स्लोवाकिया के राजदूत ने 'मेक इन इंडिया' और PM मोदी की तारीफ की, भारत-स्लोवाकिया रक्षा सहयोग बढ़ाने का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
भारत में स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन ने 10 जून को भारत की 'मेक इन इंडिया' नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत अब कई रक्षा क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होंने दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को और गहरा करने का आग्रह किया तथा भारतीय कंपनियों को स्लोवाकिया में आयोजित होने वाली आईडीईबी रक्षा प्रदर्शनी में भाग लेने का निमंत्रण दिया।
रक्षा साझेदारी का बदलता स्वरूप
राजदूत मैक्सियन ने कहा, "स्लोवाकिया डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक भरोसेमंद पार्टनर है। हम 1993 में स्लोवाक गणराज्य के बनने के समय से ही डिफेंस टेक्नोलॉजी की आपूर्ति कर रहे हैं। हमने रक्षा मंत्रालय, पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और भारतीय ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के साथ सहयोग किया है।" उन्होंने आगे कहा, "अब 30 साल बाद हालात बदल गए हैं। 'मेक इन इंडिया' पॉलिसी के तहत भारतीय डिफेंस इंडस्ट्री में स्वदेशीकरण हुआ है और भारत कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन गया है।"
PM मोदी की ऐतिहासिक स्लोवाकिया यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की यात्रा पर जाएंगे। 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे।
समझौतों और सहयोग की उम्मीद
राजदूत मैक्सियन के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच निवेश, व्यापार, इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा छात्रों और श्रमिकों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों और सहमति-पत्रों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दे सकती है।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपनी रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को विविध बनाने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर ज़ोर दे रहा है। स्लोवाकिया जैसे यूरोपीय देशों के साथ रक्षा तकनीक और औद्योगिक सहयोग को मज़बूत करना इस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आईडीईबी प्रदर्शनी में भारतीय कंपनियों की संभावित भागीदारी इस साझेदारी को व्यावहारिक रूप दे सकती है।