यात्रा पर जाएंगे — 1993 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा।
यात्रा के दौरान PM मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे।
निवेश, व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और श्रमिकों की आवाजाही समेत कई क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद।

भारत में स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन ने 10 जून को भारत की 'मेक इन इंडिया' नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत अब कई रक्षा क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होंने दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को और गहरा करने का आग्रह किया तथा भारतीय कंपनियों को स्लोवाकिया में आयोजित होने वाली आईडीईबी रक्षा प्रदर्शनी में भाग लेने का निमंत्रण दिया।

रक्षा साझेदारी का बदलता स्वरूप

राजदूत मैक्सियन ने कहा, "स्लोवाकिया डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक भरोसेमंद पार्टनर है। हम 1993 में स्लोवाक गणराज्य के बनने के समय से ही डिफेंस टेक्नोलॉजी की आपूर्ति कर रहे हैं। हमने रक्षा मंत्रालय, पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और भारतीय ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के साथ सहयोग किया है।" उन्होंने आगे कहा, "अब 30 साल बाद हालात बदल गए हैं। 'मेक इन इंडिया' पॉलिसी के तहत भारतीय डिफेंस इंडस्ट्री में स्वदेशीकरण हुआ है और भारत कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन गया है।"

PM मोदी की ऐतिहासिक स्लोवाकिया यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की यात्रा पर जाएंगे। 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे।

समझौतों और सहयोग की उम्मीद

राजदूत मैक्सियन के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच निवेश, व्यापार, इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा छात्रों और श्रमिकों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों और सहमति-पत्रों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दे सकती है।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपनी रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को विविध बनाने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर ज़ोर दे रहा है। स्लोवाकिया जैसे यूरोपीय देशों के साथ रक्षा तकनीक और औद्योगिक सहयोग को मज़बूत करना इस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आईडीईबी प्रदर्शनी में भारतीय कंपनियों की संभावित भागीदारी इस साझेदारी को व्यावहारिक रूप दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा मोदी की यात्रा के बाद होने वाले समझौतों की व्यावहारिक सामग्री से होगी। 1993 के बाद पहली प्रधानमंत्री-स्तरीय यात्रा का महत्व तभी सिद्ध होगा जब AI, रक्षा और व्यापार के वादे ठोस संस्थागत ढाँचे में बदलें, न कि सिर्फ सहमति-पत्रों की सूची बनकर रह जाएं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्लोवाकिया के राजदूत ने 'मेक इन इंडिया' के बारे में क्या कहा?
राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' पॉलिसी के तहत भारतीय रक्षा उद्योग में स्वदेशीकरण हुआ है और भारत कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि 30 साल में भारत-स्लोवाकिया रक्षा संबंधों का स्वरूप बदल चुका है।
PM मोदी स्लोवाकिया कब जाएंगे और यह यात्रा क्यों अहम है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून को स्लोवाकिया की यात्रा पर जाएंगे। 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी, जो इसे ऐतिहासिक महत्व देती है।
मोदी की स्लोवाकिया यात्रा में किन क्षेत्रों में समझौते होने की उम्मीद है?
राजदूत मैक्सियन के अनुसार, निवेश, व्यापार, इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और छात्रों व श्रमिकों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों और सहमति-पत्रों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा सहयोग का इतिहास क्या है?
स्लोवाकिया 1993 में अपनी स्वतंत्रता के बाद से भारत को डिफेंस टेक्नोलॉजी आपूर्ति करता रहा है। उसने भारत के रक्षा मंत्रालय, पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के साथ मिलकर काम किया है और वह भारत को मिलिट्री हार्डवेयर आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में रहा है।
आईडीईबी प्रदर्शनी क्या है और भारतीय कंपनियों को क्यों आमंत्रित किया गया?
आईडीईबी स्लोवाकिया में आयोजित होने वाली एक रक्षा प्रदर्शनी है। राजदूत मैक्सियन ने भारतीय रक्षा कंपनियों को इसमें भाग लेने का निमंत्रण दिया है, ताकि दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच नई साझेदारी और व्यापारिक संभावनाएं तलाशी जा सकें।
राष्ट्र प्रेस
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